कर्नाटक में कांग्रेस के Ahinda के जवाब में बीजेपी आजमाएगी 'हिंद' कार्ड, जानें क्या है इसकी रणनीति?
कर्नाटक में भाजपा ने कांग्रेस के अंहिदा समीकरण के खिलाफ अपनी अलग रणनीति तैयार की है, जिसे वह हिंद कार्ड कह रही है। सत्ताधारी पार्टी इस बार राज्य में कठिन चुनाव लड़ रही है।

कर्नाटक विधानसभा चुनावों में कांग्रेस के अहिंदा (Ahinda) समीकरण को बीजपी ने 'हिंद' कार्ड चलके काटने की तैयारी की है। कांग्रेस का अहिंदा समीकरण प्रदेश की चुनावी राजनीति के लिए काफी मजबूत माना जाता है और पिछले चुनावों में पार्टी इसकी फसल भी काट चुकी है। यह पूरी तरह से जातीय और धार्मिक समीकरण है। लेकिन, कठिन चुनाव का सामना कर रही भाजपा को भरोसा है कि वह अपने 'हिंद' कार्ड से इस मजबूत समीकरण को भी मात दे सकती है।

अहिंदा समीकरण बनाम हिंद कार्ड
भाजपा को भरोसा है कि कर्नाटक चुनाव में उसका हिंदुत्व, राष्ट्रवाद और विकास वाला 'हिंद' कार्ड कांग्रेस की जाति-आधारित अहिंदा वाली रणनीति को फेल कर देगा। ईटी की एक रिपोर्ट के मुताबिक भाजपा के महासचिव सीटी रवि ने कहा है कि अगले महीने होने वाले चुनाव के लिए कांग्रेस के पास अहिंदा समीकरण है तो उनकी पार्टी के पास 'हिंद' कार्ड है। गौरतलब है कर्नाटक में अबकी बार सत्ताधारी भाजपा को कांग्रेस से कड़ी चुनौती मिल रही है।

'हम वोट के लिए जातिवाद का सहारा नहीं लेते'
रवि के मुताबिक, 'अगर कांग्रेस के पास अहिंदा (कन्नड़ में दलित, पिछड़े और मुसलमानों को जोड़कर चुनावी मकसद से गढ़ा गया शब्द) रणनीति है, तो बीजेपी के पास हिंद कार्ड है, जिसका मतलब हिंदुत्व, राष्ट्रवाद और विकास का संग्रह है। हम वोट के लिए जातिवाद का सहारा नहीं लेते हैं।' उन्होंने कहा बीजेपी समाज को जोड़ने में भरोसा करती है, जिसका मकसद राष्ट्रहित में कार्य करना और पूर्ण विकास है।

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'हिंद का हमारा विचार कांग्रेस को मात देगा'
बीजेपी नेता ने उम्मीद जताई कि, 'हिंद का हमारा विचार चुनावों में लाभ के लिए समाज को जातियों में विभाजित करने की कांग्रेस के हथकंडे को मात देगा।' कर्नाटक के चिकमंगलूरु से चार बार के भाजपा विधायक का मानना है कि सबसे बड़ी बात ये है कि पार्टी के पास प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जैसा चेहरा है, जो 'देश के सर्वोच्च नेता और बीजेपी की सबसे बड़ी शक्ति हैं।' कर्नाटक विधानसभा चुनाव के लिए 10 मई को मतदान होना है और 13 मई को वोटों की गिनती होनी है।

येदियुरप्पा के मार्गदर्शन में चुनाव- बीजेपी
यही नहीं पार्टी महासचिव के मुताबिक बीजेपी बीएस येदियुरप्पा के 'मार्गदर्शन' में चुनाव लड़ रही है, जो कि प्रदेश में दल की गतिविधियों को लेकर बहुत ज्यादा सक्रिय हैं। गौरतलब है कि पूर्व मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा 75 वर्ष की आयु पार करने की वजह से सीएम पद छोड़ चुके हैं और पार्टी ने उन्हें शीर्ष संस्था राष्ट्रीय कार्यकारिणी का सदस्य बनाया है। इस चुनाव में बीजेपी पीएम मोदी और येदियुरप्पा को ही मुख्य चेहरे के तौर पर पेश कर रही है।

परिपक्व राजनीतिज्ञ हैं सीएम बोम्मई- भाजपा
भाजपा नेता ने मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई की भी सराहना की है और उन्हें 'परिपक्व राजनीतिज्ञ' बताया है। उनके मुताबिक कर्नाटक में आरक्षण कोटा में बदलाव करके और आंतरिक कोटा लागू करके उन्होंने सभी समुदायों को सामाजिक न्याय सुनिश्चित करने की दिशा में बहुत बड़ा कदम उठाया है। गौरतलब है कि बोम्मई को कांग्रेस लगातार कमजोर बताती है। लेकिन पार्टी का कहना है कि उन्होंने प्रदेश को बहुत अच्छे तरीक से संभाला है।













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