कर्नाटक में हिजाब विवाद पर कोर्ट की दो टूक, हम संविधान के अनुसार चलेंगे, वही हमारे लिए भगवत गीता

बेंगलुरू, 08 फरवरी। कॉलेज कैंपस में हिजाब और भगवा शॉल पहनने मामले पर कर्नाटक हाई कोर्ट में सुनवाई चल रही है। इस मामल पर सुनवाई करते हुए हाई कोर्ट ने कहा कि हम तर्क और कानून के साथ जाएंगे नाकि भावनाओं और जुनून के साथ। जो संविधान कहता है हम उसे मानेंगे, हमारे लिए संविधान ही भगवत गीता है और हम उसी का पालन करेंगे। वरिष्ठ वकील देवदत्त कामत ने कहा कि हिजाब पहनना मुस्लिम संस्कृति का अहम हिस्सा है। बता दें कि कर्नाटक के उडुपी में एमजीएम कॉलेज के भीतर छात्रों के दो गुटों के बीच हिजाब को लेकर विवाद खड़ा हो गया था। दरअसल क्लास में छात्राएं हिजाब पहनकर पहुंची तो उन्हें हिजाब की वजह से क्लास में आने से रोक दिया। विवाद के बाद कॉलेज को अगले निर्देश तक के लिए बंद कर दिया गया।

hijab

नए नियम का दिया हवाला

इस मामले में वरिष्ठ वकील देवदत्त कामथ ने कहा कि छात्रों के एक और गुट ने याचिका दायर की है जोकि आज की सुनवाई में लिस्टेड नहीं है, उनकी अपील को भी देखना चाहिए और उसके बाद इस मामले की सुनवाई होनी चाहिए। जिसके बाद जस्टिस कृष्ण दीक्षित ने याचिकाकर्ताओं क कागज मंगवाए हैं। वहीं एडवोकेट जनरल ने कोलकाता हाई कोर्ट से कहा कि कॉलेज को यह स्वतंत्रता दी गई है कि वह यूनिफॉर्म पर अपना फैसला लें, जिन छात्रों को इसमे रियायत चाहिए उन्हें कॉलेज डेवलपमेंट कमेटी से संपर्क करना चाहिए।

मुख्यमंत्री ने शांति की अपील की

जिस तरह से छात्र इस पूरे मामले पर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं उसके बीच कर्नाटक के मुख्यमंत्री बासवाराज बोम्मई ने छात्रों से शांति की अपील की है। उन्होंने कहा कि इस मामले से जुड़े सभी लोगों से मेरी अपील है कि वह शांति बनाए रखें और छात्रों को पढ़ने दें। मामला हाई कोर्ट में है, उसका इंतजार करिए। वहीं कोर्ट की सुनवाई से पहले कॉलेज के बाहर छात्रों का एक गुट हिजाब में और दूसरा गुट भगवा गमछा पहनकर विरोध प्रदर्शन कर रहा है। छात्र जय श्री राम के नारे लगा रह हैं।

क्या कहना है हिजाब पहनने वाली छात्राओं का

एक छात्र का कहना है कि उन्हें हिजाब पहनने से रोक दिया गया है, लेकिन इसके बाद भी कुछ लोग हिजाब पहनकर आ हैं। अगर उन्हें हिजाब पहनने की इजाजत है तो हमे भी भगवा गमझा पहनने की इजाजत होनी चाहिए। एक दूसरी छात्र जिसने हिजाब पहन रखा है उसका कहना है कि हम हिजाब को बचपन से पहन रहे हैं, आखिर ये लोग हमे इसे उतारने को कैसे कह सकते है।

क्या है विवाद

बता दें कि 1 जनवरी को 6 मुस्लिम छात्राएं कर्नाटक के उडुपी में क्लास के भीतर हिजाब पहनकर पहुंची तो उन्हें क्लास से बाहर रोक लिया गया। कॉलेज मैनेजमेंट ने कहा कि यूनिफॉर्म की नई नीति के तहत छात्राओं को क्लास में हिजाब पहनने की इजाजत नहीं है। इस नियम को उडुपी के बाकी के कॉलेज में भी लागू किया गया है, जिसके खिलाफ कई छात्र हिजाब पर प्रतिबंध लगाने का विरोध कर रहे हैं।

More From
Prev
Next
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+