अरबपति नीलेकणी से 'आप' और 'लहर' की टक्कर

क्या है तस्वीर -
राज्य में सुरक्षा के लिए केंद्रीय बलों समेत करीब 85,000 सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं। 54,294 मतदान केंद्र बनाए गए हैं, जिनमें 8,658 की अति संवेदनशील और 14,400 की संवेदनशील मतदान केंद्रों के रूप में पहचान की गयी है।
2009 के लोकसभा चुनावों में भाजपा ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 19 सीटें जीती थीं, जबकि कांग्रेस को केवल 6 और जद(एस) को 3 सीटों पर विजय मिली थी। तब राज्य में भाजपा की सरकार थी। अब राज्य में कांग्रेस की सरकार है और पार्टी अधिकतम लाभ पर आंखें गढ़ा रही है। राज्य में कुल 4.62 करोड़ मतदाता हैं और चुनावी मैदान में 435 उम्मीदवार खड़े हैं।
जैसे पहले था, वैसा नहीं है इस बार -
कांग्रेस विधानसभा चुनावों के अच्छे प्रदर्शन को दोहराने की उम्मीद कर रही है, जब उसने राज्य के 224 विधानसभा सीटों में से 122 सीटों पर जीत दर्ज की थी और दक्षिण भारत की पहली भाजपा सरकार को सत्ता से बाहर किया था। भाजपा अब लोकसभा चुनावों में अपनी किस्मत पलटने की उम्मीद कर रही है।
बीजेपी और कांग्रेस के बीच कम से कम 22 लोकसभा सीटों पर सीधा मुकाबला है जबकि बाकी सीटों पर जनता दल (एस) के मजबूत होने से त्रिपक्षीय मुकाबले की उम्मीद है।इन सीटों में से बंगलुरु दक्षिण सीट पर मुकाबला सबसे दिलचस्प है, जहां संप्रग सरकार के आधार कार्यक्रम का नेतृत्व करने वाले इंफोसिस के सह संस्थापक, कांग्रेस प्रत्याशी नंदन नीलेकणि और भाजपा के मजबूत प्रतिद्वंद्वी और पांच बार के सांसद अनंत कुमार के बीच मुख्य मुकाबला है।
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धनकुबेर का गढ़ -
अरबपति उम्मीदवार नीलकेणि इन लोकसभा चुनावों में अब तक उतरे देश के सबसे धनी उम्मीदवार हैं, जिनकी अपनी और अपनी पत्नी की मिलाकर 7,700 करोड़ रुपए की घोषित संपत्ति है। सियासी रूप से बेहद सचेत मध्यम एवं निम्न मध्यम वर्ग बाहुल्य बंगलुरु दक्षिण सीट पर 1970 के दशक के अंत से कांग्रेस को 1989 के चुनावों को छोड़कर कभी भी जीत हासिल नहीं हुई है।
पूर्व मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा भी चर्चा के केंद्र में हैं। शिमोगा सीट से चुनाव लड़ रहे येदियुरप्पा का मुकाबला पूर्व मुख्यमंत्री एस बंगारप्पा की बेटी और जनता दल (एस) की उम्मीदवार गीता शिवराजकुमार से है।
दूसरे प्रमुख उम्मीदवारों में एचडी देवेगौड़ा (हासन), केंद्रीय मंत्री एम वीरप्पा मोइली (चिकबलपुर), एचडी कुमारस्वामी (चिकबलपुर), एन धर्म सिंह (बीदर) और डीवी सदानंद गौड़ा (बंगलुरु उत्तर) हैं। ये सभी नेता पूर्व मुख्यमंत्री हैं।
अरविन्द केजरीवाल की आम आदमी पार्टी भी इस बार चुनावी मैदान में हैं। पार्टी ने सभी लोकसभा सीटों पर उम्मीदवार खड़े किए हैं, जिनमें प्रमुख उम्मीदवार बंगलुरु मध्य से चुनाव लड़ रहे इंफोसिस के पूर्व निदेशक वी बालकष्णन हैं। इसी तस्वीर के साथ वोटिंग जारी है और नेताओं के अर्श से फर्श व फर्श से अर्श पर पहुंचने की प्रक्रिया ज़ोर-शोर से ईवीएम की बटनों में कैद हो रही है।












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