'सिद्धारमैया 5 साल के लिए रहेंगे CM', कर्नाटक के मंत्री ने सत्ता बंटवारे के एंगल को दिया नया मोड़
Karnataka News: कर्नाटक के मंत्री और विधायक एमबी पाटिल ने कहा है कि सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार के बीच कोई सत्ता-समझौता नहीं हुआ है। हमें आलाकमान द्वारा इस तरह के समझौतों के बारे में सूचित नहीं किया गया है।

कर्नाटक के मंत्री एमबी पाटिल ने 'कर्नाटक के सत्ता बंटवारे' पर बड़ा दावा किया है। कर्नाटक के मंत्री एमबी पाटिल ने कहा, कि मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और उनके डिप्टी डीके शिवकुमार के बीच कोई सत्ता-बंटवारे का समझौता नहीं हुआ है। 22 मई की देर रात संवाददाताओं से बात करते हुए एमबी पाटिल ने कहा कि सिद्धारमैया अगले पांच सालों के लिए मुख्यमंत्री होंगे।
कर्नाटक के मंत्री एमबी पाटिल ने कहा कि पिछले हफ्ते दिल्ली में सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार और कांग्रेस आलाकमान के बीच हुई चर्चा में किसी भी तरह के सत्ता बंटवारे पर विभाजित शर्तों को शामिल नहीं किया गया था।
एमबी पाटिल ने कहा, ''सिद्धारमैया पांच साल के लिए सीएम रहेंगे। सत्ता की साझेदारी का समझौता होता तो वरिष्ठ नेता सूचित करते। ऐसा कोई प्रस्ताव नहीं है। अगर ऐसा कोई प्रस्ताव होता, तो केसी वेणुगोपाल या एआईसीसी महासचिव सूचित करते। लेकिन किसी ने ऐसा किसी को सूचित नहीं किया है।''
सिद्धारमैया के वफादार माने जाने वाले एमबी पाटिल ने कहा, सिद्धारमैया और शिवकुमार में से पांच साल के कार्यकाल के 2.5 साल की सेवा करने की बात जैसी कोई चर्चा नहीं हुई है।
बता दें कि इससे पहले सिद्धारमैया और शिवकुमार के बीच पांच साल के कार्यकाल के 2.5 साल की सेवा करने की बात हुई थी। मंत्री एमबी पाटिल की टिप्पणी इन अटकलों के बीच आई है कि सिद्धारमैया और शिवकुमार खेमे के बीच 'संघर्ष' केवल 2024 के आम चुनाव तक रहेगा।
लेकिन इस बीच कांग्रेस पार्टी के सामने दो बड़ी और चुनौती है। पहला, दो नेताओं के खेमे के बीच विभागों को संतुलित करने की। वहीं दूसरी पार्टी को यह भी सुनिश्चित करना है कि कांग्रेस को वोट देने वाले विभिन्न समुदायों को खुश कैसे रखा जाए।












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