कर्नाटक के सभी सरकारी मंदिरों में 26 अक्टूबर को होगी गाय की पूजा, जानिए क्यों?
कर्नाटक के सभी सरकारी मंदिरों में 26 अक्टूबर को होगी गाय की पूजा, जानिए क्यों?
कर्नाटक मुजराई विभाग ने सभी सरकारी मंदिरों में 26 अक्टूबर को दिवाली और बलिपद्यमी को ध्यान रखते में 'गौ पूजन' या गाय की पूजा करने का निर्देश दिया है। कर्नाटक सरकार की ओर से जारी निर्देश में कहा गया है कि कर्नाटक के सभी मंदिर खासकर, राज्य सरकार द्वारा संचालित मंदिरों में 26 अक्टूबर को गाय की पूजा होनी चाहिए, ताकि लोग इस सनातन हिंदू धर्म में होने वाले अभ्यास और रीति-रिवाजों को ना भूलें। विभाग ने एक सर्कुलर में कहा है कि गौपूजा के दौरान गायों को स्नान कराया जाना चाहिए, मंदिरों में लाया जाना चाहिए, सिंदूर, हल्दी और फूलों से सजाया जाना चाहिए। गायों की पूजा करने से पहले उन्हें चावल, गुड़, केला और अन्य मिठाइयां खिलाई जानी चाहिए।'

कर्नाटक मुजराई विभाग ने कहा है कि 26 अक्टूबर को शाम 5.30 बजे से शाम 6.30 बजे (गोधूली बेला) में गौपूजन की जानी चाहिए। हिंदू परंपरा के अनुसार गायों के महत्व को बताने के लिए एक परिपत्र जारी किया गया है। जिसमें कहा गया है, ''प्राचीन काल से, हिंदुओं ने गायों की पूजा की है। लेकिन अब शहरों और कस्बों में, लोग गाय की पूजा करना धीरे-धीरे भूलते जा रहे हैं। कम से कम, दीपावली-बलिपद्यमी पर, अधिसूचित मंदिरों के लिए अनिवार्य रूप से गाय पूजा करना उचित है ताकि लोग गाय की पूजा के महत्व को याद रखे। इस सनातन हिंदू धर्म की प्रथा को बनाए रखना हमारा काम है और आने वाली पीढ़ियों को इससे परिचित कराया जाना चाहिए।''
बता दें कि इससे पहल अगस्त में मुजराई विभाग ने अपने मंदिरों को वरमहालक्ष्मी उत्सव के अवसर पर हर महिला भक्त को हल्दी, सिंदूर और छह हरी चूड़ियां देने को कहा था। महिला भक्तों को 25 ग्राम हल्दी, 25 ग्राम सिंदूर और छह चूड़ियां एक लिफाफे में भगवान को अर्पित कर प्रसाद के रूप में दी गई थीं।












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