दिल्ली का कश्मीर हाऊस बना सियासत का केन्द्र
नई दिल्ली( विवेक शुक्ला) राजधानी के पृथ्वीराज रोड स्थित जम्मू-कश्मीर हाउस में माहौल गर्म हो गया है। नेताओं की कारों के आने-जाने का सिलसिला शुरू हो गया है। राज्य में नई सरकार के गठन की उम्मीदों के बीच इधर आज से प्रदेश के बहुत से आला नेताओं के पहुंचने की खबरों के चलते गतिविधियां तेज हो गई है।

मान जा रहा है कि आज कार्यवाहक मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और पीडीपी नेता महबूबा मुफ्ती इधर आएंगे। वे राज्य में सरकार के गठन को लेकर विभिन्न दलों के नेताओं से बात कर सकते हैं। प्रदेश भाजपा के भी नेताओं के यहां पर पहुंचने की संभावनाएं हैं।
आबाद हुआ हाऊस
राजधानी स्थित जम्मू-कश्मीर हाउस में माहौल शांत रहता है। जब तक राज्य से कोई बड़ा नेता या अफसर ना आए तो यहां पर जिंदगी मंद रफ्तार से ही चलती है। बहरहाल, अब तय मान कर चलिए जम्मू-कश्मीर में बनने वाली आगामी सरकार में भाजपा की अहम भूमिका रहने वाली है। यही नहीं, राज्य में पहली बार हिन्दू मुख्यमंत्री बनने की भी उम्मीदें बढ़ गई है।
नेशनल कांफ्रेंस के नेता उमर अब्दूल्ला आज या कल राजधानी में होंगे। वे दिल्ली में भाजपा के नेताओं से सरकार के गठन को लेकर बात कर सकते हैं। भाजपा का साथ देने के बदले में नेशनल कांफ्रेंस को भी मलाई मिल जाएगी। उनके कुछ विधायकों को मंत्री पद और उमर को केन्द्र सरकार में मंत्री पद मिल सकता है।
विधायकों का मन जाना
जानकारों ने बताया कि भाजपा ने मिशन 44 प्लस की उलझे गणित को सुलझा लिया है। अब उमर अब्दुल्ला पार्टी नेताओं से विचार विमर्श के बाद भाजपा सरकार को समर्थन देने का ऐलान कर सकते हैं। कल रविवार को केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने नवनिर्वाचित विधायकों का मन जाना।
विधायक दल ने नई सरकार के लिए प्रयासों पर सहमति जताई है। पीपुल्स कांफ्रेंस और निर्दलियों विधायकों का भाजपा को समर्थन के बाद पीडीपी-कांग्रेस का संभावित गठबंधन खत्म होता दिखता है।
उमर की हां और ना
इस बीच,उमर अब्दुल्ला कह रहे है कि भाजपा के साथ कोई डील नहीं हुई है। उन्होंने ट्विटर पर लिखा कि उम्मीद करता हूं कि भाजपा, पीडीपी अथवा कांग्रेस में से कोई आगे आएगा और सरकार बनाएगा। हालांकि जानकार कहते हैं कि उमर ही साथ देंगे भाजपा का। अगर नहीं देंगे तो नेशनल कांफ्रेंस के विधायक पार्टी से टूट जाएंगे।
जानकारों ने बताया कि नई सरकार के गठन के बारे में राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह फैसला करेंगे। भाजपा विधायकों के साथ बैठक के बाद अरुण जेटली ने कहा था कि भाजपा के सभी 25 विधायकों ने केंद्रीय नेतृत्व को विधायक दल के नेता का निर्णय लेने एवं सरकार गठन संबंधी फैसला लेने का अधिकार दिया है।












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