केरल में राहत और पुनर्वास के लिए यूएई समेत कतर और मालदीव की मदद नहीं लेगा भारत
नई दिल्ली। केरल में बाढ़ के बाद विदेशी सरकारों द्वारा आर्थिक मदद की पेशकश को भारत स्वीकार नहीं करेगा। संयुक्त अरब अमीरात, कतर और मालदीव ने केरल में राहत, पुनर्वास और पुनर्निर्माण के लिए सहायता की पेशकश की थी। सूत्रों के अनुसार, भारत सरकार ने उस सभी देशों को धन्यवाद दिया है जो केरल की त्रासदी के बाद मदद के लिए आगे आए हैं, लेकिन भारत उनकी सहायता राशि स्वीकार नहीं करेगा।
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खबरों के मुताबिक, भारत सरकार ने कहा है कि केरल में राहत और पुनर्वास कार्य अपने संसाधनों के जरिए किया जाएगा। बता दें कि केरल में भारी तबाही के बाद कई देशों ने आर्थिक मदद की पेशकश की है। यूएई की सरकार ने 700 करोड़ की सहायता देने की पेशकश की थी। केरल के सीएम विजयन ने यूएई का आभार भी व्यक्त किया था। कतर ने भी 35 करोड़ की सहायता केरल के बाढ़ पीड़ितों के लिए देने की घोषणा की थी। जबकि मालदीव ने 50 हजार डॉलर की सहायता देने की पेशकश की थी।
बता दें कि केरल में भीषण त्रासदी के कारण करीब 400 लोगों की मौत हो गई। लाखों लोग बेघर हो गए जबकि राज्य में 5645 राहत शिविरों में 10 लाख से अधिक लोग रहने को मजबूर हैं। राज्य में राहत और बचाव कार्य युद्धस्तर पर चलाया जा रहा है। केरल की मदद को केंद्र सरकार से लेकर तमाम राज्य आगे आए हैं। वहीं कई देशों ने भी मदद की पेशकश की है।
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