केरल में मुफ्त यात्रा स्कीम से कांग्रेस वाली UDF सरकार की बढ़ी मुश्किल, बस ऑपरेटर्स ने क्यों दी चेतावनी
केरल में निजी बस संचालकों ने राज्य सरकार को चेतावनी दी है कि यदि आगामी बजट में उनके क्षेत्र के लिए राहतकारी कदम नहीं उठाए गए, तो वे हड़ताल पर जा सकते हैं। यह विवाद सरकार के उस फैसले के बाद और तेज हो गया है जिसमें 15 जून से केरल राज्य सड़क परिवहन निगम (KSRTC) की सामान्य सेवाओं में महिलाओं के लिए मुफ्त बस यात्रा शुरू करने की घोषणा की गई है।
AKBOO की चेतावनी और हड़ताल का संकेत
ऑल केरल बस ऑपरेटर्स ऑर्गनाइजेशन (AKBOO) के महासचिव टी. गोपीनाथन ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में चिंता जताई कि मुफ्त यात्रा योजना से निजी बसों की आय पर गंभीर असर पड़ सकता है और उनका संचालन संकट में आ सकता है।
AKBOO की राज्य समिति ने यह भी निर्णय लिया है कि यदि 19 जून को पेश होने वाले राज्य बजट में निजी बस क्षेत्र के लिए कोई विशेष प्रावधान नहीं किया गया, तो हड़ताल शुरू की जा सकती है।

आर्थिक दबाव और सरकारी सहायता की मांग
गोपीनाथन ने कहा कि निजी बस संचालकों ने इस क्षेत्र में लगभग 5,000 करोड़ रुपये का निवेश किया है और छात्र रियायतों सहित सभी सामाजिक जिम्मेदारियों का पालन कर रहे हैं। उन्होंने यह भी बताया कि डीजल की कीमत लगभग 104 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच चुकी है, जिससे छात्र किराए से होने वाली आय ईंधन लागत तक को पूरा नहीं कर पा रही है। छात्र किराए में बढ़ोतरी की सिफारिश दो आयोगों द्वारा की जा चुकी है, लेकिन अब तक इस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
यात्रियों के बदलते रुझान पर चिंता
पोस्ट-कोविड समय में बसों में महिलाओं की संख्या बढ़ी है, जबकि कई पुरुष निजी वाहनों का उपयोग आने-जाने में कर रहे हैं। गोपीनाथन ने चेतावनी दी कि यदि महिलाएं KSRTC की मुफ्त यात्रा योजना को अपनाती हैं, तो निजी बसों के लिए संचालन और भी मुश्किल हो सकता है।
क्या है इनकी मांग?
AKBOO ने स्पष्ट किया कि संगठन सरकारी कल्याण योजनाओं का विरोध नहीं करता, लेकिन वह चाहता है कि निजी बसों को भी समान परमिट शर्तों और नियामक ढांचे के तहत समान व्यवहार मिले।
संगठन ने मुख्यमंत्री वी. डी. सतीसन के पहले दिए गए आश्वासनों को भी याद दिलाते हुए उन्हें लागू करने की मांग की है।
अतिरिक्त राहत की अपील
गोपीनाथन ने कहा कि निजी बसें सरकार द्वारा तय किराए पर चलती हैं, जबकि डीजल, इंजन ऑयल, टायर और बस बॉडी निर्माण जैसी लागतें लगातार बढ़ रही हैं। उन्होंने सरकार से सब्सिडी वाले ईंधन और बीमा प्रीमियम जैसी सहायता देने की भी मांग की।
KSRTC सेवाओं का क्षेत्रीय असर
वर्तमान में KSRTC की सेवाएं मुख्य रूप से केरल के मध्य और दक्षिणी जिलों में केंद्रित हैं। मुफ्त यात्रा योजना लागू होने के बाद उत्तरी जिलों में KSRTC सेवाओं की मांग बढ़ सकती है। AKBOO ने कहा कि इन क्षेत्रों के विधायक भी अतिरिक्त KSRTC सेवाओं के लिए दबाव बना सकते हैं, जिससे निजी बसों पर और असर पड़ेगा।












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