क्या केदारनाथ की तरह केरल पर मंडरा रही तबाही? एक्सपर्ट ने बताई सैलाब की पीछे की असली वजह
केरल में इन दिनों भयंकर तबाही का मंजर नजर आ रहा है। मौसम विभाग ने सैटेलाइट तस्वीर में इस बात को साफ किया है कि केरल के आसपास बादलों का भयंकर जमावड़ा था।
मौसम विभाग ने सैटेलाइट तस्वीर में इस बात को साफ किया है कि केरल के आसपास बादलों का भयंकर जमावड़ा था। ऐसा ही कुछ केदारनाथ में आई भयंकर त्रासदी के वक्त भी हुआ।

साल 2013 का समय था, जब केदारनाथ में भयंकर त्रासदी आई थी। तब बादल पहाड़ों में फंस गए थे। और इसी वजह से कहीं ना कहीं वायनाड में भयंकर तबाही आई। अरब सागर को लेकर मौसम वैज्ञानिक बताते हैं कि ये तेजी से गर्म हो रहा है। इससे समंदर में ट्रफ बना हुआ है। यही वजह है कि पूरा कोंकण इलाका दो दिनों तक प्रभावित रहा। घटना के आसपास मीसोस्केल क्लाउड सिस्टम भी बना।
वैज्ञानिकों ने देखा कि केरल के पास अरब सागर के आसपास बहुत गहरे बादल बन रहे हैं। इसे आमतौर पर वेरी डीप क्लाउड सिस्टम कहा जाता है। कई बार ये जमीन की ओर बढ़ जाता है।
एक तो पहले ही अरब सागर की गर्मी बढ़ रही है और ऊपर से बादलों का झुंड भयंकर तरीके से बन रहा है। ऐसे में यही वजह है कि केरल में ये तबाही आई। वहीं केदारनाथ की त्रासदी को लेकर भी बताया गया कि यहां पहाड़ियों की वजह से बादल फंस गए थे। ऐसे में यहां भयंकर त्रासदी आई।
डीप क्लाउड सिस्टम ही वजह थी दोनों त्रासदियों की। कहीं ना कहीं केरल और केदारनाथ में इन क्लाउड्स की वजह से ही आपदा आई। ऐसे में एक्सपर्ट दोनों घटनाओं को साथ जोड़कर देख रहे हैं। एक्सपर्ट्स की मानें तो केरल में अभी भी भीषण हवाएं चलने के आसार हैं।
केरल तबाही की बात करें तो वाडनाड में भारी बारिश के चलते भयंकर तबाही हुई है। भारी बारिश के बीच जमीन सिरकने लगी। लोग सेफ जगहों पर भागने लगे। 300 से ज्यादा लोगों की इस घटना में जान चली गई है। इस घटना ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया है। लोगों को केदारनाथ हादसे की याद आ गई।












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