Kerala Election Result 2026: अपनी ही सीट पर पिछड़े CM पिनाराई विजयन, सोशल मीडिया से क्यों हटाया 'CM' का टैग
Kerala Election Result 2026: केरल विधानसभा चुनाव 2026 की मतगणना जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, राज्य की सियासत में भूचाल आता दिख रहा है। सबसे चौंकाने वाली खबर मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन की पारंपरिक सीट धर्माडम (Dharmadam) से आ रही है।
शुरुआती कई राउंड की गिनती के बाद विजयन अपने प्रतिद्वंद्वी से लगातार पीछे चल रहे हैं।

इस बीच, अपनी हार की आहट और राज्य में सत्ता परिवर्तन के स्पष्ट संकेतों को देखते हुए पिनाराई विजयन ने एक बड़ा प्रतीकात्मक कदम उठाया है। उन्होंने मतगणना के रुझानों के बीच ही अपने सोशल मीडिया प्रोफाइल (X और फेसबुक) के बायो से 'Chief Minister' शब्द हटा दिया है।
Pinarayi Vijayan सोशल मीडिया बायो में बदलाव: फाइनल नतीजे से पहले हार मान लिए?
रविवार शाम 3 मई को ही पिनाराई विजयन के सोशल मीडिया अकाउंट्स में यह बदलाव देखा गया था। उनके नए बायो में अब केवल 'पोलित ब्यूरो सदस्य, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी)' लिखा हुआ है। राजनीतिक विश्लेषक इसे रुझानों के आने से पहले ही विजयन द्वारा हार स्वीकार करने के संकेत के रूप में देख रहे हैं।
धर्माडम का सियासी दंगल: अपने ही गढ़ में घिरे विजयन
पिनराई विजयन की पहचान केरल के एक मज़बूत और अजेय नेता के रूप में रही है। पिनाराई विजयन अपनी पारंपरिक सीट धर्माडम से तीसरी बार ऐतिहासिक जीत की उम्मीद कर रहे थे, लेकिन यूडीएफ (UDF) के उम्मीदवार ने उनके किले में सेंध लगा दी है। बीजेपी के के. रंजीत ने उनके वोट बैंक में बड़ी सेंध लगा दी है। लेकिन इस बार उनकी अपनी सीट धर्माडम का मुकाबला उनके लिए गले की फांस बन गया है।
रुझानों के मुताबिक, विजयन अपने मुख्य प्रतिद्वंद्वी और कांग्रेस (UDF) उम्मीदवार एडवोकेट वी.पी. अब्दुल रशीद से पिछड़ रहे हैं। विश्लेषकों का मानना है कि चुनाव परिणाम से पहले सोशल मीडिया बायो से 'मुख्यमंत्री' हटाना एक असामान्य कदम है।
राज्य में सत्तारूढ़ LDF इस बार लगातार तीसरी बार सत्ता में वापसी की कोशिश कर रहा है, लेकिन शुरुआती रुझानों में UDF की मजबूत बढ़त ने मुकाबले को कड़ा बना दिया है। ऐसे में मुख्यमंत्री का अपनी ही सीट पर पिछड़ना पार्टी के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।
फाइनल नतीजों पर टिकी नजर
फिलहाल पूरे केरल की नजर अंतिम नतीजों पर टिकी है। यह देखना अहम होगा कि क्या पिनाराई विजयन वापसी कर पाते हैं या यह चुनाव राज्य की राजनीति में बड़ा बदलाव लेकर आता है। केरल में 'हर पांच साल में सरकार बदलने' की पुरानी परंपरा को तोड़ने का दावा करने वाले विजयन के लिए आज का दिन उनके राजनीतिक करियर की सबसे बड़ी अग्निपरीक्षा साबित हो रहा है। अगर यह रुझान नतीजों में तब्दील होते हैं, तो यह न केवल विजयन की व्यक्तिगत हार होगी, बल्कि केरल में वामपंथ के लिए भी एक बड़ा झटका साबित होगा।














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