लेस्बियन कपल को मिलने नहीं दे रहे थे परिवार, केरल हाईकोर्ट ने दी साथ रहने की इजाजत
केरल हाईकोर्ट ने लेस्बियन कपल को मिलाया, परिवार ने घर से निकलने पर
कोच्चि, 1 जून: केरल हाईकोर्ट ने अपने एक अहम फैसले में लेस्बियन कपल को साथ रहने की इजाजत दी है। अदालत ने मंगलवार को हेबियस कॉर्पस पर सुनवाई करते हुए आदिला नसरीन और फातिमा नूरा नाम की लड़कियों को जबरन अलग करने को गलत बताते हुए साथ में रहने की इजाजत दी है। आदिला ने याचिका में कहा था कि उनको और उनकी पार्टनर फातिमा को परिजन मिलने नहीं दे रहे हैं, जबकि वो साथ रहना चाहती हैं। इस पर जस्टिस विनोद चंद्रन और जस्टिस जयचंद्रन की बेंच ने मंगलवार को ये फैसला दिया है।

22 साल की आदिला 23 साल की फातिमा कुछ साल पहले सऊदी अरब में पढ़ाई के दौरान एक दूसरे से मिली थीं। दोनों को एक-दूसरे से प्यार हो गया और दोंनों ने साथ रहने का फैसला किया। दोनों ने केरल लौटने के बाद हाल ही में परिवारों के सामने ये खुलासा किया कि वो समलैंगिक हैं और एक साथ रहना चाहती हैं। इस पर परिवारों ने दोनों का मिलना-जुलना बंद कर दिया।
परिवारों ने पाबंदियां लगाईं तो आदिला और फातिमा चुपचाप एलजीबीटी समुदाय की मदद करने वाले कालीकट स्थित एक एनजीओ में चली गईं। हालांकि दोनों के परिवारों ने उनका पीछा नहीं छोड़ा। फातिमा को परिवार वाले किसी तरह उसे वहां से ले गए और परेशान करने लगे। फातिमा ने ये आदिला को बताया तो आदिला ने वनजा कलेक्टिव की मदद से केरल हाईकोर्ट में हेबियस कॉपस याचिका दायर की।
अदालत ने मर्जी पूछी और दे दिया फैसला
अदालत ने आदिला और फातिमा नूरा से अदालत ने पूछा कि क्या वे एक साथ रहना चाहती हैं। इस पर दोनों ने एक दूसरे को पसंद करने, बालिग होने और साथ रहने की बात कही। दोनों लड़कियों की बात सुनने और परिवारों के प्रति उनके बर्ताव को जानने के बाद कोर्ट ने दोनों के साथ रहने की इजाजत दे दी। जिसके बाद दोनों साथ में एनजीओ के शेल्टर होम आ गई हैं।












Click it and Unblock the Notifications