Karnataka Maharashtra Border Dispute: दोनों राज्यों के CM संग बैठक कर अमित शाह ने निकाला ये हल
कर्नाटक-महाराष्ट्र के बीच चल रहे सीमा विवाद पर गृहमंत्री अमित शाह ने दोनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों संग बैठक करे इस विवाद का हल निकालने के लिए चर्चा की।

Karnataka Maharashtra Border Dispute: महाराष्ट्र और कर्नाटक के बीच चल रहे सीमा विवाद को सुलझाने के लिए आज गृहमंत्री अमित शाह ने दोनो राज्यों के मुख्यमंत्रियों से बात की। बैठक के बाद अमित शाह ने इसकी जानकारी देते हुए कहा मैंने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री और कर्नाटक के मुख्यमंत्री, गृहमंत्री और वरिष्ठ साथियों को आज यहां पर बुलाया था। दोनों पक्षों के साथ भारत सरकार के गृह विभाग के अधिकारी की उपस्थिति में बहुत ही अच्छे माहौल में बातचीत हुई। दोनों ही पक्षों ने सकारात्मक रवैया रखा है, कुल मिलाकर इस बात पर सहमति हुई कि विवाद के रास्ते और विवाद का समाधान लोकतंत्र में रोड़ पर नहीं हो सकता है बल्कि संविधान के अनुसार हो सकता है।
दोनों राज्यों में यह सहमति बनी
जबतक सुप्रीम कोर्ट का इस मामले में निर्णय नहीं आता, कोई भी राज्य एक दूसरे पर दावा या मांग नहीं करेगा। दोनों राज्यों के मिलाकर, दोनों ओर से 3-3 मंत्री बैठेंगे और इसपर नीचे तक विस्तार से बात करेंगे। छोटे-छोटे और भी मुद्दे दोनों राज्यों के बीच हैं, ऐसे मुद्दों का निवारण भी 3-3 मंत्री ही करेंगे। दोनों ही राज्यों में कानून-व्यवस्था की स्थिति सही रहे, यात्रियों व व्यापारियों को कोई दिक्कत ना हो, इसके लिए एक वरिष्ठ आईपीएस की अध्यक्षता में दोनों ही राज्य कमेटी बनाने पर सहमत हुए हैं जो कानून-व्यवस्था को संविधान के हिसाब से ठीक रखने में प्रयास करेंगे।
फेक ट्विटर के खिलाफ FIR
यह बात भी ध्यान में आया है कि फेक ट्विटर ने इस पूरे मामले में भूमिका निभाई है। सर्वोच्च नेताओं के फेक ट्विटर के माध्यम से गलत संदेश फैलाया गया। जहां-जहां भी इस तरह के फेक ट्विटर के मामले हैं, वहां पर एफआईआर दर्ज की जाएगी, जिन्होंने यह किया है उन्हें एक्सपोज किया जाएगा। आज की बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय हुआ है। मैं
विपक्ष से की ये अपील
राजनीतिक विरोध जो भी हो, जो विपक्ष बैठे हैं सरकार के सामने, वह राजनीतिक कार्यक्रम ले सकते हैं, परंतु दोनों राज्यों की जनता के हित में, दोनों राज्यों के बॉर्डर पर अन्य भाषा भाषी जो लोग बस रहे हैं, उनके हित में अब इस मुद्दे को कम से कम राजनीतिक ना बनाया जाए। जो कमेटी बनी है उसके नतीजे और सुप्रीम कोर्ट के फैसले का इंतजार किया जाए। मुझे विश्वास है कि दोनों राज्यों में कांग्रेस, एनसीपी और उद्धव ठाकरे जी का ग्रुप इस बात में सहयोग करेंगे कि इस बात को राजनीतिक रंग ना दिया जाए












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