क्या तटीय कर्नाटक के अपने गढ़ को बचा पाएगी बीजेपी, श्री राम सेना से भी मिल रही है चुनौती?

Karnataka elections: तटवर्ती कर्नाटक को बीजेपी का गढ़ माना जाता रहा है। लेकिन, इस बार उसके सामने कुछ चुनौतियां नजर आ रही हैं। लेकिन, फिर भी वह दूसरों से बेहतर स्थिति में लग रही है।

Karnataka elections:BJP is facing some challenges in coastal areas, but still looks stronger than others

तटीय कर्नाटक को राज्य में धार्मिक राजनीति का केंद्र माना जाता है। 2018 के चुनाव में भाजपा ने यहां के तीनों जिलों उत्तर कन्नड़, दक्षिण कन्नड़ और उडुपी की 19 में से 16 सीटें जीत ली थीं। लेकिन, बीजेपी के गढ़ माने जाने वाले इस इलाके में अबकी बार सत्ताधारी दल के सामने कुछ नई और बड़ी चुनौतियां खड़ी हुई हैं।

Karnataka elections:BJP is facing some challenges in coastal areas, but still looks stronger than others

बीजेपी का गढ़ माना जाता है तटवर्ती कर्नाटक
2018 के विधानसभा चुनाव में दक्षिण कन्नड़ और उडुपी में तो 13 में से 12 पर भाजपा का कब्जा हुआ था। कांग्रेस सिर्फ मैंगलोर सीट जीत सकी थी। हिजाब और हलाल विवाद उडुपी जिले से ही शुरू हुआ था, जिसने राष्ट्रीय राजनीति को भी प्रभावित करना शुरू कर दिया था। इसलिए धार्मिक भावना के लिए यह इलाका कितना संवेदनशील है, यह समझा जा सकता है।

Karnataka elections:BJP is facing some challenges in coastal areas, but still looks stronger than others

16 में से 6 सीटिंग एमएलए का टिकट काटा
भारतीय जनता पार्टी किसी भी स्थिति में अपने इस किले को मजबूत बनाए रखना चाहती है। पार्टी यहां किसी भी तरह का चांस नहीं ले सकती, इसलिए सीटिंग एमएलए के प्रति एंटी-इंकंबेंसी फैक्टर को खत्म करने के लिए अपने 16 में से 6 विधायकों का टिकट काट दिया है। पार्टी ने पूरे कर्नाटक में इतनी ज्यादा संख्या में सीटिंग विधायकों का टिकट कहीं नहीं काटा है।

Karnataka elections:BJP is facing some challenges in coastal areas, but still looks stronger than others

श्री राम सेना के नेता से मिल रही बीजेपी को चुनौती
इलाके में सारस्वत ब्राह्मण और मोगावीरा मछुआरों की जनसंख्या अच्छी-खासी है। इन दोनों जातियों का भाजपा के प्रति झुकाव माना जाता है। लेकिन, बीजेपी के लिए एक चुनौती श्री राम सेना के नेता प्रमोद मुतालिक ने खड़ी की है, जो उडुपी की करकल सीट से निर्दलीय चुनाव लड़ रहे हैं।

Karnataka elections:BJP is facing some challenges in coastal areas, but still looks stronger than others

Recommended Video

    Karnataka Election 2023 | Congress Manifesto Bajrang Dal Ban | Himanta Biswa Sarma | वनइंडिया हिंदी

    निर्दलीय चुनाव लड़ रहे हैं प्रमोद मुतालिक
    श्री राम सेना की विचारधार की वजह से भाजपा को दिक्कत हो सकती है। मसलन, करकल के 28 वर्षीय फल बिक्रेता गिरीश नायक ने ईटी को बताया, 'मैं बीजेपी को वोट देता हूं, लेकिन इस बार मैं प्रमोद मुतालिक को वोट देना चाहूंगा।' ऐसे ही कुछ और लोग हैं, जो भाजपा के मौजूदा विधायक से बहुत नाखुश हैं, लेकिन कांग्रेस को वोट देना नहीं चाहते।

