Pradyot Deb Barma: त्रिपुरा के किंगमेकर प्रद्योत देबबर्मा की जानिए कितनी है संपत्ति
प्रद्योत देबबर्मा की बात करें तो उनका जन्म दिल्ली में 1978 में हुआ था, वह त्रिपुरा के 185वें महाराजा कीर्ति बिक्रम किशोर देबबर्मा के एकलौते बेटे हैं। जानिए वह कितनी संपत्ति के मालिक हैं।

Pradyot Deb Barma Asset: उत्तर पूर्व के तीन राज्यों में आज चुनाव के नतीजे सामने आ रहे हैं। त्रिपुरा, मेघालय और नागालैंड में मतों की गणना हो रही है। तीन में से दो राज्य त्रिपुरा और नागालैंड में भाजपा को सीधे तौर पर बढ़त मिलती दिख रही है जबकि मेघालय में भाजपा सिर्फ पांच सीटों पर सिमटती दिख रही है। लेकिन त्रिपुरा की बात करें तो पिछले पांच सालों में यहां काफी कुछ बदला है। पिछले चुनाव में भाजपा को यहां पर अकेले दम पर बहुमत मिला था, लेकिन इस बार का आंकड़ा कम होता नजर आ रहा है। कुछ सीटों पर पार्टी को नुकसान हुआ है, माना जा रहा है कि इसके पीछे की सबसे बड़ी वजह प्रद्योत बिक्रम की पार्टी टिपरा मोथा है।

त्रिपुरा के किंग मेकर
प्रद्योत की बात करें तो वह प्रदेश के राजघराने के परिवार से आते हैं और उनकी पार्टी 10 से अधिक सीटों पर जीतती नजर आ रही है। प्रदेश में विधानसभा की कुल 60 सीटें हैं जिसमे से 30 से अधिक सीटों पर अकेले भाजपा जीतती नजर आ रही है। राजा प्रद्योत देबबर्मा ने चुनाव से पहले नई पार्टी टिपरा मोथा का गठन किया और पहले ही चुनाव में उनकी पार्टी 10 सीटों पर जीतती नजर आ रही है। त्रिपुरा में जबरदस्त प्रदर्शन की वजह से प्रद्योत की काफी चर्चा हो रही है। यहां तक की भाजपा ने भी नतीजों के रुझान देखने के बाद कह दिया है कि हम प्रद्योद देबबर्मा की हर मांग को मानने के लिए तैयार हैं।

कितनी संपत्ति के मालिक
प्रद्योद देबबर्मा अगरतला में रहते हैं, यहां उनका एक राजशाही महल है। रिपोर्ट की मानें तो प्रद्योद की कुल संपत्ति 5 मिलियन डॉलर है यानि प्रद्योत तकरीबन 41 करोड़ की संपत्ति के मालिक हैं। ऑनलाइन पोर्टल allfamousbirthday ने दावा किया है कि प्रद्योत के पास कुल 5 मिलियन डॉलर की संपत्ति है और वह अगरतला स्थित अपने शाही महल में रहते हैं।

राजशाही परिवार से नाता
प्रद्योत देबबर्मा की बात करें तो उनका जन्म दिल्ली में 1978 में हुआ था, वह त्रिपुरा के 185वें महाराजा कीर्ति बिक्रम किशोर देबबर्मा के एकलौते बेटे हैं। लेकिन राजशाही परंपरा खत्म होने के बाद यह राजशाही घराना राजनीति में उतरा। कीर्ति बिक्रम ने कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ा और सांसद बने, उनके बाद उनकी पत्नी महारानी बीहूबी कुमारी देवी ने भी कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ा और दो बार विधायक बनीं और त्रिपुरा सरकार में मंत्री रहीं।

राजनीतिक सफर
लेकिन प्रद्योत देबबर्मा ने राजनीति में अलग राह चुनी। शुरुआत में वह कांग्रेस युवा मोर्चा के साथ जुड़े, वह प्रदेश मे आदिवासी वर्ग के लिए काम करने लगे और उनकी आवाज को मुखरता के साथ उठाने लगे। जिसकी वजह से उनकी लोकप्रियता लगातार बढ़ती रही, बाद में वह प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष बने। लेकिन 2019 में उन्होंने कांग्रेस का हाथ छोड़ टिपरो मोथा का गठन किया। हालांकि शुरुआत में यह राजनीतिक संगठन नहीं था, लेकिन 2021 में स्थानीय चुनाव में प्रद्योत ने स्थानीय चुनाव में कदम रखा और अपनी नई पारी की शुरुआत की। प्रद्योत ने त्रिपुरा में ग्रेटर टिपरालैंड की मांग को उठाया। उनका कहना है कि मौजूदा त्रिपुरा से अलग एक राज्य बनना चाहिए।












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