क्यों खिसका INDIA bloc का जनाधार? इस राज्य में BJP की बढ़त से टेंशन में 'विपक्ष'
लोकसभा चुनावों में एनडीए की 293 सीटों के मुकाबले विपक्षी गठबंधन इंडिया ब्लॉक को 234 सीटें क्या मिलीं, तीसरी बार भी बीजेपी को सत्ता में आने से नहीं रोक पाने के बावजूद उसके पांव जमीन पर नहीं पड़ रहे हैं।
जबकि, केरल में उसका जनाधार किधर खिसक रहा है, उसका अंदाजा भी वे नहीं लगा पा रहे हैं। मंगलवार को सीपीआई ने अपनी ही बड़ी सहयोगी सीपीएम के उन दावों को ठुकरा दिया कि राज्य के कई हिस्सों में उसका परंपरागत जनाधार भाजपा में शिफ्ट हो गया है।

केरल में किधर जा रहा है इंडिया ब्लॉक का जनाधार?
इंडिया ब्लॉक में शामिल सीपीआई के महासचिव डी राजा का कहना है कि उन्हें कोई संदेह नहीं है और पूरे राज्य में उन्हें ऐसा कोई ट्रेंड नहीं दिखा है, जो सीपीएम के दावों की पुष्टि करता हो।
किधर गया जनाधार, तय नहीं कर पा रही सीपीआई-सीपीएम
जबकि, सीपीएम ने लोकसभा चुनावों में एलडीएफ के प्रदर्शन की समीक्षा के बाद कुछ सीटों पर बीजेपी की ओर 'परंपरागत जनाधार खिसकने' के बारे में कुछ 'परेशान करने वाली चीजों' की पहचान की थी। पार्टी ने कहा था कि त्रिशूर में जहां सीपीआई बीजेपी से हारी है, उसी तरह से कई जगहों पर 'हमारा कुछ जनाधार' भाजपा में चला गया है।
हमें ऐसा कोई ट्रेंड नहीं नजर आया- डी राजा
जब सीपीआई महासचिव डी राजा से उनकी सहयोगी और केरल में सत्ताधारी गठबंधन की सबसे बड़ी पार्टी सीपीएम के मूल्यांकन के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, 'हमें ऐसा कोई संदेह नहीं है। हमारी पार्टी में हमें ऐसा कोई ट्रेंड नहीं नजर आया है।'
केरल में भाजपा का खिला पहला कमल, एलडीएफ में हाहाकार!
त्रिशूर में बीजेपी के सुरेश गोपी ने सीपीआई के वीएस सुनील कुमार को 74,686 वोटों से हराया है। यहां कांग्रेस इंडिया ब्लॉक में रहते हुए भी अलग चुनाव लड़ी और तीसरे नंबर पर पहुंच गई। लोकसभा चुनाव में केरल में यह बीजेपी की पहली जीत है।
इस दौरान सीपीआई नेता ने यह भी कहा कि अगर इंडिया ब्लॉक के सहयोगियों में सही तरीके से सीटों का बंटवारा होता तो उनकी स्थिति ज्यादा अच्छी हो सकती थी। वहीं उन्होंने भाजपा पर केरल और तमिलनाडु में पांव जमाने के लिए बहुत ज्यादा पैसे लगाने और केंद्रीय एजेंसियों के दुरुपयोग का भी आरोप लगाया।
केरल में विधानसभा चुनावों के लिए विपक्ष के सामने बज गई 'खतरे' की घंटी!
वैसे सूत्रों का कहना है कि पार्टी की बैठक में नेताओं को इस बात को लेकर टेंशन में देखा गया कि लोकसभा चुनावों में केरल में बीजेपी को 11 विधानसभा सीटों पर बढ़त मिली है और 8 सीटों पर वह दूसरे स्थान पर रही है। उस राज्य में जहां पार्टी अबतक एक भी लोकसभा सीट नहीं जीती थी, इंडिया ब्लॉक के लिए यह बहुत बड़ी चिंता की वजह हो सकती है।
वायनाड पर फिर से लेफ्ट गठबंधन में विवाद!
जानकारी के मुताबिक वामपंथी गठबंधन के अंदर इस बात को लेकर भी घमासान मचा हुआ है कि वायनाड में तो कांग्रेस के राहुल गांधी के खिलाफ डी राजा की पत्नी एनी राजा को उतारा गया था। लेकिन, उसी सीट पर होने वाले लोकसभा उपचुनाव में प्रियंका गांधी वाड्रा के खिलाफ चुनाव लड़ने से ये पार्टियां कन्नी क्यों काट रही हैं।












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