Karnataka Congress Crisis: शिवकुमार खेमे के विधायकों का जत्था दिल्ली में डटा, BJP भी रख रही हालात पर नजर!
Karnataka Congress Crisis: कर्नाटक कांग्रेस में बवाल और बगावत की आशंका अब तक थमी नहीं है। मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के बीच चल रही अनबन पर बीजेपी भी नजर रखे हुए है। हालांकि, बीजेपी ने एक वीडियो जारी कर इसे नवंबर क्रांति के नाम से सोशल मीडिया पर शेयर किया है। इस बीच खबर है कि शिवकुमार खेमे के कई विधायक दिल्ली में डटे हुए हैं। कांग्रेस हाई कमान फिलहाल कोई बड़ा फैसला लेने से बच रही है।
सूत्रों के हवाले से दावा किया जा रहा है कि बिहार चुनाव के नतीजों ने पार्टी हाई कमान की चिंता काफी बढ़ा दी है। आने वाले दिनों में बंगाल और असम में भी चुनाव हैं। इसे देखते हुए पार्टी फिलहाल कर्नाटक में किसी तरह के बदलाव के पक्ष में नहीं है। दूसरी ओर डीके शिवकुमार अब शक्ति प्रदर्शन कर अपना स्पष्ट संदेश दिल्ली तक पहुंचाना चाहते हैं। इसलिए तकरार बरकरार है और सुलह की संभावना नहीं बन रही।

Karnataka Congress Crisis: डीके शिवकुमार का शक्ति प्रदर्शन
- सूत्रों के हवाले से कहा जा रहा है कि इंदिरा गांधी की जयंती के मौके पर कन्नड़ में डीके शिवकुमार ने एक पोस्ट किया था। पोस्ट का अर्थ है कि जहां प्रयास है वहां भक्ति है। माना जा रहा है कि वह हाई कमान को पुराना वादा याद दिला रहे हैं।
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- मीडिया रिपोर्ट्स की मानें, तो कांग्रेस की सरकार बनने पर डीके शिवकुमार को ढाई साल बाद सीएम बनाने का वादा किया गया था। अब वह उस वादे को पूरा कराने के लिए दबाव बना रहे हैं।
- बताया जा रहा है कि शिवकुमार समर्थक विधायकों का एक जत्था दिल्ली में डटा हुआ है। वह पार्टी के लिए ट्रबल शूटर रहे हैं। अगर हाई कमान उनकी अनदेखी करती है, तो वह कर्नाटक के शिंदे बन सकते हैं।
BJP क्यों मान रही इसे अपने लिए अवसर?
डीके शिवकुमार अब तक सीबीआई और ईडी के दबाव के सामने नहीं झुके हैं और लगातार पार्टी के लिए संकटमोचक की भूमिका में रहे। इसके बावजूद बीजेपी मौजूदा हालात पर नजर बनाए है। कांग्रेस के पास 135 विधायक हैं, लेकिन शिवकुमार अगर 35-40 विधायकों को लेकर अलग होते हैं, तो सरकार संकट में आ जाएगी। बीजेपी ऐसे आपदा में अवसर ढूंढ़ने की कला महाराष्ट्र से लेकर मध्य प्रदेश तक कर चुकी है। कर्नाटक की राजनीति के जानकारों का कहना है कि स्थिति वाकई में गंभीर है। डीके शिवकुमार अब कोई और त्याग करने के मूड में नहीं हैं।
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