"जब कुर्सी मिल जाए तो", डीके शिवकुमार के बयान ने मचाई सनसनी, क्या कर्नाटक में बदलने वाले हैं सीएम?
Karnataka CM post row: कर्नाटक की कांग्रेस सरकार के अंदरखाने में इन दिनों जंग छिड़ी हुई हैं। मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और उपमुख्यमंत्री डी के शिवकुमार के बीच सीएम की कुर्सी को लेकर खींचतान चल रही है। इस सबके बाद डिप्टी शिवकुमार ने ऐसा बयान दे दिया है जिसके बाद कर्नाटक में जल्द मुख्यमंत्री बदले जाने की अटकलें तेज हो गई हैं।
याद रहे चंद दिन पहले कांग्रेस पार्टी राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कर्नाटक में मुख्यमंत्री के पद बदलाव को लेकर संकेत दिए थे और अब कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता और डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार ने कहा कि अगर कुर्सी पर बैठने का मौका मिल जाए जाए तो उसे गंवाना नहीं चाहिए।

डीके शिवकुमार बोलेने क्या दिया बयान?
दरअसल, शुक्रवार को बैंगलोर एडवोकेट्स एसोसिएशन द्वारा सिटी सिविल कोर्ट में कैम्पोगौडा जयंती कार्यक्रम में डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार ने कहा, "मैं यहां पर कई वकीलों को देख रहा हूं, जो खाली कुर्सियां होने के बावजूद उस पर बैठ नहीं रहे हैं और हम सब कुर्सी के लिए लड़ रहे हैं। कुर्सी मिलना बहुत मुश्किल है इसलिए जब मिल जाए तो बैठ जाना चाहिए।"
क्या कर्नाटक में सीएम पोस्ट पर होने वाला है बदलाव?
डीके शिवकुमार ने कहा," ऐसा लग रहा है कि आप में से कई स्वभाव से त्याग करने वाले हैं, इतनी अच्छी बिल्डिंग और कुर्सियां बनवाई गई है, इसलिए जब भी मौका मिले उस पर बैठ जाना चाहिए। डिप्टी शिवकुमार की इस बयान से वहां मौजूद वकीलों ने ठहाके लगाए लेकिन इस ऐसा बयान देकर उन्होंने कर्नाटक का मुख्यमंत्री बनने की इच्छा एक बार फिर जाहिर कर दी है। साथ ही कर्नाटक में कांग्रेस सरकार में प्रतिनिधित्व बदलाव को लेकर संकेत भी माना जा रहा है।"
क्या शिवकुमार और सिद्धारमैया के बीच हुई थी ये डील?
गौरतलब है कि कर्नाटक में 2023 में भाजपा को चुनाव हराने के बाद कांग्रेस सत्ता में आई थी। तभी से दावा किया जा रहा था कि सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार के बीच ढाई-ढाई वर्ष के लिए सीएम की कुर्सी पर बैठने का समझौता हुआ था। हालांकि कांग्रेस ने ना ही खुलकर इस समझौते को स्वीकारा और ना ही इनकार किया है।
कांग्रेस विधायकने डीके शिवकुमार के सीएम बनने का किया था दावा
बता दें जून माह के अंमित सप्ताह में कांग्रेस विधायक एच ए इकबाल हुसैन ने दावा किया था कि कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डी के शिवकुमार को दो-तीन महीनों में कर्नाटक के मुख्यमंत्री बनने का मौका मिल सकता है। उन्होंने कहा था चुनाव जीतने के लिए सबसे ज्यादा मेहनत, योजना और रुचि डीके शिवकुमार ने दिखाई थी। शिवकुमार की रणनीति और कार्यक्रम अब मिसाल बन चुके हैं। हमें भरोसा है कि हाईकमान हालात को अच्छी तरह समझते हैं और सही समय पर शिवकुमार को मौका देने का निर्णय लेगा।"
मल्लिकार्जुन खड़गे के बयान से मिले थे ये संकेत
कांग्रेस विधायक के इस बयान के बाद ही कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कर्नाटक में नेतृत्व परिवर्तन की खबरों को सिरे से खारिज ना करते हुए ऐसा बयान दिया था जिसके बाद जिसके बाद सिद्धारमैया से सीएम की कुर्सी छिनना तय माना जा रहा था। खड़गे ने कहा था कि कर्नाटक का मुख्यमंत्री बदले जाने का फैसला हाईकमान के हाथ में है, हाईकमान के दिमाग में क्या चल रहा है ये कोई नहीं कह सकता।
सीएम पोस्ट पर बदलाव पर क्या बोले सिद्धारमैया?
हालांकि खड़गे के इस बयान के बाद कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने दावा किया था कि वो ही पूरे पांच साल तक सीएम की कुर्सी संभालेंगे, भाजपा केवल अफवाल उड़ा रही है। वहीं शुक्रवार को सिद्धारमैया ने एक बार फिर कहा मैं अपना कार्यकाल पूरा करुंगा और मुख्यमंत्री की कुर्सी अभी खाली नहीं हैं। नेतृत्व का सवाल आलाकमान के पास नहीं है इसे सुलझा लिया गया है। मुझे कांग्रेस आलाकमान का पूरा समर्थन है, अगर ऐसा नहीं होता तो मैं सीएम पद पर नहीं बना रहता।












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