    Karnataka elections:BJP is facing some challenges in coastal areas, but still looks stronger than others

    इस सीट पर भाजपा का रहा है दबदबा
    करकल सीट पर बीजेपी 2004 से न सिर्फ जीत रही है, बल्कि 50% वोट से ज्यादा वोट भी पा रही है। यहीं के बैलूर गांव के रागेश शेट्टी का कहना है, 'लेकिन इसका (प्रमोद मुतालिक) कोई ज्यादा असर नहीं पड़ेगा। मुतालिक को कुछ हजार वोट मिलेंगे और हम लोग बीजेपी के लिए वोटिंग करने जा रहे हैं।'

    Karnataka elections:BJP is facing some challenges in coastal areas, but still looks stronger than others

    हिजाब-हलाल विवाद का गढ़ है उडुपी
    लेकिन, उडुपी सीट पर भाजपा ने सीटिंग विधायक रघुपति भट का टिकट काटकर हिजाब-विरोधी आंदोलन के प्रमुख चेहरे यशपाल सुवर्ण को टिकट दिया है। पार्टी को उनकी लोकप्रियता पर यकीन है। यहां मणिपाल के रहने वाले सत्यनारायण के मुताबिक, '...मैं नए उम्मीदवार क बारे में ज्यादा नहीं जानता। लेकिन, मेरा वोट मोदीजी के लिए है, क्योंकि उनके नेतृत्व में देश सुरक्षित है।'

    Karnataka elections:BJP is facing some challenges in coastal areas, but still looks stronger than others

    कांग्रेस भी लगा रही है पूरा जोर
    लेकिन, भाजपा के लिए हर जगह ऐसी स्थिति नहीं है। मणिपाल के मेडिकल कॉलेज के पास ही मोची की दुकान चलाने वाले 48 साल के राजेश इससे काफी नाराज हैं। उन्होंने बताया,'सत्ता में कोई भी आ जाए, हमारे लिए कुछ नहीं बदलता। पिछली बार मैंने बीजेपी को वोट दिया था। इस बार में कांग्रेस के लिए कोशिश करूंगा।'

    Karnataka elections:BJP is facing some challenges in coastal areas, but still looks stronger than others

    कांग्रेस के लिए मुकाबला बहुत आसान नहीं
    हालांकि, तटीय कर्नाटक की कई और सीटों पर भी बीजेपी सहज नजर आ रही है। लेकिन, कांग्रेस अपनी पिछली सरकार और एंटी-इंकंबेंसी के दम पर कहानी पलटना चाहती है। 2013 में इस इलाके में पार्टी 19 में से 13 सीटें जीत गई थी। पार्टी इसी भरोसे मैदान में टिकी हुई है। लेकिन, तथ्य ये है कि लिंगायत दिग्गज और भाजपा के वरिष्ठ नेता बीएस येदियुरप्पा तब पार्टी के साथ नहीं थे।

    यहां ध्रुवीकरण से डरती है कांग्रेस!
    येदियुरप्पा की पार्टी केजेपी को उस चुनाव में इस इलाके की कई सीटों पर बीजेपी की हार के लिए जिम्मेदार माना जाता है। कांग्रेस को इस इलाके के चुनावी समीकरण का पूरा अंदाजा है। इसलिए बयानों को लेकर बहुत ही सावधान है और ऐसा कोई भी मौका नहीं देना चाहती है, जिससे धार्मिक आधार पर ध्रुवीकरण की स्थिति बन जाए।

    Notifications
    Settings
    Clear Notifications
    Notifications
    Use the toggle to switch on notifications
    • Block for 8 hours
    • Block for 12 hours
    • Block for 24 hours
    • Don't block
    Gender
    Select your Gender
    • Male
    • Female
    • Others
    Age
    Select your Age Range
    • Under 18
    • 18 to 25
    • 26 to 35
    • 36 to 45
    • 45 to 55
    • 55+