27 की उम्र में निर्दलीय जीता था चुनाव, जानें कौन हैं कर्नाटक के 'किंगमेकर' डीके शिवकुमार
कर्नाटक में कांग्रेस सरकार बनाने जा रही है। ऐसे में अब सीएम फेस को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है। इस रेस में पूर्व सीएम सिद्धारमैया के साथ कर्नाटक कांग्रेस अध्यक्ष डीके शिवकुमार भी हैं।

Congress DK Shivakumar Profile: कर्नाटक का चुनावी शोर अब कांग्रेस की जीत में बदल चुका है। 130 से ज्यादा सीटों के साथ कांग्रेस राज्य में स्पष्ट बहुमत के साथ सरकार बनाने जा रही है। ऐसे में लोकसभा चुनाव से पहले कांग्रेस में संजीवनी का काम करने वाली कर्नाटक की जीत में एक शख्स 'किंगमेकर' बनकर उभरे हैं, जिनका नाम डीके शिवकुमार हैं।
कर्नाटक के साथ-साथ बीजेपी का दक्षिण भारत का आखिरी किला भी ढह गया। यहां कांग्रेस की सरकार बनाने तय है। काउंटिंग से पहले ही कर्नाटक कांग्रेस अध्यक्ष डीके शिवकुमार ने अपनी अनुमानित सीटों के साथ जीत की भविष्यवाणी की थी, जो अब पूरी होती नजर आ रही है।
अपने मुद्दों को हावी रहे डीके शिवकुमार
कर्नाटक चुनावों में बीजेपी ने जहां विकास के मुद्दे के साथ डबल इंजन सरकार का वादा किया थ। वहीं बीजेपी पर अपने मुद्दों को लेकर डीके शिवकुमार हावी रहे। उन्होंने अपने बयानों में साफ कहा कि कर्नाटक में कर्नाटक में हिजाब-हलाल और बजरंगबली जैसे मुद्दे नहीं चलेंगे। राहुल गांधी के साथ 'भारत जोड़ो यात्रा' में बराबर से कंधा मिलाकर चलने वाले डीके शिवकुमार कर्नाटक में कांग्रेस की जीत के बड़े चेहरा बने हैं।
लगतार 8वीं बार विधायक
रामनगर की कनकपुर सीट से डीके शिवकुमार ने जीत दर्ज की है। उन्होंने बीजेपी के बी नागाराजू को 1 लाख 22 हजार से ज्यादा वोटों से हराया है। 27 साल की उम्र में साथनूर सीट से निर्दलीय चुनाव जीतकर डीके शिवकुमार पहली बार 1989 में विधायक बने थे। हालांकि इससे पहले उन्होंने 1985 में कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ा था, लेकिन हार गए।
इसके बाद 1994, 199, 2004 तक साथनूर सीट विधायक रहे। इसके बाद उन्होंने रामनगर की कनकपुर सीट को चुना जहां 2008, 2013, 2018 और अब चौथी बार जीत दर्ज की।
60 साल के डीके शिवकुमार पेश से बिजनेसमैन हैं, जिन्होंने इलेक्शन एफिडेविट में अपनी संपत्ति 1413 करोड़ रुपए बताई है। साल 2019 में शिवकुमार को मनी लॉन्ड्रिंग केस में गिरफ्तार भी किया जा था, जिसमें उन्होंने 50 दिनों तक तिहाड़ जेल में सजा काटी और फिर जमानत पर बाहर आए।
बता दें कि डीके शिवकुमार का मैसूरु रीजन में मजबूत पकड़ है। जो जिस वोक्कालिगा कम्युनिटी से आते हैं, उसका कर्नाटक की 48 सीटों पर असर है।
महज 30 साल की उम्र में युवा मंत्री बने, अब सीएम की रेस में
मालूम हो कि डीके शिवकुमार ने अपना पहला चुनाव 1985 में लड़ा था। हालांकि उनको हार का सामना करना पड़ा। उन्होंने JDS के प्रमुख एचडी देवगौड़ा के सामने चुनाव लड़ा था। 1989 में शिवकुमार ने फिर चुनाव लड़ा और जीता,जिसके बाद 1991-92 में 30 साल की उम्र में डीके शिवकुमार मंत्री बन गए। इसके बाद से फिर वो कभी चुनाव नहीं हारे। इस बार चुनावी माहौल के बीच डीके शिवकुमार के सीएम फेस को लेकर भी चर्चाओं का बाजार गर्म रहा। कांग्रेस की जीत के बाद शिवकुमार पूर्व सीएम सिद्धारमैया के साथ सीएम पद की रेस में हैं।












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