करतापुर: कश्मीरियों के बाद खालिस्तानी आतंकियों के भरोसे पाकिस्तान

बेंगलुरु। गुरुनानक के 550 वें प्रकाश पर्व पर करतारपुर स्थित नानक करतारपुर साहिब में तैयारियां अंतिम चरण पर हैं। भक्तों में करतारपुर दर्शन जाने के लिए खासा उत्‍साह है। महज दो दिनों बाद भारत के पंजाब प्रांत से सिक्ख भक्तों का पहला जत्‍था करतापुर साहेब गुरुद्वारें में दर्शन के लिए जाएगा। सिखों का इस गुरुद्वारे से धार्मिक लगाव है इसलिए भाारत सरकार ने भी पाकिस्‍तान के करतापुर कॉरीडोर के प्रस्‍ताव के लिए हामी भरी थीं। लेकिन करतारपुर कॉरीडोर की शुरुआत होने के बाद से की पाकिस्‍तान की इसके पीछे की नापाक इरादे का खुलासा कई बार हो चुका है कि कश्‍मीरियों के बाद वह खालिस्‍तानी आतंकियों के सहारे भारत में चारों ओर आतंकवाद फैलाना चाहता हैं। हाल ही में पाकिस्‍तान द्वारा जारी किए करतापुर साहेब गुरुद्वारे के प्रमोशनल विडियो ने इस पर एक और मोहर लगा दी हैं। ऐसे में हमारी सरकार को और सतर्क हो जाने की जरुरत है।

kartarpur

कश्‍मीर से धारा 370 हटाए जाने के बाद से भारत के खिलाफ कश्‍मीर की आड़ झूठा प्रपोगेंडा मचाने वाला पाकिस्‍तान जब हर तरफ से हार गया हैं तो खालिस्‍तानियों को अपना हथियार बना चुका हैं। वर्तमान सरकार आतंकवाद को लेकर बहुत गंभीर हैं ऐसे में यह अपने इस विडियो में खालिस्‍तानी आतंकियों को दिखा कर कट्टरवादी सिखों की सहानुभूति हासिल करना चाहता है। साथ ही वह भारत को धमकाना चाहता हैं कि कश्‍मीरियों के बाद खालिस्‍तानी आतंकियों के जरिए भारत को बरबाद करेगा। इस विडियो से साफ हो चुका है कि पाकिस्‍तान जो करतापुर के द्वारा अमन और शांति की बात कर रहा है वह सब सरासर झूठी और बेमानी हैं।

 विडियो में खालिस्‍तानी आतंकियों की दिखाई तस्‍वीर

विडियो में खालिस्‍तानी आतंकियों की दिखाई तस्‍वीर

बता दें 9 नवंबर को इस कॉरिडोर का उद्घाटन होना है मगर इस उद्घाटन से पहले ही पाकिस्तान अपनी नापाक हरकतों के कारण एक बार फिर सुर्खियों में आ चुका हैं। करतापुर कॉरीडोर के उद्घाटन से पहले पाकिस्‍तान द्वारा करतापुर साहेब गुरुद्वारें से संबंधित गाने का प्रमोशनल विडियो रिलीज किया। जिसमें तीन हिस्सों में पोस्ट किए गए इस गाने में जरनैल सिंह भिंडरावाले समेत अन्य खालिस्तानी लीडर्स की तस्वीर भी इस वीडियो में दिखाई गई है। इस विडियो के एक पार्ट में खालिस्‍तानी मूवमेंट के प्रमुख जनरैल सिंह भिंडरावाले,अमरीक सिंह खालसा और मेजर जनरल (निष्कासित) शाहबेग सिंह की तस्वीर लगे पोस्टर को दिखाया गया है।

ये खालिस्‍तानी समर्थक ब्‍लूस्‍टार के तहत मारे गए थे

ये खालिस्‍तानी समर्थक ब्‍लूस्‍टार के तहत मारे गए थे

बता दें तीनों खालिस्तान समर्थकों को 1984 में हुए ऑपरेशन ब्लूस्टार के तहत मार गिराया गया था। इसमें दिखाया गया जरनैल सिंह भिंडरावाले एक खालिस्तानी समर्थक नेता था, जिसने भारत सरकार के खिलाफ मोर्चा खोला था। वहीं अमरीक सिंह खालसा भी खालिस्तान समर्थक था, जो ऑल इंडिया सिख स्टूडेंट फेडरेशन चलाता था। इसके अलावा शाहबेग सिंह की बात करें तो ऑपरेशन ब्लूस्टार के वक्त शाहबेग ने भिंडरावाले का साथ दिया था

करतापुर कॉरीडोर की नींव रखने के तुरंत बाद भी हुआ था खुलासा

करतापुर कॉरीडोर की नींव रखने के तुरंत बाद भी हुआ था खुलासा

गौरतलब है कि जब डेरा बाबा नानक में श्री करतारपुर साहिब के लिए बॉर्डर तक बनने वाले कॉरिडोर की नींव रखी गई। इसी बहाने पाकिस्तान ने खालिस्तान मूवमेंट का जिक्र छिड़ गया था। पाकिस्तान के अखबार डेली टाइम्स ने संपादकीय में कॉरिडोर के बहाने भारत पर निशाना साधा था। अखबार ने लिखा था कि भारत में सिख समुदाय डर के माहौल में जी रहा रहा है। इसमें 1984 के सिख विरोधी दंगों का भी उल्लेख किया गया। संपादकीय में लिखा गया है कि भारत सरकार ने खालिस्तान की मांग के डर से यह फैसला लिया। भारत सरकार को यह आशंका थी कि अगर श्री करतारपुर साहिब कॉरिडोर के लिए रास्ता न खोला गया, तो खालिस्तान की मांग फिर से भड़क सकती है।

