जम्मू-कश्मीर: आतंक छोड़ने वालों के लिए 'मददगार' हेल्पलाइन जारी
यह उन भटके हुए युवाओं की मदद करेगी जो घाटी में आतंक की राह पर चल पड़े हैं और अब वापस मुख्यधारा में लौटना चाहते हैं। यह कदम फुटबॉलर से आतंकी बने माजिद के सरेंडर के बाद उठाया गया है जो दो दिन पहले ही आतंकियों का साथ छोड़ वापस अपने घर लौटा है।
नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा एजेंसियां खुले तौर पर आतंक का रास्ता छोड़ने वाले लोगों की मदद कर रही हैं। सीआरपीएफ ने एक हेल्पलाइन नंबर जारी किया है जिसके जरिए घाटी में आतंक का रास्ता चुन चुके युवा मेनस्ट्रीम में वापस लौट सकते हैं। सीआरपीएफ ने इसके लिए 14411 नंबर से एक टोल फ्री हेल्पलाइन जारी की है। आतंकी की राह से लौटने में मदद करने वाली इस हेल्पलाइन को 'मददगार' का नाम दिया गया है।

यह उन भटके हुए युवाओं की मदद करेगी जो घाटी में आतंक की राह पर चल पड़े हैं और अब वापस मुख्यधारा में लौटना चाहते हैं। यह कदम फुटबॉलर से आतंकी बने माजिद के सरेंडर के बाद उठाया गया है जो दो दिन पहले ही आतंकियों का साथ छोड़ वापस अपने घर लौटा है।
जम्मू कश्नीर में सीआरपीएफ के इंस्पेक्टर जनरल जुल्फिकार हसन ने जानकारी देते हुए कहा, 'मुझे लगता है कि काफी युवा वापस आना चाहते हैं, मैं उन सभी भरोसा दिलाना चाहता हूं कि वह खुले तौर पर आतंक की राह से वापस आ सकते हैं।' सीआरपीएफ ने इसी साल जून में कश्मीरी नागरिकों की मदद के लिए यह हेल्प लाइन जारी की थी, अब इस दिशा में भी इसका विस्तार किया जा रहा है।
आईडी हसन ने बताया कि यह हेल्प लाइन पुलिस और सेना दोनों की है। साथ ही आतंकियों समेत उनके परिजन, दोस्त भी वापसी के लिए इसकी मदद ले सकते हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि एजेंसी किसी भी तरह से उन्हें प्रताड़ित नहीं करेगी।सरकार और सुरक्षाबलों की कोशिशों के बीच घाटी के युवा माजिद के बाद आतंक का रास्ता चुनने वाले एक और युवक ने घर वापसी की है। साउथ कश्मीर के रहने वाले एक युवक ने परिजनों की अपील पर वापस घर लौटने का फैसला किया है।












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