Kerala floods: सुप्रीम कोर्ट का निर्देश, 31 अगस्त तक मुल्लापेरियार डैम में जलस्तर 139.99 फीट रहे
नई दिल्ली। केरल में बारिश और बाढ़ के कारण सैकड़ों लोगों की जान चली गई जबकि लाखों लोग बेघर हो गए। वहीं, बाढ़ के कारण 10 लाख से अधिक लोग राहत शिविरों में रहने को मजबूर हैं। जबकि इस आपदा को लेकर केरल ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दायर कर कहा था कि तमिलनाडु द्वारा मुल्लापेरियार डैम से अचानक पानी छो़ड़ने के कारण बाढ़ ने विकराल रूप ले लिया। वहीं, इस मामले पर सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश दिया है कि 31 अगस्त तक मुल्लापेरियार डैम में जलस्तर 139.99 फीट रहे।
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केरल सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के समक्ष हलफनामा दायर करते हुए कहा था कि तमिलनाडु सरकार द्वारा मुल्लापेरियार बांध से अचानक ही पानी छोड़ा जाना राज्य में बाढ़ आने का एक प्रमुख कारण था। हलफनामे में केरल सरकार ने कहा था कि राज्य में बाढ़ के कारण करीब 54 लाख लोग प्रभावित हुए। केरल सरकार ने ये भी कहा कि तमिलनाडु सरकार से बार-बार अनुरोध किया गया लेकिन उन्होंने उच्चतम स्तर पर गए बिना ही डैम से पानी छोड़ दिया।
केरल में बाढ़ से भारी तबाही
केरल इस समय बाढ़ की भयानक त्रासदी के बाद उबरने के प्रयासों में लगा हुआ है। जबकि केरल में महामारी का खतरा भी बढ़ गया है। दूसरी ओर राज्य के सामने बेघर हुए लाखों लोगों के पुनर्वास और जलजनित बीमारियों को रोकना एक बड़ी चुनौती है। केरल की मदद के लिए बड़ी संख्या में लोग आगे आए हैं और ये लोग हरसंभव बाढ़ पीड़ितों की सहायता कर रहे हैं।
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