पोस्‍टर लगाकर सिखों के लिए अलग राज्य की मांग की थी

पोस्‍टर लगाकर सिखों के लिए अलग राज्य की मांग की थी

बता दें पंजाब के कई जिलों में पिछले दिनों रेफरेंडम-2020 के पोस्टर लगाकर सिखों के लिए अलग राज्य की मांग की गई। रेफरेंडम 2020 अभियान का मुख्य उद्देश्य पंजाब को शेष भारत से अलग करना था। विदेश में रह रहे गर्म ख्‍याल वाले सिख भी इसे समर्थक थे। अखबार ने इस्लामिक स्कॉलर मसूद अहमद खान के हवाले से लिखा है कि इस फैसले से सिखों की वर्षों पुरानी मांग पूरी हुई है। यहां तक कि अखबार ने लिखा कि नवजोत सिद्धू की ओर से पाक सेना अध्यक्ष जावेद कमर बाजवा से गले मिलने के बाद ही यह फैसला मुमकिन हुआ। हालांकि भारत में सिद्धू को आलोचना का सामना करना पड़ा।इसके बावजूद नवजोत सिंह सिद्धू एक बार फिर अपने दोस्‍त पाक पीएम इमरान खान निमंत्रण स्‍वीकार कर पाकिस्‍तान करतापुर जाने के लिए खासे उतावले हैं।

आईएसआई सिख समुदाय को उकसा रही

आईएसआई सिख समुदाय को उकसा रही

गौरतलब है कि कुछ दिन पहले भी ननकाना साहिब में खालिस्तान समर्थक नारेबाजी व पोस्टर लगाए गए थे। पाकिस्तान सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की ओर से लगाए गए इन पोस्टरों में भारत विरोधी नारे लिखे गए थे। पोस्टरों में पाक सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के विवादित महासचिव गोपाल सिंह चावला की तस्वीर लगी थी। भारतीय एजेंसियों के मुताबिक पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई सिख समुदाय को उकसाने के मकसद से ऐसी हरकतों को अंजाम देती रहती है।

कैप्‍टन अमरिंदर सिंह ने भी जतायी है ये अशंका

कैप्‍टन अमरिंदर सिंह ने भी जतायी है ये अशंका

आतंकवाद को पोशित करने वाले पाकिस्‍तान के लिए आतंकवाद एक जरुरत बन चुका है। 70 सालों से कश्‍मीरियों को आतंकवाद के नाम पर कुरबान करने वाला पाकिस्‍तान की अब कश्‍मीर सीमा पर दाल नहीं गल रही तो वो खालिस्‍तानी आतंकियों को बढ़ावा देकर भारत में शांति भंग करने का प्रयास कर रहा है। पंजाब के मुख्‍यमंत्री कैप्‍टन अमरिंदर सिंह भी इसके बारे में अशंका जता चुके हैं। बुधवार को कैप्टन अमरिंदर सिंह ने एक बार फिर करतारपुर कॉरिडोर के पीछे पाकिस्तान की मंशा पर सवाल किया है। अमरिंदर सिंह ने कहा है कि एक सिख होने के नाते वह काफी खुश हैं लेकिन बतौर मुख्यमंत्री उन्हें पाकिस्तान की नियत पर काफी शक होता है।

भारत की खुफिया एंजेसी की रिपोर्ट

भारत की खुफिया एंजेसी की रिपोर्ट

वहीं एक नही कई बार भारत की खुफिया सुरक्षा एंजेसियां भी भारत सरकार को इसके बारे में सचेत कर चुकी है।इतना ही नही पिछले कुछ महीनों में कई ऐसी घटनाएं हुई जिसमें खुलासा हुआ कि पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में आतंकियों को प्रशिक्षित करने का काम शुरू हो गया है। गौरतलब है कि पिछले दिनों पंजाब में पाकिस्तानी ड्रोनों द्वारा हथियारों की तस्करी के मामले सामने आ चुके हैं। इसलिए अब इस खुलासे ने पाकिस्तान की नापाक साजिश की पोल खोल दी है। सिख धर्म की आड़ में वह करतापुर कॉरिडोर के माध्‍यम से आतंकियों को भेजने के लिए इस्‍तेमाल कर सकता है। करतापुर कॉरीडोर से कंगाल पाकिस्‍तान एक तरफ वहां जाने वाले भक्तों से टिकट के नाम पर मोटी रकम वसूल कर अपनी कंगाली दूर करेगा वहीं पूरे विश्‍व के सामने अपनी खराब इमेज को सुधार कर राजनीतिक फायदा उठाना भी चाहता हैं।इसलिए भारत सरकार भारत की सुरक्षा को लेकर और भी सतर्क हो चुकी हैं।

इसे भी पढ़े- करतापुर कॉरीडोर- पाकिस्‍तान का मोहरा बने सिद्धू पाक जाकर दोहराएंगे पुरानी गलती

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