केरल मानव बलि: मास्टरमाइंड शफी ने फर्जी FB आईडी बनाकर झांसे में लिया, दोनों महिलाओं को ऐसा बनाया टारगेट
Kerala human sacrifice Case: केरल से सामने आई 'मानव बलि' की वारदात राज्य के अब तक से सबसे क्रूर अपराधों में से एक बन गई है। जिसने पूरे देश को हिलाकर रख दिया। पथनमथिट्टा जिले में धनवान बनने के लिए पहले पूजा की गई और फिर दो महिलाओं की बड़ी ही बेदर्दी से हत्या की गई। इस मामले में एक दंपति और एक एजेंट को गिफ्तार कर लिया है। अब इस मामले में नया खुलासा हुआ है। एजेंट मोहम्मद शफी उर्फ रशीद 'मानव बलि' का मास्टरमाइंड था, उसने ही दोनों महिलाओं को पहले अपने टारगेट के तौर पर चुना था। इतना ही नहीं उसने जिस दंपति की आर्थिक हालत के लिए बलि देने के लिए उकसाया। उसके लिए उसने फर्जी फेसबुक प्रोफाइल बनाकर उनसे संपर्क किया था।

'श्रीदेवी' के नाम से बनाई फेक प्रोफाइल
जांच अधिकारियों के मुताबिक शफी ने कथित तौर पर 'श्रीदेवी' के नाम से एक फेक आईडी बनाकर जाल बिछाया और फिर भगवल सिंह से दोस्ती कर ली। शफी ने बाद में खुद को रशीद के रूप में पेश किया। दंपति का विश्वास हासिल करने के बाद शफी ने उन्हें भरोसे में लिया कि मानव बलि से धन और समृद्धि आ सकती है। उसने वादा किया कि वह एक ऐसी महिला को लाएगा, जिसे बलि के रूप में चढ़ाया जा सकता है। रिपोर्ट के मुताबिक शफी ने यह घिनौना अपराध तब किया जब वह कोझेनचेरी में 75 वर्षीय महिला के साथ बलात्कार के मामले में जमानत पर बाहर था।
10 लाख का दिया ऑफर
जून में शफी ने एर्नाकुलम जिले के कलाडी में एक गरीब लॉटरी बेचने वाली रोसिली (50) की अपने शिकार के तौर पर पहचान की। 10 लाख रुपए का ऑफर पाकर रोसिली खुश थी कि उसे एक फिल्म में एक्टिंग करने का मौका मिलेगा। ऐसे वो शफी के साथ जाने के लिए तैयार हो गई। जिसकी बलि बाद में दंपति के घर में हुई। रोसिली की बेटी मंजू ने मीडिया को बताया कि उसने अगस्त में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई थी। उसने आखिरी बार 6 जून को अपनी मां से संपर्क किया था, जिसके बाद रोसिली लापता हो गई थी। रोसलिन पिछले छह साल से सजीश नाम के शख्स के साथ रह रही थी। ऐसे में जांच में देरी हुई, जिससे जाहिर तौर पर आरोपियों का विश्वास बढ़ा। हालांकि शफी से दंपति ने बलि के बाद पर्याप्त 'परिणाम' नहीं मिलने के लिए पूछताछ की थी। उसने उनको आश्वस्त किया कि परिवार के 'श्राप' को दूर करने के लिए एक और बलि देने की जरूरत है।
फिर दूसरे टारगेट को ऐसा चुना
इसके बाद शफी अपने दूसरे टारगेट की तलाश में जुट गया। इस बार उसने कोच्चि के कदवंथरा में एक और लॉटरी विक्रेता पद्मम (52) निशाना बनाया। हालांकि 16 सितंबर को उसके लापता होने के एक दिन बाद पद्मम के बेटे ने कदवंथरा पुलिस स्टेशन में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। जब पुलिस ने पद्मम का फोन को ट्रैक किया, तो आखिरी सिग्नल एलंथूर इलाके में दिखा रहा था। पद्मम के संदिग्ध शरीर के कटे हुए हिस्सों को मंगलवार को दंपति के घर के परिसर से निकाला गया था।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मानव बलि मामले की एक पीड़िता के शव के 56 हिस्से किए गए थे और दोनों पीड़िताओं के प्राइवेट पार्ट्स पर भी चोटें मिली हैं। फिलहाल तीनों आरोपी गिरफ्तार हो गए हैं और पुलिस मामले की जांच कर रही है।












Click it and Unblock the Notifications