शिक्षक बना हैवान: कर्नाटक में 10 साल के बच्चे को टीचर ने छत से फेंका, हुई मौत, मां को भी मारा
कर्नाटक के पहले ठीक इसी तरह की एक घचना दिल्ली में भी हुई थी, जहां एक स्कूल में एक शिक्षक द्वारा एक छात्रा पर कैंची से हमला किया गया था। शिक्षक ने छात्रा के बाल काट दिए थे और स्कूल की पहली मंजिल से उसे फेंक दिया था।

कर्नाटक में एक सरकारी स्कूल के शिक्षक ने पहले दस साल के छात्र को पीट-पीटकर अधमरा कर दिया और फिर पहली मंजिल की बालकनी से फेंके दिया, जिसकी वजह से छात्र की मौत हो गई है। कर्नाटक के गदग हदली गांव की ये घटना है। पुलिस मुताबिक सोमवार को एक सरकारी स्कूल में एक शिक्षक ने कथित तौर पर फावड़े से लड़के की पिटाई की और फिर इमारत की पहली मंजिल से फेंक दिया, जिससे बच्चे की मौत हो गई है। छात्र का नाम भरत है। जब भरत को नरगुंड तालुक अस्पताल ले जाया गया तो उसका काफी खून बह गया था। पुलिस ने कहा कि वहां से भरत को हुबली के केआईएमएस अस्पताल में शिफ्ट कर दिया गया था, जहां उसकी मौत हो गई। आरोपी शिक्षक की पहचान मुथप्पा के रूप में हुई है, जिसे गिरफ्तार कर लिया गया है।

बचाने आई मां को भी शिक्षक ने मारा
सरकारी प्राथमिक विद्यालय में 33 वर्षीय मुथप्पा बतौर गेस्ट टीचर कार्यरत था। इस स्कूल में मृतक बच्चा भरत की मां भी पढ़ाती हैं। मुथप्पा ने 35 वर्षीय गीता बाराकर और एक अन्य अतिथि शिक्षक के साथ भी मारपीट की है। घटना वाले दिन को याद करते हुए एक स्कूल के टीचर ने बताया कि, ''मुथप्पा ने 19 दिसंबर को एक सहयोगी संगनगौड़ा पाटिल की बाइक की चाबी यह कहकर ले ली कि उसे स्थानीय बैंक में कुछ काम है। वह 15-20 मिनट के लिए बाइक लेकर बैंक बोलकर स्कूल से निकला। वापस आने के बाद, जब स्कूल में पढ़ाई हो रही थी तो मुथप्पा चौथी कक्षा में गया और भरत के बारे में पूछने लगा।'

अचानक बच्चे को फावड़े से मारने लगा मुथप्पा
मुथप्पा के पूछे जाने पर जब क्लॉस से भरत बाहर आया तो मुथप्पा ने कथित तौर पर उस पर फावड़े से हमला करना शुरू कर दिया। बच्चे की चीख सुनकर दूसरी कक्षा में पढ़ाने वाली उसकी मां गीता दौड़ती हुई बाहर आई और उसे बचाने की कोशिश की। मुथप्पा ने गीता पर भी फावड़े से वार किया और उसे पीटा। भरत को मारते-मारते मुथप्पा ने उसे पहली मंजिल से फेंक दिया।

प्रधानाध्यापक ने कहा- कर्मचारी और छात्र सदमे में हैं
पुलिस ने कहा कि फावड़े को पहली मंजिल पर एक कोने में रखा गया था। हो सकता है कि किसी काम के बाद वह वहीं छोड़ दिया गया हो। स्कूल के प्रधानाध्यापक बसवराज यावगल ने कहा कि कर्मचारी और छात्र सदमे में हैं। हम इस बात से अनजान हैं कि शिक्षक अचानक इतना हिंसक क्यों हो गया। लड़का कक्षा चार में पढ़ रहा था, जब वह उसे अचानक बाहर बुलाकर पीटने लगा। भरत की मां को भी चोटें आई हैं लेकिन फिलहाल वो खतरे से बाहर है।'' नाम न छापने की शर्त पर एक शिक्षक ने टाइम्स ऑफ इंडिया को बताया कि घटना वाले दिन मुथप्पा के व्यवहार में कुछ भी असामान्य नहीं था।

अन्य शिक्षकों पर भी मुथप्पा ने किया हमला
स्कूल की अन्य शिक्षिका गीता बाराकर ने कहा, ''जब मैं और संगनगौड़ा पाटिल हमले को रोकने के लिए दौड़े तो उन्होंने हम पर हमला कर दिया। पाटिल को इस घटना में कुछ चोटें आई हैं और उन्हें नरगुंड के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया है।" बता दें कि गदग डीसी वैशाली एमएल औप एसपी शिवप्रकाश देवराजू घटना के बाद स्कूल का दौरा करने गए थे। एसपी ने कहा, "हमने अन्य शिक्षकों से शिकायत ली है और जल्द ही उसका पता लगा लेंगे।"
डीसी ववैशाली ने कहा, "सूचना मिलते ही हम गांव पहुंचे। लड़के की मां अस्पताल में हैं। हम अस्पताल के साथ संपर्क में हैं। शिक्षक इस बात से अनजान हैं कि मुथप्पा ने ऐसा व्यवहार क्यों किया। पुलिस कर्मचारियों से पूछताछ कर रही है।"












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