Kerala Nativity Card Bill: केरल कैबिनेट में पास हुआ परमानेंट नेटिविटी कार्ड, जानें किसे और कैसे मिलेगा फायदा
Kerala Nativity Card Bill: केरल राज्य मंत्रिमंडल ने बुधवार, 18 फरवरी को 'केरल नेटिविटी कार्ड बिल' (Kerala Nativity Card Bill) को अपनी मंजूरी दे दी है। यह फैसला राज्य के निवासियों के लिए एक बड़ी राहत के रूप में देखा जा रहा है।
अब उन्हें हर छोटे-बड़े काम के लिए बार-बार 'नेटिविटी सर्टिफिकेट' बनवाने के झंझट से मुक्ति मिल जाएगी।मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन की अध्यक्षता में हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में 'केरल नेटिविटी कार्ड' जारी करने के प्रस्ताव पर मुहर लगा दी गई है।

यह कार्ड उन लोगों के लिए एक स्थायी आधिकारिक दस्तावेज होगा, जो केरल के मूल निवासी हैं। सरकार का उद्देश्य पहचान और निवास साबित करने की प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाना है। जानिए क्या है केरल नेटिविटी कार्ड,किसे और कैसे मिलेगा फायदा...
What is Kerala Nativity Card: क्या है केरल नेटिविटी कार्ड?
वर्तमान में, केरल के निवासियों को विभिन्न सरकारी सेवाओं, छात्रवृत्ति या शैक्षणिक संस्थानों में आरक्षण का लाभ लेने के लिए 'नेटिविटी सर्टिफिकेट' की आवश्यकता होती है। यह सर्टिफिकेट अक्सर एक निश्चित अवधि के लिए ही वैध होता है या इसे हर बार नए सिरे से बनवाना पड़ता है। नया 'नेटिविटी कार्ड' एक स्थायी फोटो-युक्त पहचान पत्र होगा जो आधार कार्ड कि तरह दिखेगा।
यह कार्ड मौजूदा 'नेटिविटी सर्टिफिकेट' के प्रारूप पर ही आधारित होगा, लेकिन इसे कार्ड के रूप में डिजिटल और भौतिक दोनों तरह से इस्तेमाल किया जा सकेगा। सरकार इस कार्ड को वैधानिक (Statutory) मान्यता देने के लिए विशेष कानून ला रही है, ताकि यह एक मजबूत कानूनी दस्तावेज बन सके।
Key Benefits of Kerala Nativity Card: क्या है इस कार्ड के प्रमुख लाभा
केरल सरकार के अनुसार, यह कार्ड आम नागरिक के जीवन को आसान बनाएगा। बार-बार आवेदन से मुक्ति मिलेगा। एक बार कार्ड बन जाने के बाद, व्यक्ति को बार-बार विलेज ऑफिस या तहसील जाने की जरूरत नहीं होगी। इसे राज्य सरकार की सभी सेवाओं, सामाजिक योजनाओं और छात्रवृत्ति के लिए एक प्रामाणिक दस्तावेज के रूप में स्वीकार किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि यह कार्ड उन लोगों के लिए एक सुरक्षा कवच की तरह होगा जिन्हें अपना अस्तित्व या निवास साबित करने में कठिनाई होती है। भविष्य में इस कार्ड में चिप और होलोग्राम जैसे सुरक्षा फीचर्स भी शामिल किए जा सकते हैं।
What is Eligibility Criteria: इस कार्ड के लिए कौन होगा पात्र?
कार्ड जारी करने के नियम वही रहेंगे जो वर्तमान में 'नेटिविटी सर्टिफिकेट' के लिए हैं:
जन्म के आधार पर: जो व्यक्ति केरल में पैदा हुए हैं।
माता-पिता के आधार पर: यदि व्यक्ति केरल से बाहर पैदा हुआ है, लेकिन उसके माता-पिता केरल के मूल निवासी हैं और लंबे समय से वहां रह रहे हैं।
शिक्षा: जिन लोगों ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा का एक बड़ा हिस्सा केरल में पूरा किया है।
जारी करने की प्रक्रिया क्या होगी?
नोडल अथॉरिटी के तहत इसे दिया जाएगा। इस कार्ड को जारी करने की जिम्मेदारी तहसीलदारों (Tahsildars) को सौंपी गई है। केरल के नागरिक इसे 'अक्षय केंद्रों' (Akshaya Centres) या ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। विलेज ऑफिसर द्वारा स्थानीय जांच और रिपोर्ट के बाद तहसीलदार कार्ड जारी करेंगे।
जहां सरकार इसे 'नागरिक-अनुकूल' कदम बता रही है, वहीं विपक्ष ने इसे 'विभाजनकारी राजनीति' करार दिया है। भाजपा का तर्क है कि जब देश में 'आधार' जैसे राष्ट्रीय पहचान पत्र मौजूद हैं, तो एक अलग राज्य-विशिष्ट पहचान कार्ड की क्या आवश्यकता है। हालांकि, सरकार का कहना है कि यह केवल राज्य स्तरीय सेवाओं और मूल निवासी होने के प्रमाण को सरल बनाने के लिए है।
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