Kerala Matrize Opinion Poll:इस बार टूट जाएगा 'लेफ्ट' का किला? सर्वे के आंकड़ों ने बढ़ाई पिनराई विजयन की टेंशन!
Kerala Assembly Election 2026 Matrize Opinion Poll: केरल विधानसभा चुनाव 2026 (Kerala Election 2026) के लिए सियासी पारा अपने चरम पर है। 140 सीटों वाली विधानसभा के लिए 9 अप्रैल को होने वाले मतदान से ठीक पहले आए Matrize के ओपिनियन पोल ने राज्य की राजनीति में हलचल मचा दी है। इस सर्वे के नतीजे संकेत दे रहे हैं कि इस बार मुकाबला इतना कड़ा है कि किसी भी गठबंधन के लिए बहुमत का जादुई आंकड़ा (71 सीटें) छूना एक बड़ी चुनौती साबित हो सकता है।
जहां मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन (CM Pinarayi Vijayan) के नेतृत्व में एलडीएफ (LDF) लगातार तीसरी बार सत्ता में वापसी कर इतिहास रचने की कोशिश में है, वहीं कांग्रेस के नेतृत्व वाला यूडीएफ (UDF) 15 साल के लंबे इंतजार को खत्म करने के लिए पूरी ताकत झोंक रहा है। इसी खींचतान के बीच बीजेपी नीत एनडीए (NDA) इस बार 'किंगमेकर' की भूमिका में उभरता दिख रहा है। इस वजह से इस बार केरल में मुकाबला त्रिकोणीय होता दिख रहा है।

केरल ओपिनियन पोल, बहुमत की राह में कांटे, किसे कितनी सीटें?
इंडिया टीवी पर प्रसारित MATRIZE के ताजा ओपिनियन पोल के अनुसार, केरल की 140 सीटों पर किसी को भी स्पष्ट बहुमत मिलता नहीं दिख रहा है। आंकड़ों का खेल बेहद दिलचस्प है:
| गठबंधन | अनुमानित सीटें | वोट शेयर (%) | |
|---|---|---|---|
| 1 | UDF (यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट) | 67 - 73 | 42% |
| 2 | LDF (लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट) | 62 - 68 | 39% |
| 3 | NDA (नेशनल डेमोक्रेटिक अलायंस) | 05 - 08 | 15% |
| 4 | अन्य | 00 - 03 | 4% |
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NDA बन सकता है 'गेमचेंजर'
सर्वे के आंकड़े बताते हैं कि NDA 5 से 8 सीटें जीत सकता है। अगर विधानसभा त्रिशंकु (Hung Assembly) की स्थिति में पहुंचती है, तो ये मुट्ठी भर सीटें सरकार बनाने के समीकरणों को पूरी तरह बदल सकती हैं। 15% वोट शेयर के साथ एनडीए इस बार राज्य के चुनावी नतीजों को प्रभावित करने की ताकत रखता है।
Kerala: मलाबार में UDF तो दक्षिण में LDF का पलड़ा भारी
केरल की भौगोलिक राजनीति में इस बार भी उत्तर और दक्षिण के बीच स्पष्ट विभाजन दिख रहा है।
- मलाबार क्षेत्र: यहां कांग्रेस के नेतृत्व वाला UDF काफी मजबूत स्थिति में है। सर्वे के मुताबिक, UDF को यहां 25-27 सीटें मिल सकती हैं, जबकि सत्ताधारी LDF को 20-22 सीटों पर संतोष करना पड़ सकता है।
- दक्षिण केरल: इस हिस्से में वामपंथ का किला सुरक्षित नजर आ रहा है। LDF को यहाँ 23-26 सीटें मिलने का अनुमान है, जबकि UDF 20-23 सीटों के आसपास सिमट सकता है।
केरल में गठबंधन का स्वरूप और राजनीतिक इतिहास
केरल की जंग में इस बार तीन प्रमुख मोर्चे आमने-सामने हैं:
- LDF: CPI(M) और CPI के साथ केरल कांग्रेस (एम), RJD और NCP (SP) जैसे दल शामिल हैं।
- UDF: कांग्रेस के साथ मुस्लिम लीग (IUML), केरल कांग्रेस के विभिन्न गुट और RSP चुनावी मैदान में हैं।
- NDA: बीजेपी के साथ BDJS और 'ट्वेंटी20' पार्टी का गठबंधन राज्य में अपनी जड़ें जमाने की कोशिश कर रहा है।
पिछला रिकॉर्ड: 2021 के चुनावों में LDF ने 99 सीटें जीतकर प्रचंड बहुमत हासिल किया था, जिसमें अकेले CPI(M) ने 62 सीटें जीती थीं। उस समय UDF महज 41 सीटों पर सिमट गया था और NDA का खाता भी नहीं खुला था। 2016 में भी LDF ने 77 सीटें जीतकर सत्ता हासिल की थी।
मतदान और मतगणना की तारीख
केरल की सभी 140 सीटों पर 9 अप्रैल 2026 को एक ही चरण में मतदान होगा। इसके बाद, जनता का फैसला 4 मई 2026 को मतगणना के दिन साफ होगा। क्या पिनराई विजयन हैट्रिक लगाएंगे या कांग्रेस की 'हाथ' में सत्ता वापस आएगी, इसका फैसला अब चंद दिनों की दूरी पर है।
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