कर्नाटक: बीजेपी ने मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई को क्यों नहीं बनाया सीएम उम्मीदवार? जानिए
Karnataka election 2023: अमित शाह ने राज्य में बीजेपी की बड़ी जीत का दावा किया है और बताया है कि पार्टी ने इसलिए सीएम उम्मीदवार नहीं दिया है, क्योंकि बोम्मई पहले से मुख्यमंत्री हैं।

कर्नाटक में भाजपा ने प्रदेश इकाई की मांग के बावजूद औपचारिक तौर पर किसी को भी मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार नहीं घोषित किया है। इसके पीछे पार्टी की सोची-समझी रणनीति है। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से जब इसके बारे में सवाल किया गया तो उन्होंने बताया कि पार्टी की क्या सोच है?

बोम्मई की सीएम उम्मीदवारी पर बोले अमित शाह
भारतीय जनता पार्टी के पूर्व अध्यक्ष और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने टीओआई को एक विस्तृत इंटरव्यू दिया है, जिसमें कर्नाटक में पार्टी की बड़ी जीत को लेकर ठोस दावे किए हैं। लेकिन, पार्टी ने इस चुनाव में सीएम बसवराज बोम्मई को मुख्यमंत्री उम्मीदवार के तौर पर प्रोजेक्ट क्यों नहीं किया है, इसपर उन्होंने कोई ठोस जवाब नहीं दिया है।

'वह तो पहले से ही सीएम हैं'
अमित शाह ने कहा कि 'अरे, वह तो पहले से ही सीएम हैं और कोई अगर पहले से ही सीएम है तो उसे सीएम उम्मीदवार के तौर पर प्रोजेक्ट नहीं किया जाता है। हमने ऐसी परिस्थितियों में ऐसा ही किया है।' दरअसल, राज्य में इस तरह की बातें चल रही हैं कि लिंगायत सीएम के मसले पर समुदाय के प्रभावशाली लिंगायत स्वामियों के साथ पार्टी का एक अघोषित समझौता हो चुका है।

'ऐसा कोई भी समझौता नहीं है'
हालांकि, इस सवाल के जवाब में शाह ने कहा कि, 'ऐसा कोई भी समझौता नहीं है और तथ्य यह है कि इसकी कोई जरूरत भी नहीं है।' उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि 'पहले से ही लिंगायत मुख्यमंत्री हैं, बसवराजजी एक लिंगायत नेता हैं।' दरअसल, भाजपा के प्रदेश नेतृत्व की ओर से भी यह मांग की जा चुकी है कि पार्टी लिंगायत नेता को सीएम उम्मीदवार घोषित कर दे।

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बोम्मई को क्यों नहीं बनाया सीएम उम्मीदवार?
खासकर जब से दो प्रभावशाली लिंगायत नेताओं जगदीश शेट्टार और लक्ष्मण सावडी ने बीजेपी छोड़कर कांग्रेस का हाथ थाम लिया, पार्टी में लिंगायत नेता को सीएम उम्मीदवार बनाने का दबाव बढ़ गया। लेकिन, केंद्रीय नेतृत्व ने इस मांग को टाल देने में ही भलाई समझी। क्योंकि, शायद पार्टी ऐसा करके बाकी प्रभावशाली जातियों जैसे कि वोक्कालिगा और कुरुबा का मोहभंग नहीं करना चाहती।

'मांड्या में हमें अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है'
शाह ने कहा भी कि दोनों जातियों से पहले पार्टी के कई विधायक भी रह चुके हैं। उनका दावा है कि इन समुदायों के लोग भी बीजेपी का समर्थन कर रहे हैं। उनके अनुसार मांड्या-मैसुरु (वोक्कालिगा बहुल इलाका) इलाके में इस बार पार्टी की स्थिति मजबूत है। उनके मुताबिक, 'मेरी अब तक की सबसे बड़ी रैली मांड्या में थी। अपनी चुनाव पूर्व रैली की शुरुआत पीएम ने मांड्या से की। वहां हमें अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है।'

वोटरों के नए वर्ग को भी देखे मीडिया- अमित शाह
वैसे भाजपा के दिग्गज ने कहा है कि 'मीडिया के लोगों को जाति फैक्टर से ऊपर उठकर वोटरों के नए वर्ग को भी देखना चाहिए, जो मोदीजी से सीधे लाभांवित हुए हैं। आप उन्हें नहीं देखते, लेकिन हम देखते हैं।'
कर्नाटक में बीजेपी को 128 सीटें मिलने का भरोसा
2018 के कर्नाटक विधानसभा चुनाव में अमित शाह ने बीजेपी अध्यक्ष के तौर पर चुनाव अभियान की कमान संभाली थी। बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी, लेकिन वह बहुमत से 7 सीटें पिछड़ गई थी। अब जब मतदान में आठ दिन रह गए हैं, शाह का दावा है कि पार्टी इस बार बहुमत के आंकड़े 113 से भी 15 अधिक सीटें जीतेगी।












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