कनाडा में हिंदू मंदिर पर हमले के मामले में खालिस्तानी नेता गिरफ्तार, तीन अन्य संदिग्धों को हिरासत में लिया
Hindu Temple Attacked In Canada: कनाडा के पील क्षेत्रीय पुलिस ने खालिस्तानी संगठन सिख फॉर जस्टिस से जुड़े इंद्रजीत गोसल (35) को हिंदू सभा मंदिर में श्रद्धालुओं पर हमले के आरोप में हिरासत में लिया है। इंद्रजीत गोसल SFJ का कनाडा में समन्वयक है। गोसल पर हथियार से हमला करने का आरोप लगाया गया है। यह गिरफ्तारी तब हुई जब खालिस्तानी समर्थकों ने मंदिर में एक सभा के दौरान हिंसक प्रदर्शन किया और कई हिंदू भक्तों को निशाना बनाया।
इंद्रजीत गोसल का निज्जर से था गहरा संबंध
इस घटना की पृष्ठभूमि में SFJ द्वारा पंजाब में खालिस्तान के समर्थन में जनमत संग्रह आयोजित करने की योजना और इसके लिए किए गए प्रदर्शन शामिल हैं। गोसल का SFJ के दिवंगत नेता हरदीप सिंह निज्जर से गहरा संबंध था। जो खालिस्तानी आंदोलन का एक प्रमुख चेहरा थे। इस हमले के चलते भारत सरकार की ओर से तीखी प्रतिक्रिया आई। जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने न केवल इस घटना की निंदा की। बल्कि कनाडा में भारतीय नागरिकों और राजनयिकों के खिलाफ ऐसी घटनाओं पर अपनी चिंता जताई।

हिंसक झड़पों में तीन अन्य संदिग्धों को लिया हिरासत
घटना के बाद कनाडाई पुलिस ने हिंसक झड़पों में शामिल तीन अन्य संदिग्धों को भी हिरासत में लिया है। इसके अतिरिक्त पील क्षेत्रीय पुलिस ने नवंबर की इन घटनाओं की गहराई से जांच करने के लिए एक विशेष जांच दल का गठन किया है। जो उपलब्ध वीडियो फुटेज का विश्लेषण कर रहा है। पुलिस का कहना है कि यह कदम जिम्मेदार लोगों को सजा दिलाने और इस तरह की घटनाओं पर रोक लगाने के प्रयासों का हिस्सा है।
स्थानीय समुदाय में बढ़ा सांप्रदायिक तनाव
इस घटना ने स्थानीय समुदायों में सांप्रदायिक तनाव को और बढ़ा दिया है। हिंदू और सिख दोनों समुदायों ने मिसिसॉगा में हिंसा के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। जिससे घटना की व्यापक निंदा हुई और कनाडा में समुदायों के बीच उभरती चुनौतियों का सामना करने के लिए गंभीर सवाल खड़े हुए हैं।
एक अन्य घटनाक्रम में पील पुलिस के अधिकारी हरिंदर सोही को खालिस्तान समर्थक झंडा थामे हुए और भारत विरोधी नारों के साथ प्रदर्शन में शामिल होने के आरोप में निलंबित कर दिया गया है। इस घटना ने कनाडा में खालिस्तान समर्थक गतिविधियों पर बढ़ती चिंताओं को उजागर किया है और ऐसे चरमपंथी तत्वों के प्रति कनाडा के रुख पर सवाल खड़े किए हैं। यह घटनाक्रम दर्शाते हैं कि कनाडा में बढ़ते सांप्रदायिक तनावों से निपटने और सामुदायिक सद्भाव को बनाए रखने के लिए गंभीर प्रयासों की आवश्यकता है।












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