MUDA घोटाले का मामला लोकायुक्त तक पहुंचा, क्या सीएम सिद्दारमैया से जुड़ी पुरानी फाइलें भी खुलेंगी?
Karnataka News: कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्दारमैया की मुश्किलें खत्म होने का नाम नहीं ले रही हैं। अब मैसूर अर्बन डेवलपमेंट अथॉरिटी (MUDA) में हुए कथित जमीन घोटाले का मामला लोकायुक्त तक पहुंच गया है।
कर्नाटक में भाजपा के नेता एनआर रमेश ने मूडा घोटाले को लेकर कर्नाटक लोकायुक्त के पास मुख्यमंत्री सिद्दारमैया के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज करा दी है।

भाजपा नेता ने लोकायुक्त में दर्ज कराई मूडा जमीन घोटाले की शिकायत
बीजेपी नेता रमेश ने इस केस में सिद्दारमैया के अलावा चार और लोगों के खिलाफ भी मूडा के जमीन आवंटन में वित्तीय धांधली को लेकर शिकायत की है। शनिवार को की गई इस शिकायत के एक दिन पहले ही मुख्यमंत्री ने पूर्ववर्ती बीजेपी सरकार पर कथित रूप से 21 घोटालों का आरोप लगाते हुए जांच करवाने की बात कही थी।
मुख्यमंत्री और उनकी पत्नी के अलावा 4 लोगों के खिलाफ शिकायत
बीजेपी नेता की ओर से मूडा घोटाले में मुख्यमंत्री और उनकी पत्नी बीएम पार्वती के अलावा मूडा के पूर्व अध्यक्ष डीबी नतेश, एचवी राजीव, बासव गौड़ा और बीएम मल्लिकार्जुन स्वामी के खिलाफ शिकायत डाली गई है। ये सारे लोग मैसूर के हैं और तीन से चार हजार करोड़ रुपए के कथित जमीन घोटाले में शामिल है।
'शक्ति का दुरुपयोग, जाली दस्तावेज बनाने और भ्रष्टाचार' की शिकायत
बीजेपी नेता की ओर से लोकायत में जो शिकायत दर्ज कराई गई है, वह लगभग 400 पन्नों की है। इसमें आरोपियों पर 'शक्ति का दुरुपयोग, जाली दस्तावेज तैयार करने और भ्रष्टाचार' के बिंदुओं को प्रमुखता से उजागर करने की कोशिश की गई है।
क्या सीएम सिद्दारमैया से जुड़ी पुरानी फाइलें भी खुलेंगी?
इस दौरान एनआर रमेश ने मुख्यमंत्री सिद्दारमैया के खिलाफ कई और पुराने मामलों को उजागर करने की भी कोशिश की है। उनका दावा है कि 1997-1998 में जेएच पटेल की सरकार के दौरान जब सिद्दारमैया उपमुख्यमंत्री थे, तो उन्होंने देवनौर ब्लॉक में मूडा की जमीन हासिल करने के लिए कथित तौर पर सत्ता का दुरुपयोग किया।
इसी तरह उनके दावे के मुताबिक जब 2004-2005 में वे धरम सिंह सरकार में उपमुख्यमंत्री बने तो भी मैसूर में जमीन प्राप्त करने के लिए अपने अधिकारों का कथित रूप से उल्लंघन किया।
इसी तरह से जब 2013-2018 के बीच सिद्दारमैया कर्नाटक के मुख्यमंत्री या विपक्ष के नेता रहे तो भी उन्होंने कथित रूप से मैसूर में जमीन हथियाने के लिए अपने अधिकार क्षेत्र का उल्लंघन किया।
कई तरह के घोटाले उजागर होने से मुश्किल में घिरी है कांग्रेस सरकार
कर्नाटक की कांग्रेस सरकार इस वक्त वाल्मीकि घोटाले, चावल घोटाले जैसे आरोपों में बुरी तरह से गिरी हुई है। लेकिन, मैसूर में मूडा की जमीन घोटाले में आरोप सीधे मुख्यमंत्री सिद्दारमैया और उनके परिवार पर लग रहे हैं और बीजेपी इसपर मोर्चा खोले हुए है।
इन मामलों में पहले से ही कानूनी प्रक्रियाएं शुरू हो चुकी हैं, ऐसे में भाजपा नेता ने लोकायुक्त के पास जाकर कांग्रेस सरकार को और भी दबाव में ला दिया है, जो पहले से ही कुर्सी को लेकर सीएम और डिप्टी सीएम में चल रही खींचतान को लेकर डंवाडोल स्थिति में है। जबकि, इस सरकार को बने हुए अभी सिर्फ 14 महीने ही हुए हैं और करीब साढ़े तीन साल का कार्यकाल बचा हुआ है।












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