ब्राह्मण या लिंगायत समुदाय से होगा कर्नाटक का नया सीएम? प्रह्लाद जोशी का नाम रेस में सबसे आगे
बेंगलुरु, जुलाई 26। कर्नाटक की सियासत में सोमवार को वो मोड़ आ गया, जिसका असर केंद्र की राजनीति पर भी पड़ना लाजमी है। दरअसल, कर्नाटक के मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया और अब राज्य में नए सीएम की तलाश शुरू हो गई है। कर्नाटक के नए सीएम को लेकर कई तरह के कयास लगाए जा रहे हैं। साथ ही कई चेहरे भी इस रेस में शामिल है, लेकिन दो चेहरों पर सबसे अधिक चर्चा हो रही है। इनमें केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी और भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव सीटी रवि का नाम शामिल है। हालांकि दोनों के नाम को लेकर अभी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।
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धर्मेंद्र प्रधान को बनाया गया है कर्नाटक का पर्यवेक्षक
कर्नाटक में नए सीएम का ऐलान अगले दो दिन में कर दिया जाएगा। येदियुरप्पा के इस्तीफे के बाद दिल्ली में अमित शाह और जेपी नड्डा की एक मीटिंग हुई। इस मीटिंग के बाद केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को कर्नाटक का पर्यवेक्षक नियुक्त किया गया। अब धर्मेंद्र प्रधान ही नए सीएम का ऐलान करेंगे। हालांकि इसमें राष्ट्रीय नेतृत्व की मंजूरी भी होगी।
प्रह्लाद जोशी बने सीएम तो ये होगा उनका प्रमोशन!
कर्नाटक में येदियुरप्पा के इस्तीफे के बाद नए सीएम की दौड़ में सबसे आगे प्रह्लाद जोशी का नाम है। अगर बीजेपी प्रह्लाद जोशी को कर्नाटक का नया सीएम बनाती है तो ये पार्टी के लिए बहुत ही सही साबित हो सकता है। प्रह्लाद जोशी के सीएम बनने से एक तो राज्य को ब्राह्मण समुदाय का मुख्यमंत्री मिल जाएगा और दक्षिण भारत में पार्टी के विस्तार को भी एक बहुत बड़ी मदद मिलेगी। प्रह्लाद जोशी को केंद्रीय नेतृत्व से हटाकर कर्नाटक का मुख्यमंत्री बनाना एक तरह से उनका प्रमोशन ही होगा।
लिंगायत या वोक्कालिगा समुदाय से भी आ सकता है सीएम
आपको बता दें कि बीजेपी के राष्ट्रीय नेतृत्व ने बीएस येदियुरप्पा का इस्तीफा लेकर एक तरह से राज्य के अंदर बहुत बड़ा जुआ खेला है, क्योंकि येदियुरप्पा की कर्नाटक में अपनी एक अलग पहचान है, वो लिंगायत समुदाय से आते हैं, जो कर्नाटक में बहुत बड़ा वोटबैंक है। हालांकि येदियुरप्पा ने अपने इस्तीफे को लेकर ये जरूर कहा है कि वो सीएम पद से इस्तीफा दे रहे हैं, लेकिन पार्टी के सदस्य के रूप में काम करते रहेंगे, लेकिन फिर भी उनके इस्तीफे से किसी तरह का नुकसान ना हो, इसे सोचकर बीजेपी किसी लिंगायत चेहरे को सीएम बना सकती है। इसके अलावा वोक्कालिगा समुदाय को लेकर भी चर्चा जोरों पर है। सीटी रवि इसी समुदाय से आते हैं।
बीजेपी का राष्ट्रीय नेतृत्व ही सबकुछ तय करेगा- प्रह्लाद जोशी
कर्नाटक में नए सीएम की रेस में जितने भी नाम आगे हैं, उन सभी ने अभी चुप्पी साधी हुई है। प्रह्लाद जोशी ने अपनी दावेदारी को लेकर कहा है कि अभी उनसे इस बारे में कोई बात नहीं की गई है। साथ ही उन्हें ये जानकारी भी मीडिया के जरिए मिली की येदियुरप्पा ने इस्तीफा दे दिया है। प्रह्लाद जोशी ने कहा कि बीजेपी में कोई आलाकमान नहीं है, बल्कि सिर्फ राष्ट्रीय नेतृत्व है। हमें समय-समय पर अलग नेतृत्व मिला है। पहले राजनाथ सिंह थे, फिर नितिन गडकरी आए, फिर अमित शाह आए और अब जेपी नड्डा हैं। वर्तमान स्थिति में हमारे पास नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह सर्वोच्च नेता हैं, जो भी होगा वही तय करेंगे।












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