कर्नाटक: फिर गरमाया मुख्यमंत्री का मुद्दा, कांग्रेस सरकार के मंत्री बोले, सभी समुदाय चाहते हैं अपना नेता हो CM
कर्नाटक में कांग्रेस सरकार के अंदर मुख्यमंत्री पद को लेकर मामला शांत नहीं हो रहा है। अब राज्य के मंत्री सतीश जारकीहोली ने कहा है कि सभी समुदाय के लोगों की यही मांग है कि उनका अपना नेता सीएम बने।
सिद्दारमैया सरकार में मंत्री जारकीहोली ने सोमवार को कहा है कि दलित समेत सभी समुदाय के लोग चाहते हैं कि उनके अपने नेता मुख्यमंत्री बनें। लेकिन, साथ ही उन्होंने यह भी कहा है कि इसपर अंतिम फैसला कांग्रेस पार्टी का हाई कमान करेगा।

वाल्मीकि नायक समाज से हैं जारकीहोली
जारकीहोली ने अपने समाज के संत की ओर से उन्हें सीएम के रूप में देखने वाले बयान से भी खुद को किनारे रखने की कोशिश की है और कहा है कि यह पुराना मुद्दा है, जिसकी मांग पहले भी कई मौकों पर हो चुकी है। सतीश जारकीहोली अनुसूचित जनजाति (ST)के वाल्मीकि नायक समाज से आते हैं।
पहले भी दलित सीएम की होती रही है मांग-कर्नाटक के मंत्री
वे सिद्दारमैया सरकार में पीडब्ल्यूडी मंत्री और प्रदेश कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष भी हैं। उन्होंने मीडिया के एक सवाल के जवाब में कहा है, 'इसमें कुछ भी नया नहीं है, दलित सीएम की मांग 2013 में भी उठाई गई थी। तब यह मुद्दा लगातार उठाया गया था और पांच वर्षों तक कई दिनों तक चला था, लेकिन पिक्चर रिलीज नहीं हुई, हाल ऐसा है।'
उनके इस जवाब पर जब सवाल किया गया कि उनके मुताबिक 'पिक्चर कबतक रिलीज हो सकती है' तो वे बोली, 'हमें इंतजार करना और देखना होगा। 2008 में भी दलित सीएम की मांग थी और खड़गे जी (मल्लिकार्जुन खड़गे) दावेदार थे, लेकिन उन्हें मौका नहीं मिला....जी परमेश्वरा 8 वर्षों तक पार्टी के अध्यक्ष थे और डिप्टी सीएम बने, लेकिन उन्हें भी मुख्यमंत्री बनने का मौका नहीं मिला।'
'अंतिम फैसला पार्टी हाई कमान करेगा'
दलित समुदाय की ओर से उनके नेता को सीएम बनाए जाने की मांग को देखते हुए कांग्रेस के मंत्री ने कहा कि इसपर फैसला पार्टी को करना है और उसी का निर्णय अंतिम होगा। इसपर उनसे पूछा गया कि क्या यह सरकार के ढाई साल पूरे होने के बाद हो सकता है तो उन्होंने कहा, 'यह हमारे हाथ में नहीं है। हाई कमान है, सीएम, डिप्टी सीएम और पार्टी अध्यक्ष हैं, आपको उनके स्तर पर पूछना होगा, मैं नहीं कह सकता। वह इसे स्पष्ट कर सकते हैं, देखिए और इंतजार कीजिए।'
डीके शिवकुमार को ढाई साल बाद कुर्सी मिलने की होती है चर्चा
हाल में परमेश्वरा के घर पर एक डिनर हुआ था, जिसमें मुख्यमंत्री सिद्दारमैया, जारकीहोली और एक और मंत्री एचसी महादेवप्पा शामिल हुए थे। उसी के बाद यह अफवाह उड़ी थी कि अगर सीएम बदला गया तो परमेश्वरा इस रेस में शामिल हो सकते हैं। इस बैठक के बाद कांग्रेस में सीएम बदलने को लेकर दावे-प्रतिदावे शुरू हो गए थे।
कहा गया कि ढाई साल बाद डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार को कुर्सी मिल सकती है और सिद्दारमैया उपमुख्यमंत्री बन सकते हैं। इसपर सिद्दारमैया की ओर से कहा गया कि वह पूरे पांच साल गद्दी नहीं छोड़ने वाले, लेकिन फिर बाद में उनके सुर नरम पड़ने की भी खबरें आ गईं।
खुद के सीएम बनाने की मांग पर दी सफाई
जब जारकीहोली से वाल्मीकि गुरुपीठ के संत प्रसन्नानंद स्वामीजी की उस मांग के बारे में पूछा गया, जिसमें उन्होंने उन्हीं को सीएम बनाने की मांग की थी, तो वे बोले, 'स्वामीजी शुरू से यह कह रहे हैं, हमारे सत्ता में आने से भी पहले, इसमें कुछ भी नया नहीं है। समुदाय के स्तर पर यह मुद्दा उठता है, यह पुराना मुद्दा है, कुछ भी नया नहीं है।'
सभी समुदाय चाहते हैं कि अपने समाज का नेता हो सीएम- जारकीहोली
इस सवाल के जवाब में कि क्या वे सीएम बनने की रेस में हैं, तो उन्होंने कहा कि 'ऐसी मांगें सभी समुदायों की हैं- दलित, लिंगायत, वोक्कालिगा, चाहते हैं कि उनके समुदाय के नेता सीएम बनें। इसी तरह से उनके मुख्यमंत्री बनने की भी मांग है, इसमें कुछ भी खास नहीं है।'
वहीं हाल में सीएम की ओर से मंत्रियों को नाश्ते पर बुलाए जाने पर भी उनके नहीं पहुंचने को लेकर उन्होंने सफाई दी कि वे अस्वस्थ थे और इसे दूसरे तरीके से नहीं देखा जाना चाहिए। उन्होंने उस बैठक में नेतृत्व परिवर्तन के मसले पर बयान नहीं देने को लेकर जारी निर्देशों का भी स्वागत किया।
जारकीहोली की नाराजगी हो चुकी है चर्चा
उनके बारे में कहा जा रहा था कि वह सरकार और पार्टी में कुछ मुद्दों को लेकर नाराज हैं। कथित तौर पर उनके करीब 50 पूर्व और मौजूदा विधायकों के साथ दुबई जाने की भी योजना थी, जिसके बारे में कहा जा रहा है कि हाई कमान की दखल से उसे रोक दिया गया है।
'कांग्रेस में सिर्फ हाई कमान ही पावर सेंटर'
जब उनसे इस बारे में और प्रदेश कांग्रेस में तीसरे पावर सेंटर के तौर पर उभरने को लेकर सवाल किया गया तो जारकीहोली ने कहा, 'तीन कहां हैं? हमारे लिए एक ही पावर सेंटर है- दिल्ली में हमारा हाई कमान। कांग्रेस में सिर्फ हाई कमान ही पावर सेंटर है।'
उन्होंने दुबई ट्रिप के बारे में कहा कि देखिए कब मौका आता है। वहीं अपने उसे पुराने बयान कि धैर्य को कमजोरी नहीं समझ लेना चाहिए, जारकीहोली बोले, 'अभी कुछ नहीं है, वहां युद्धविराम है। अभी चीजें सामान्य हैं, हमें काम करना है और विकास पर फोकस करना है। सरकार इसे प्राथमिकता देगी। '(इनपुट-पीटीआई)












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