कर्नाटक सरकार के अंदर चल क्या रहा है? मुख्यमंत्री सिद्दारमैया को लेकर केंद्रीय मंत्री ने किया बड़ा दावा
Karnataka Congress Politics: कर्नाटक में कांग्रेस सरकार के अंदर मचे घमासान के बीच वरिष्ठ बीजेपी नेता केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने सनसनीखेज दावा किया है।
उन्होंने कांग्रेस सरकार के अंदर से उठ रही अतिरिक्त मुख्यमंत्री बनाए जाने की मांग पर निशाना साधते हुए दावा किया है कि यह सब मुख्यमंत्री सिद्दारमैया की 'सोची-समझी योजना' के तहत हो रहा है।

डीके शिवकुमार की शक्तियां कम करना चाहते हैं सिद्दारमैया- प्रह्लाद जोशी
प्रह्लाद जोशी के मुताबिक सीएम सिद्दारमैया उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के पर कतरने के लिए यह सब कर रहे हैं। उन्होंने कहा, '...उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार की शक्तियां कम करने के लिए मुख्यमंत्री सिद्दारमैया ने सोची-समझी योजना बनाई है। यह उन दोनों के बीच अंदरूनी लड़ाई है। इसके चलते प्रशासन तबाह हो गया है.....'
कर्नाटक में हार के बाद कांग्रेस जनता से बदला ले रही है- केंद्रीय मंत्री
उन्होंने कहा कि 'कर्नाटक में कांग्रेस करीब-करीब खत्म हो गई है और वे लोग अब जनता से बदला ले रहे हैं। जहां तक औद्योगीकरण और विकास का सवाल है, कांग्रेस सरकार अतिरिक्त मुख्यमंत्री पद को लेकर राजनीति में उलझी हुई है, इससे बहुत ही ज्यादा असमंजस पैदा हो रही है।'
सब मीडिया का किया हुआ है- डीके शिवकुमार
वैसे शनिवार को ही डीके शिवकुमार ने दावा किया था कि अतिरिक्त उपमुख्यमंतरी बनाने की 'कोई मांग नहीं' है। उनका कहना है कि कुछ लोग सिर्फ खबरों में बने रहने के लिए यह सब कर रहे हैं। उन्होंने कहा, 'कोई मांग नहीं है। सब मीडिया का किया हुआ है। कुछ लोग सिर्फ अपना नाम खबरों में चमकाना चाहते हैं। यही है बस।'
कांग्रेस के मंत्री ने आला कमान से की ही मांग
इससे पहले सोमवार को कर्नाटक के मंत्री और कांग्रेस नेता केएन रजन्ना ने राज्य में अतिरिक्त उपमुख्यमंत्री नियुक्त करने की मांग की थी और पार्टी हाई कमान से उनके अनुरोध पर विचार करने के लिए कहा था।
उन्होंने कहा, 'लोकसभा चुनावों की वजह से इसमें देरी हो गई। मैं पार्टी हाई कमान से अपने अनुरोध पर विचार करने की मांग करता हूं। कई मंत्रियों को लगता है कि कांग्रेस पार्टी का समर्थन करने वाले समुदायों को उपमुख्यमंत्री के रूप में प्रतिनिधित्व दिया जाना चाहिए। लेकिन, मैं उम्मीदवार नहीं हूं।'
कर्नाटक में कांग्रेस सरकार के अंदर क्या चल रहा है?
बता दें कि पिछले कुछ दिनों से यह मुद्दा कर्नाटक की राजनीति में छाया हुआ है। अनुसूचित जाति/जनजाति और लिंगायत समेत मुसलमानों को भी उपमुख्यमंत्री के रूप में प्रतिनिधित्व देने की चर्चा सामने आ रही है।
उधर पहले एक वोक्कालिगा संत डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार को प्रमोशन देकर सीएम बनाने की मांग कर चुके हैं। तो इसके जवाब में एक लिंगायत संत ने भी उनके समुदाय के मंत्री को मुख्यमंत्री पद देने या डिप्टी सीएम के पद के विस्तार होने पर उसपर भी विचार करने की बात कही है।












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