वानी की पहली बरसी पर किले में तब्दील घाटी, सात जुलाई से इंटरनेट और मोबाइल बंद
श्रीनगर। आने वाले दिन जम्मू कश्मीर के लिए काफी मुश्किल साबित होने वाले हैं। इंटेलीजेंस ब्यूरों (आईबी) की ओर से सुरक्षाबलों को हाई अलर्ट पर रहने के लिए कहा गया है। ऐसा इसलिए है क्योंकि आठ जुलाई को हिजबुल मुजाहिद्दीन के आतंकवादी बुरहान वानी की मौत को एक वर्ष पूरा हो जाएगा। वानी की बरसी पर अलगाववादी नेताओं की ओर से बड़े कार्यक्रम की तैयारी की गई है। इसमें कई आतंकवादियों के शामिल होने की भी आशंका है।

आईबी ने जारी किया अलर्ट
आईबी के अलर्ट में कहा गया है कि ये लोग बड़े पैमाने पर घाटी में हिंसा फैला सकते हैं। इसके अलावा इसी मौके पर हो सकता है कि हिजबुल के आका सैय्यद सलाउद्दीन को अमेरिका की ओर से आतंकी घोषित किए जाने का विरोध भी हो। घाटी में सभी स्कूलों को बंद कर दिया गया है। अथॉरिटीज ने फैसला किया है कि छह जुलाई को खुलने वाली तमाम शिक्षण संस्थाओं को 10 दिन बाद खोला जाएगा। इसके अलावा घाटी के ज्यादातर हिस्सों में कर्फ्यू भी लगाया जाएगा। सात जुलाई से कर्फ्यू शुरू हो जाएगा। इस कर्फ्यू को कब हटाया जाए इसका फैसला स्थिति को देखने के बाद लिया जाएगा।
जुलाई के पहले हफ्ते से रैलियां
सात जुलाई से ही घाटी में इंटरनेट और मोबाइल सर्विसेज भी बंद रहेंगी। इन सर्विसेज से बैन हटाने का फैसला भी हालातों को देखने के बाद ही होगा। आईबी की मानें तो सलाउद्दीन ने अपने आतंकियों को आदेश दिए हैं कि वे न सिर्फ वानी बल्कि उन सभी आतंकियों के घर जाएं जो एनकाउंटर में मारे गए हैं। इसके अलावा जुलाई के पहले हफ्ते से ही कई रैलियों का आयोजन शुरू हो जाएगा।












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