Karwa Chauth: सबसे पहले किसने रखा था करवा चौथ का व्रत? जानिये सिर्फ 'चंदा मामा' की ही क्यों होती है पूजा...
Karwchauth 2023: कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को महिलाएं अपने पति की लंबी आयु के लिए हर साल करवाचौथ का व्रत रखती हैं। इस बार पति के लिए रखा जाने वाला ये त्योहार 1 नवंबर को मनाया जा रहा है। आपने देखा होगा कि करवाचौथ के दिन चांद की खासतौर पर पूजा की जाती है। इसके साथ आपको बताते हैं कि पहली बार किसने और क्यों करवाचौथ का व्रत रखा था।
मान्यता है कि करवाचौथ का व्रत रखने से पति पर आने वाला हर एक संकट दूर हो जाता है और उसे दीर्घायु मिलती है। जिस तरह से ये व्रत रखा जाता है, इसका उद्देश्य पति की लंबी आयु की कामना करना ही होता है। व्रत रखने की ये परंपरा सदियों से चलती आ रही है।

सबसे पहले किसने रखा करवा चौथ का व्रत?
किसी भी त्यौहार को लेकर कई तरह की प्राचीन कथाएं प्रचलित रहती हैं। ऐसे ही करवाचौथ को लेकर भी कई तरह की कथाएं हैं, जिनमें इस बात का साफतौर पर जिक्र किया गया है कि ये त्यौहार क्यों मनाया जाता है और सबसे पहले इसे किसने मनाया था। इस संबंध में न्यूज 18 ने देवघर के प्रसिद्ध ज्योतिष पंडित नंद किशोर मुद्गल जी से खास बात की। पंडित ने बताया कि इस दिन महिलाएं निर्जला व्रत रख अपने पति की लंबी आयु की कामना करती हैं। सबसे पहले करवा चौथ का व्रत पार्वती माता ने भगवान शिव के लिए रखा था।
पति की जिंदगी के लिए परेशान थी देवियां
एक दूसरी प्राचीन कथा के मुताबिक देवताओं का जब राक्षसों संग युद्ध चल रहा था तो राक्षस देवताओं पर भारी पड़ रहे थे। इसके बाद सभी देवियां ब्रह्मदेव के पास पहुंची और अपने पतियों की रक्षा के लिए सलाह मांगी। तभी ब्रह्मदेव ने पतियों की लंबी आयु के लिए करवा चौथ का व्रत रखने का सभी देवियों को सुझाव दिया। तभी से करवा चौथ का व्रत रखने की परंपरा चली आ रही है।












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