कोरोना संकट के बीच अब 1 जून से खुलेंगे मंदिरों के कपाट, कल से ऑनलाइन सेवा बुकिंग होगी शुरू
कोरोना संकट के बीच अब
नई दिल्ली। कोरोना संक्रमण के कारण 25 मई से देशभर के सभी मंदिरों को बंद रखने का निर्देश दिया गया। कोरोना महामारी को देखते हुए मंदिरों के कपाट दो महीनों से बंद है। भक्त भगवान के दर्शन को तरस गए हैं, लेकिन जल्द ही उनकी ये प्रतिक्षा खत्म होने वाली है। कर्नाटक सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए मंदिरों के कपाट खोलने का फैसला किया है। 1 जीन 2020 से कर्नाटक के मंदिरों को खोलने का फैसला किया गया है।

1 जून से खुलेंगे मंदिरों के कपाट
1 जून से कर्नाटक के 35000 से अधिक मंदिरों के कपाट खोल दिए जाएंगे। मंदिरों को भक्तों के लिए खोला जाएगा। कर्नाटक सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए 1 जून से मंदिरों और पूजा स्थलों को खोलने का ऐलान किया है। हालांकि इसके लिए गाइडलाइंस जल्द जारी की जाएगी। मंदिरों में लोगों को सोशल डिस्टेंसिंग का खास ख्याल रखना होगा। राज्य के मंत्री कोटा श्रीनिवास पुजारी ने जानकारी देते हुए कहा कि कर्नाटक सरकार ने 1 जून से मंदिर खोलने का फैसला किया है। इसे लेकर जल्द ही गाइडलाइंस जारी की जाएगी। लोगों को एसओपी का पालन करना होगा।

कल से शुरू होगी ऑनलाइन सेवा बुकिंग
कल से कर्नाटक के 52 मंदिरों में ऑनलाइन सेवा बुकिंग शुरू हो जाएगी। वहीं 31 मई तक मंदिरों को खोलने को लेकर सभी तैयारियां कर ली जाएगी। जल्द ही सरकार को ओरक से मंदिरों के लिए गाइडलाइंस जारी की जाएगी, जिसका पालन सभी को करना होगा। दरअसल मंदिरों के पुजारी और भक्त दोनों मंदिर खोलने की मांग कर रहे थे, जिसके बाद सरकार ने ये फैसला लिया।

खुले बद्रीनाथ और केदारनाथ के कपाट
आपको बता दें कि इससे पहले लॉकडाउन के बीच ही उत्तराखंड के बद्रीनाथ और केदारनाथ के कपाट खोले गए, हालांकि इसके बाद भी वहां भक्तों को दर्शन की इजाजत नहीं मिली। लॉकडाउन के कारण भक्तों के साथ-साथ मंदिरों के बंद रहने से कई लोगों के रोजगार पर असर पड़ा है। हाल ही में आंध्र प्रदेश के तिरुपति बालाजी मंदिर ट्रस्ट ने मंदिर में कार्यरत 300 कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों को बाहर निकाल दिया गया। वहीं मंदिरों और तीर्थयात्राओं के बंद होने से लाखों लोगों के रोजगार पर असर पड़ा है। सबसे ज्यादा प्रभावित टूर एंड ट्रैवल्स पर पड़ा है।












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