कांग्रेस में 'कास्टिंग काउच'! पार्टी के अंदर से बार-बार क्यों उठ रही है महिला उत्पीड़न की आवाज?
Congress Casting Couch: केरल में कांग्रेस के भीतर कास्टिंग काउच की संस्कृति का आरोप लगाने वाली महिला नेता को पार्टी से निष्कासित किए जाने को लेकर कांग्रेस के भीतर से ही सवाल खड़े हो रहे हैं। छत्तीसगढ़ के पूर्व डिप्टी सीएम टीएस सिंह देव का कहना है कि वे 100 फीसदी महिला के समर्थन में हैं और ऐसा क्यों हुआ इसकी जानकारी उन्हें नहीं है।
कांग्रेस के अंदर इस तरह के महिला उत्पीड़न के गंभीर आरोप पहली बार नहीं लगे हैं। हाल के दिनों में ही कम से कम ऐसे दो और मामले आ चुके हैं, जिसमें पार्टी आरोप लगाने वाली महिला की जगह आरोपी नेताओं के साथ ही खड़ी दिखी है।

सवाल बनता है कि अगर किसी वरिष्ठ कांग्रेसी नेता ने जब पार्टी के अंदर महिलाओं के यौन उत्पीड़न वाली समस्या सामने रखी तो पार्टी ने दावे की सच्चाई समझने से पहले उसपर ही गाज क्यों गिराई?
जस्टिस हेमा कमेटी की रिपोर्ट के बाद महिला नेता ने किया दावा
दरअसल, जस्टिस हेमा कमेटी की रिपोर्ट की वजह से इस समय केरल फिल्म उद्योग बहुत ही बदनाम हो चुका है। रिपोर्ट के मुताबिक मलयालम सिनेमा में बिना समझौता किए किसी भी महिला का टिके रह पाना मुमकिन ही नहीं है और सारा का सारा फिल्म उद्योग कुछ मुट्ठीभर पुरुषों के कब्जे में है, जिनके खिलाफ आवाज उठाने वालों का फिल्मी करियर ही चौपट कर दिया जाता है।
कांग्रेस में कास्टिंग काउच वाली संस्कृति का माहौल- AICC की पूर्व सदस्य का दावा
इसी रिपोर्ट पर चर्चा के दौरान एक निजी टीवी चैनल पर शनिवार को दिए एक इंटरव्यू में ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी (AICC) की पूर्व सदस्य और वरिष्ठ कांग्रेस नेता सिमी रोजबेल जॉन ने दावा किया कि कांग्रेस के भीतर भी ऐसा माहौल बना हुआ है, जहां महिलाओं को आगे बढ़ने के लिए शोषण का शिकार होना पड़ता है।
बस इसके अगले ही दिन पार्टी ने इसे महिला पदाधिकारियों का अपमान और राजनीतिक दुश्मनों के लिए काम करने का आरोप लगाते हुए उन्हें पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निकाल दिया।
'कांग्रेस में महत्वपूर्ण पद प्राप्त करने के लिए पुरुषों को 'खुश' करना पड़ता है'
जॉन के आरोपों के मुताबिक पार्टी के भीतर जिन महिलाओं के पास टैलेंट या अनुभव की कमी है, वैसी महिलाओं को महत्वपूर्ण पद प्राप्त करने के लिए पुरुषों को 'खुश' करना पड़ता है। उन्होंने केरल में विपक्ष के नेता वीडी सतीशन के अलावा कई कांग्रेस नेताओं पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया है। हालांकि, सतीशन ने आरोपों को गलत बताया है।
जांच तो होनी ही चाहिए- टीएस सिंह देव
कहीं न कहीं कांग्रेस में भी एक वर्ग है, जो पार्टी की वरिष्ठ महिला सदस्य पर की गई कार्रवाई से सहमत नहीं है। छत्तीसगढ़ के पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंह देव ने कहा,"मैं व्यक्तिगत तौर पर कह सकता हूं कि कहीं भी देश में या समाज में ऐसी घटना हो....तो सौ में सौ बार महिला के साथ हैं......जांच तो होनी ही चाहिए, क्यों निकाला गया मेरे को डिटेल्स नहीं मालूम..... "
यूथ कांग्रेस अध्यक्ष पर आरोप लगाने वाली महिला को भी निकाल दिया था
पिछले साल इसी तरह पार्टी ने असम की पूर्व यूथ कांग्रेस अध्यक्ष अंकिता दत्ता को 6 वर्षों के लिए पार्टी से निकाल दिया था। दरअसल, उन्होंने भी कांग्रेस नेतृत्व के करीबी माने जाने वाले राष्ट्रीय युवक कांग्रेस के अध्यक्ष श्रीनिवास बीवी पर उत्पीड़न के आरोप लगाए थे। उनका भी आरोप था कि उनकी शिकायतों के बावजूद पार्टी ने श्रीनिवास पर कोई कार्रवाई नहीं की, बल्कि उन्हें ही बाहर कर दिया।
राधिका खेड़ा ने भी बदसलूकी और कमरे में बंद करने के आरोप लगाकर पार्टी छोड़ी
इसी साल मई में राधिका खेड़ा ने भी पार्टी में अपने साथ बदसलूकी होने और कोई कार्रवाई नहीं किए जाने का आरोप लगाकर कांग्रेस छोड़ी थी।
उन्होंने आरोप लगाए थे, '(अयोध्या में राम लला के दर्शन की वजह से )मेरे चरित्र पर सवाल उठाए जाने लगे...... छत्तीसगढ़ के मीडिया प्रमुख शराब ऑफर करने लगे..... ......छत्तीसगढ़ पार्टी मुख्यालय में सुशील आनंद शुक्ला ने मुझसे बदतमीजी की.... मैं चिल्लाई... दरवाजा बंद कर दिया गया........... एक मिनट तक कमरा बंद रहा.... मैं चीखती रही पर कोई मदद के लिये सामने नहीं आया....... मुझसे लगातार बदसलूकी की गई.. सबसे शिकायत की... किसी ने मेरी बात नहीं सुनी... वो सोचती हूं, तो रोंगटे खड़े हो जाते हैं......'












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