Kerala Election 2026: कांग्रेस के स्टार प्रचारकों में राहुल गांधी से लेकर कन्हैया तक, शशि थरूर का क्या हुआ?
Kerala Election 2026: केरल विधानसभा चुनाव 2026 को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। कांग्रेस ने राज्य में चुनावी अभियान को धार देने के लिए 40 स्टार प्रचारकों की सूची जारी कर दी है। इस सूची में पार्टी के शीर्ष नेताओं को शामिल किया गया है, जो राज्यभर में चुनाव प्रचार की कमान संभालेंगे। सबसे ज्यादा चर्चा इस चुनाव में शशि थरूर की हो रही है, क्योंकि वह तिरुवनंतपुरम से सांसद हैं। पिछले काफी वक्त से पार्टी में साइडलाइन भी किए जा रहे हैं।
स्टार प्रचारकों की सूची में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, सीपीपी चेयरपर्सन सोनिया गांधी, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, वायनाड से सांसद प्रियंका गांधी जैसे नाम हैं। पार्टी से लंबे समय से नाराज बताए जा रहे शशि थरूर का नाम भी स्टार प्रचारकों की लिस्ट में रखा गया है।

Kerala Election 2026: युवा नेताओं को भी दिया गया मौका
कांग्रेस के महासचिव केसी वेणुगोपाल, कर्नाटक के सीएम सिद्धारमैया जैसे अनुभवी नामों को स्टार प्रचारकों की लिस्ट में रखा गया है। इसके अलावा, युवा नेताओं को भी जिम्मेदारी दी गई है। इसमें जेएनयू छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष कन्हैया कुमार शामिल हैं। इसके अलावा, सचिन पायलट, कर्नाटक के डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार भी केरल में चुनाव प्रचार करते नजर आएंगे। सूत्रों के हवाले से बताया जा रहा है कि युवा और महिला वोटर्स को आकर्षित करने के लिए खास रणनीति तैयार की जा रही है।
Kerala Election: कांग्रेस की नजर सत्ता वापसी पर
चुनाव आयोग के अनुसार, केरल की 140 सदस्यीय विधानसभा के लिए 9 अप्रैल को एक ही चरण में मतदान होगा, जबकि 4 मई को नतीजे घोषित किए जाएंगे। राज्य विधानसभा का कार्यकाल 23 मई को समाप्त हो रहा है। चुनाव प्रक्रिया के तहत 16 मार्च को अधिसूचना जारी की गई थी, 23 मार्च तक नामांकन दाखिल हुए, 24 मार्च को उनकी जांच हुई और 26 मार्च तक नाम वापसी की प्रक्रिया पूरी कर ली गई। कांग्रेस की कोशिश एक दशक के बाद प्रदेश की सत्ता में वापसी की है।
Congress के सामने इस बार कठिन चुनौती
इस बार केरल में मुकाबला दिलचस्प और कड़ा होने की संभावना है। जहां एक ओर कांग्रेस के नेतृत्व वाला यूडीएफ (UDF) सत्ता में वापसी की कोशिश में जुटा है, वहीं वाम मोर्चा (LDF) अपनी पकड़ बनाए रखने के लिए पूरी ताकत लगा रहा है। दूसरी तरफ बीजेपी (BJP) भी राज्य में अपना जनाधार बढ़ाने की कोशिश कर रही है, जिससे चुनाव त्रिकोणीय होने के संकेत मिल रहे हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस बार केरल में कांग्रेस, लेफ्ट और बीजेपी के बीच सीधा मुकाबला देखने को मिल सकता है। कुछ सीटों पर त्रिकोणीय मुकाबला होने से जीत के समीकरणों पर फर्क पड़ सकता है।












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