पैगंबर मोहम्मद टिप्पणी पर जानिए क्या बोले केरल के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद ?
नई दिल्ली, 07 जून: बीजेपी प्रवक्ता द्वारा पैगंबर मोहम्मद के खिलाफ की गई टिप्पणी के बाद भाजपा ने उन्हें सस्पेंड कर दिया था लेकिन अब ये विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा। इस्लामिक देशों के अलावा अरब देशों ने भी विरोध जताया है। वहीं केरल के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद ने इस मुद्दे पर अपनी प्रतिक्रिया में भाजपा नेता नूपुर द्वारा पैगंबर मोहम्मद पर कथित अपमानजनक टिप्पणी को 'महत्वपूर्ण नहीं' बताते हुए सार्वजनिक माफी मांगने की कतर की मांग की निंदा की। इसके साथ ही राज्यपाल ने प्रधानमंत्री और आरएसएस प्रमुख के समावेशी को मजबूत करने के आह्वान पर ध्यान देने की बात कही।

केरल के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने दिल्ली में पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि लोग अपनी राय रखने के हकदार हैं। इससे क्या फर्क पड़ता है? वह माफी की मांग महत्वपूर्ण नहीं है। भारत इस तरह की छोटी प्रतिक्रियाओं से परेशान नहीं हो सकता।आरिफ मोहम्मद खान ने यह भी कहा कि निलंबित भाजपा नेता ने पैगंबर मोहम्मद के बारे में जो कहा संभावना है कि वह टीवी पर उत्तेजित होते हुए कह दिया होगा। ये चीजें वास्तव में महत्वपूर्ण नहीं हैं।
राज्यपाल ने कहा कि भारत की संस्कृति किसी को दूसरा नहीं मानती है। हमारी परंपरा सहिष्णुता नहीं है, बल्कि सभी परंपराओं के लिए सम्मान और स्वीकृति है। हम सभी परंपराओं का सम्मान करते हैं और हम सभी परंपराओं को सत्य मानते हैं। भारत की संस्कृति किसी को भी दूसरों के रूप में नहीं मानती है।
उन्होंने कहा हमें उस पर अधिक ध्यान देना चाहिए जो प्रधानमंत्री बार-बार कह रहे हैं और आरएसएस प्रमुख बार-बार कह रहे हैं कि हम चाहते हैं कि हमारी समावेशी परंपरा को मजबूत किया जाए। किसी को भी बाहर नहीं किया जाना है। यह हमारी सांस्कृतिक विरासत है। हमें इसे मजबूत करने की जरूरत है।।
मालूम हो नूपुर शर्मा को रविवार को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निलंबित कर दिया गया था क्योंकि उनकी कथित टिप्पणी ने कानपुर में हिंसा भड़काई थी और कड़ी निंदा हुई । विशेष रूप से, संयुक्त अरब अमीरात, कतर, इंडोनेशिया, कुवैत, ओमान, बहरीन, अफगानिस्तान, सऊदी अरब और पाकिस्तान ने पिछले सप्ताह एक टीवी बहस के दौरान की गई विवादास्पद टिप्पणियों की निंदा की।
बता दें रविवार को कतर ने निलंबित भाजपा नेता की पैगंबर मुहम्मद पर टिप्पणी पर भारतीय दूत को तलब किया और भारत सरकार से 'सार्वजनिक माफी' की मांग की। कतर के विदेश राज्य मंत्री सोल्टन बिन साद अल-मुरैखी ने कहा कि इस तरह की 'इस्लामोफोबिक कमेंट' को बिना सजा के जारी रखने की अनुमति देना, मानवाधिकारों की सुरक्षा के लिए एक 'गंभीर खतरा' है और इससे आगे 'पूर्वाग्रह और हाशिए पर' हो सकता है, जो हिंसा और नफरत पैदा करेगा। पैगंबर मुहम्मद पर टिप्पणी पर कतर के दूत के सम्मन के बाद भारत ने जवाब भी दिया।
वहीं नुपुर क बयान को लेकर एक नया टूलकिट मामला सामने आया है जिसके अनुसार पाकिस्तान ने भाजपा नेता नुपुर शर्मा (अब निलंबित) के खिलाफ सोशल मीडिया पर "भारत विरोधी" अभियान चलाया था।












Click it and Unblock the Notifications