Katra Ropeway: जम्मू-कश्मीर में विरोधी दलों के साथ क्यों हुई BJP?
Katra Ropeway Project: जम्मू और कश्मीर की राजनीति में एक दिलचस्प सीन देखने को मिल रहा है। वहां माता वैष्णो देवी यात्रा के लिए रोपवे प्रोजेक्ट का जबरदस्त विरोध हो रहा है। यह विरोध मुख्य रूप से स्थानीय कारोबारी और इस यात्रा से जुड़े लोग कर रहे हैं, जिन्हें सत्ताधारी नेशनल कांफ्रेंस और उसकी सहयोगी पार्टियों समेत विपक्षी पीडीपी का भी समर्थन प्राप्त है।
माता वैष्णो देवी यात्रा की शुरुआत जम्मू कश्मीर के रियासी जिले के कटरा शहर से होती है। यही उसका बेस कैंप है। श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड की ओर से कटरा शहर से सांझीछत तक के लिए 300 करोड़ रुपए की लागत से रोपवे बनाने का प्रस्ताव है। इसके चेयरमैन जम्मू और कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा हैं। लेकिन, फिर भी बीजेपी इस परियोजना के खिलाफ विरोधी दलों के साथ खड़ी हो गई है।

Katra Ropeway: रोपवे प्रोजेक्ट के विरोध में एकजुट हुए राजनीतिक दल
कटरा-सांझीछत रोपवे प्रोजेक्ट के विरोध की अगुवाई श्री माता वैष्णो देवी संघर्ष समिति कर रही है। प्रदर्शनकारी इस प्रोजेक्ट के खिलाफ कटरा बंद का आह्वान किए हुए हैं। रविवार को जब इसको लेकर विरोध-प्रदर्शन हो रहा था,तो उसमें सभी राजनीतिक दलों को एक सुर में बोलता देखकर सबको हैरानी हो रही थी।
इस विरोध प्रदर्शन में उस दिन जो नेता पहुंचे थे उनमें जम्मू और कश्मीर के उपमुख्यमंत्री और नेशनल कांफ्रेंस के नेता सुरिंदर चौधरी, बीजेपी एमएलए बलदेव राज शर्मा, नेशनल कांफ्रेंस के जम्मू प्रांत के अध्यक्ष रतन लाल गुप्ता, पूर्व मंत्री और बीजेपी के वरिष्ठ नेता अजय नंदा, गुलाम नबी आजाद की पार्टी के पूर्व नेता जुगल किशोर शर्मा, कांग्रेस नेता और पूर्व मंत्री योगेश साहनी और पूर्व बीजेपी नेता पवन खजुरिया शामिल हैं।
Katra Ropeway: लोगों की आजीविका प्रभावित होने की आशंका के चलते हो रहा है विरोध
नौशेरा के विधायक सुरिंदर चौधरी ने कहा, 'हालांकि, विकास की सराहना होनी चाहिए,लेकिन इससे किसी व्यक्ति की आजीविका को नुकसान नहीं होना चाहिए।' उनके मुताबिक कटरा के तारकोटे से सांझीछत के बीच प्रस्तावित रोपवे प्रोजेक्ट से हजारों लोगों की रोजी-रोटी प्रभावित होगी, जो वैष्णो देवी तीर्थयात्रा पर आश्रित हैं। उनके मुताबिक उन्हें और रतन लाल गुप्ता को पार्टी अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला और मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कटरा भेजा है।
अपने भाषण में उपमुख्यमंत्री ने नेताओं से आग्रह किया कि राजनीति से ऊपर उठकर इस मुद्दे पर एकजुटता दिखाएं। उन्होंने कहा कि यह राजनीतिक मुद्दा नहीं है, बल्कि कटरा के लोगों की बात है कि जो कि पीढ़ियों से इसी की वजह से अपना गुजारा कर रहे हैं।
Katra Ropeway: बीजेपी नेता ने प्रोजेक्ट के उद्देश्य पर सवाल उठाया
वहीं स्थानीय बीजेपी एमएलए बलदेव शर्मा ने भी प्रदर्शनकारियों का समर्थन किया और कहा कि पार्टी उनके साथ खड़ी है। जबकि, पूर्व मंत्री और वरिष्ठ बजेपी नेता अजय नंदा ने प्रस्तावित रोपवे प्रोजेक्ट की उद्देश्य पर सवाल उठाते हुए कहा कि इस तरह के विकास से रोजगार पैदा होने की जगह 'लगभग 40,000 लोगों की आजीविका छीन जाएगी।'
Katra Ropeway: उपराज्यपाल ने सभी के हितों का ख्याल रखने का दिया भरोसा
वैसे लेफ्टिनेंट जनरल मनोज सिन्हा ने बातचीत के जरिए इस मामले का समाधान करने की बात कहते हुए कहा है कि इसके लिए चार-सदस्यीय उच्च स्तरीय समिति बनाई गई है। इस समिति में पूर्व डीजीपी अशोक भान, रिटायर जज और जम्मू-कश्मीर सर्विस कमीशन के पूर्व सदस्य सुरेश शर्मा, श्राइन बोर्ड के सीईओ अंशुल गर्ग और जम्मू के डीसी रमेश कुमार शामिल हैं।
Katra Ropeway: एलजी ने किया मौजूदा यात्रा मार्ग में तीर्थयात्रियों की संख्या कम नहीं होने का दावा
एलजी ने भरोसा दिलाया है कि श्राइन बोर्ड सभी स्टेकहोल्डरस के हितों का ध्यान रखेगा और दावा किया कि प्रस्तावित रोपवे से माजूदा यात्रा मार्ग में तीर्थयात्रियों की कमी नहीं होगी। उनके मुताबिक रोपवे का टिकट खरीदने के लिए भी यात्रियों को कटरा में निहारिका तक तो जाना ही पड़ेगा।
सिन्हा का कहना है कि रोपवे का निर्माण राष्ट्रीय हरित अधिकरण के निर्देशों के मुताबिक किया जा रहा है,जिसमें पुराने यात्रा मार्ग से खच्चरों और घोड़ों को फेज-वाइज हटाने को कहा है। इस रूट को चौड़ा किया जा रहा है और वहां सजावटी स्ट्रीट लाइटें लगाई जा रही हैं।
लेकिन, संघर्ष समिति तब तक सुनने को तैयार नहीं था, जब तक उनकी मांगों पर विचार नहीं किया जाता। इसमें हिरासत में लिए गए 18 प्रदर्शनकारियों की रिहाई और रोपवे परियोजना को स्थगित करना शामिल था। हालांकि, प्रदर्शनकारियों की अब रिहाई कर दी गई है।












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