केरल: तबाही में नहीं बची अंतिम संस्कार तक की जगह, पादरी ने खोले चर्च के दरवाजे
केरल में आई भयानक त्रासदी के बीच स्थानीय लोग एक-दूसरे की मदद को आगे आ रहे हैं। इंसानियत की ऐसी ही एक मिसाल केरल के चिथिरापुरम में देखने को मिली जहां एक हिंदू व्यक्ति को ईसाई रीति-रिवाज के साथ दफनाया गया। चिथिरापुरम के रिलीफ कैंप में एक हिंदू व्यक्ति की मौत हो गई।

मुन्नार। केरल में आई भयानक त्रासदी के बीच स्थानीय लोग एक-दूसरे की मदद को आगे आ रहे हैं। इंसानियत की ऐसी ही एक मिसाल केरल के चिथिरापुरम में देखने को मिली जहां एक हिंदू व्यक्ति को ईसाई रीति-रिवाज के साथ दफनाया गया। चिथिरापुरम के रिलीफ कैंप में एक हिंदू व्यक्ति की मौत हो गई। परिवार के पास उनके अंतिम संस्कार के लिए कोई जगह नहीं थी, इसके बाद एक पादरी ने आकर इस हिंदू परिवार की मदद की और उन्हें चर्च में पूरे ईसाई रीति-रिवाज के साथ दफनाया।

बाढ़ में लुट गया सबकुछ
केरल में मुन्नार के पास चिथिरापुरम में एक रिलीफ कैंप में एक हिंदू व्यक्ति की मौत हो गई। चिथिरापुरम के रहने वाले सुब्रमण्यम की तबीयत रिलीफ कैंप में काफी खराब हो गई। तबीयत बिगड़ने पर उन्हें प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया जहां शनिवार को उन्होंने दम तोड़ दिया। सुब्रमण्यम के परिवार का बाढ़ में सबकुछ लुट गया था और उनके पास अपने पिता के अंतिम संस्कार के लिए भी जगह नहीं थी।

मदद को आगे आए पादरी, दी चर्च में जगह
तभी पल्लीवसल में सेंट एनी चर्च के पादरी शिंटो वेल्लीपरमबिल इस हिंदू परिवार की मदद के लिए आगे आए। उन्होंने चर्च के कब्रिस्तान में सुब्रमण्यम को दफनाने का प्रस्ताव दिया जिसके लिए परिवार भी राजी हो गया। इसके बाद पादरी वेल्लीपरमबिल ने चर्च के कब्रिस्तान में सुब्रमण्यम का पूरे रीति-रिवाज के साथ अंतिम संस्कार किया। सुब्रमण्यम का अंतिम संस्कार शनिवार दोपहर किया गया जिसके बाद उसी कब्रिस्तान में शव को दफनाया गया।

दी इंसानियत की मिसाल
पादरी वेल्लीपरमबिल ने कहा कि हम अपने पूर्वजों की बात का पालन कर रहे हैं जिन्होंने कहा था कि हमें एक-दूसरे के लिए बेहतर होना चाहिए। ये अवसर अपने पड़ोसियों की मदद के लिए इस्तेमाल किया जाना चाहिए जो संघर्ष कर रहा है। चर्च ने बिना व्यक्ति की जाति जाने उसकी मदद की।












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