Kerala Gold Smuggling: जानिए आखिर कौन है स्वप्ना सुरेश, जिसकी वजह से केरल के मुख्यमंत्री विवादों में घिरे
नई दिल्ली। केरल में 30 किलोग्राम गोल्ड की तस्करी मामले में प्रदेश की पिनारयी विजयन सरकार लगातार घिरती ही जा रही है। विपक्ष के भारी दबाव के बीच इस मामले के जांच के आदेश दे दिए गए हैं। दरअसल तस्करी के इस मामले में मुख्य आरोपी स्वप्ना सुरेश का नाम आने के बाद सरकार पर दबाव काफी बढ़ गया है। अहम बात यह है कि स्वप्ना सुरेश इस स्मगलिंग केस के सामने आने के बाद से ही फरार हैं और उनकी तलाश जोर-शोर से की जा रही है। स्वप्ना सुरेश केरल में आईटी विभाग की कर्मचारी भी रह चुकी हैं और आयकर मंत्रालय मुख्यमंत्री के पास है, यही वजह है कि इस पूरे मामले में प्रदेश की सरकार और मुख्य रूप से मुख्यमंत्री पिनारयी विजयन कटघरे में हैं।
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क्या है पूरा मामला
रविवार को केरल के तिरुवनंतपुरम एयरपोर्ट पर एक डिप्लोमैटिक बैगेज मिला, जिसमे 30 किलोग्राम सोना कस्टम के अधिकारियों ने बरामद किया। यह सोना बाथरूम के उपकरणों के अंदर छुपा कर रखा गया था। जानकारी के अनुसार यह पैकेज संयुक्त अरब अमीरात यानि यूएई दूतावास के लिए नाम से आया था। जांच में यह बात सामने आई कि इस स्मगलिंग के केस में दूतावास के पूर्व कर्मचारी भी शामिल हैं। जिसके बाद कस्टम विभाग ने दूतावास के पूर्व कर्मचारी सरित नायर को हिरासत में ले लिया। बताया जा रहा है कि कुल गोल्ड की कीमत तकरीबन 15 करोड़ रुपए है।

कौन हैं स्वप्ना सुरेश
स्वप्ना सुरेश का जन्म यूएई के अबू धाबी में हुआ था और यहीं से उनकी पढ़ाई-लिखाई पूरी हुई थी। पढ़ाई पूरी करने के बाद वह एयरपोर्ट पर नौकरी करने लगीं। शादी के बाद स्वप्ना का तलाक हो गया और वह अपनी बेटी के साथ तिरुवनंतपुरम आ गईं। केरल में दो वर्षों तक उन्होंने बतौर ट्रैवेल एजेंट काम किया और 20212 में एयर इंडिया में नौकरी करने लगीं। 2016 में उनके खिलाफ क्राइम ब्रांच ने धोखाधड़ी का केस दर्ज किया तो वह वापस अबू धाबी चली गईं। यहां पर उन्होंने यूएई के काउंसलेट में बतौर जनरल सेक्रेटरी काम करना शुरू किया, लेकिन पिछले ही वर्ष उन्होंने इस नौकरी को भी छोड़ दिया। हालांकि पुलिस का कहना है कि उन्होंने नौकरी छोड़ी नहीं थी बल्कि उन्हें नौकरी से निकाला गया था।

कई जगह की है नौकरी
आरोप है कि जब स्वप्ना सुरेश एयर इंडिया सैट्स में बतौर ट्रेनर काम कर रही थीं तो उन्होंने एक अधिकारी को फंसाया था। हालांकि बाद में स्वप्ना ने यह माना था कि उन्होंने अधिकारी पर झूठे आरोप लगाए थे और इसके लिए उन्होंने एक फर्जी महिला को जांच कमेटी के सामने पेश किया था। रिपोर्ट की मानें तो जांच के दौरान पुलिस पर इस बात का काफी दबाव था कि वह स्वप्ना को इस केस में छोड़ दे। जांच के दौरान स्वप्ना ने बताया था कि वह केरल के आयकर विभाग में भी कर्मचारी के तौर पर काम कर चुकी है।

रैकेट चलाने का आरोप
स्वप्ना के लिए जीवन में यूएई काउंसलेट में काम करना काफी अहम साबित हुआ, यहां पर उसने कई बड़े लोगों के साथ पहचान बनाई। वह बड़े-बड़े होटल में होने वाली पार्टियों में शिरकत करने लगी। स्वप्ना को अरबी भाषा के अलावा उसे कई भाषाएं भी आती थी, यही वजह थी कि वह केरल आने वाले अरब नेताओं की टीम में शामिल होती थी। स्वप्ना सुरेश उस वक्त चर्चा में आई जब फिल्म अभिनेत्री शामना खान पर फिरौती केस में फंसी। पुलिस की पूछताछ के दौरान डील वुमन का नाम सामने आया। जिसके बाद कस्टम ने डिप्लोमैटिक बैगेज एयरपोर्ट से बरामद किया जिसमे तकरीबन 15 करोड़ रुपए का गोल्ड था। गोल्ड स्मगलिंग करने वाला यह पूरा गैंग मॉडल्स और एक्ट्रेसेज के जरिए चलाया जाता था। पूछताछ में यह बात सामने आई कि डील वुमन कोई कौर नहीं बल्कि स्वप्ना सुरेश ही है और वह उन लोगों को केस से बाहर निकालने में मदद करती थी जो गंभीर मामलों में फंस जाते थे।

सीएमओ तक थी पहुंच
केरल गोल्ड तस्करी मामले में इलेक्ट्रॉनिक्स एंड इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी सेक्रेटरी एम शिवशंकर का भी नाम सामने आया है। जानकारी के अनुसार इन्होंने ही स्वप्ना को आईटी विभाग में नौकरी दिलाई थी। अहम बात यह है कि एम शिवशंकर मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव भी हैं। लेकिन इस तस्करी केस के सामने आने के बाद मुख्यमंत्री ने उनका तबादला कर दिया और स्वप्ना सुरेश को भी केरल स्टेट आईटी इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड से बर्खास्त कर दिया गया है।












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