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Sansad: 'कांग्रेस सांसदों ने स्पीकर को गालियां दीं, प्रियंका-राहुल देखते रहे', किरेन रिजिजू का गंभीर आरोप

Lok Sabha Speaker No-Confidence Motion: केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने हाल ही में कांग्रेस सांसदों पर लोकसभा अध्यक्ष (स्पीकर) के साथ दुर्व्यवहार करने का गंभीर आरोप लगाया है। रिजिजू के अनुसार, लगभग 20-25 कांग्रेस सांसद स्पीकर के कक्ष में जबरन घुस गए और उनके साथ अभद्र भाषा का प्रयोग किया।

उन्होंने यह भी दावा किया कि प्रियंका गांधी वाड्रा और के.सी. वेणुगोपाल जैसे वरिष्ठ नेता वहां मौजूद थे और सांसदों को उकसा रहे थे। यह बयान भारतीय राजनीति में सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच बढ़ते टकराव और संसदीय गरिमा पर उठते सवालों को दर्शाता है।

Lok Sabha Speaker No Confidence Motion

Parliament Budget Session 2026: स्पीकर के कक्ष में हंगामा और दुर्व्यवहार

किरेन रिजिजू ने घटना का विवरण देते हुए बताया कि कांग्रेस सांसदों का आचरण बेहद आपत्तिजनक था। उन्होंने आरोप लगाया कि सांसदों ने स्पीकर के चेंबर में घुसकर न केवल मर्यादा तोड़ी, बल्कि उनके साथ गाली-गलौज भी की। रिजिजू ने कहा कि स्पीकर स्वभाव से बेहद नरम व्यक्ति हैं, इसलिए उन्होंने अब तक कोई कठोर दंडात्मक कार्रवाई नहीं की। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि सदन के मुखिया के साथ ऐसा व्यवहार लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है और इसे नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।

Lok Sabha Speaker Chamber Chaos: वरिष्ठ नेताओं की भूमिका पर सवाल

रिजिजू के बयान का सबसे विवादित हिस्सा प्रियंका गांधी वाड्रा और के.सी. वेणुगोपाल की मौजूदगी से जुड़ा है। उन्होंने दावा किया कि ये वरिष्ठ नेता सांसदों को शांत कराने के बजाय उन्हें "लड़ने" के लिए प्रोत्साहित कर रहे थे। रिजिजू का तर्क है कि जब नेतृत्व ही अनुशासनहीनता को बढ़ावा देने लगे, तो संसदीय मर्यादा को बनाए रखना मुश्किल हो जाता है। सत्तापक्ष इस घटना को विपक्ष की हताशा और सदन की कार्यवाही में बाधा डालने की सोची-समझी रणनीति के रूप में देख रहा है।

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लोकसभा अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव

बता दें कि, कांग्रेस सहित विपक्षी दलों के नेताओं ने लोकसभा अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस दिया है। विपक्षी गठबंधन के 118 सांसदों ने एकजुट होकर सचिवालय को यह नोटिस सौंपा है। जिसके बाद लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने स्वयं को सदन की कार्यवाही से तब तक दूर रखने का निर्णय लिया है, जब तक कि इस प्रस्ताव पर फैसला नहीं हो जाता। यह कदम संसदीय मर्यादा और नैतिकता को बनाए रखने के उद्देश्य से उठाया गया है, ताकि प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान निष्पक्षता पर कोई सवाल न उठे।

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Rahul Gandhi vs Om Birla: राहुल गांधी को बोलने से रोकना बना मुख्य आधार

अविश्वास प्रस्ताव लाने का सबसे बड़ा कारण विपक्ष के नेता राहुल गांधी को राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव के दौरान बोलने की अनुमति न देना बताया गया है। विपक्ष का आरोप है कि अध्यक्ष ने सत्तापक्ष को अनावश्यक छूट दी, जबकि विपक्षी नेताओं की आवाज को दबाया गया।

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