कर्नाटक चुनाव में क्या पार्टियां महिलाओं पर लगाएंगी दांव, देखें क्या कहता है 2018 चुनाव के जीत का आंकड़ा
कर्नाटक में राजनीतिक दलों को महिलाओं का वोट तो चाहिए लेकिन दरकिनार रही 'आधी आबादी", क्या इस बार के चुनाव में कांग्रेस, भाजपा, जेडीएस महिला उम्मीदवारों को अधिक मौका देकर चुनाव के मैदान में उतारेंगी?

कर्नाटक विधानसभा चुनाव की तारीख का ऐलान हो चुका है। राजनीतिक दल अपने जिताऊ कैंडीडेट की तलाश कर चुके हैं और अब एक के बाद एक उम्मीदवारों की लिस्ट जारी करेंगे। ऐसे में ये देखना अहम होगा कि प्रदेश की प्रमुख पार्टियां भाजपा, कांग्रेस और जेडीएस जिनके बीच इस चुनाव में सीधा मुकाबला होने जा रहा है उनकी ओर से किनती महिला उम्मीदवार चुनाव मैदान में उतारी जाती हैं ?
पिछले चुनावों में यहां तक सरकारों में कर्नाटक में महिलाओं का प्रतिनिधित्व काफी कम रहा है। ऐसा तब है जब कर्नाटक उन राज्यों की सूची में आता है जहां महिला वोटरों की संख्या और पुरुष वोटरों की संख्या में खासा अंतर नहीं है।
दरकिनार होती रही आधी-आबादी
राजनीति में महिलाओं की सहभागिता बढ़ाने की बात भले ही चल रही हो लेकिन जमीनी हकीकत इससे परे है। कर्नाटक केआंकड़ों के अनुसार राज्य में महिला आबादी का प्रतिशत 49 फीसदी है, इसके बावजूद महिलाओं को कभी भी चुनाव के एक प्रमुख घटक के रूप में नहीं देखा गया। कर्नाटक में 5.15 करोड़ मतदाताओं में से 2.55 करोड़ महिला मतदाता है।
कर्नाटक विधानमंडल में महज इतनी हैं महिलाएं
कर्नाटक के 224 सदस्यीय विधानमंडल में महज 11 महिलाएं हैं। जिसमें कांग्रेस से छह, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) से तीन, जनता दल (सेक्युलर) से एक, और एक मनोनीत सदस्य हैं। कर्नाटक विधान परिषद में तीन महिला विधायक है ये सभी भारतीय जनता पार्टी से हैं।
2018 में जीती थी महज इतनी महिला उम्मीदवार
2018 के चुनाव में 2,655 उम्मीदवार थे जिसमें 216 महिला उम्मीदवार थीं लकिन जीत केवल सात को ही मिली थी। बेलागावी जिला राज्य का वो जिला है जहां 2018 में राज्य से चुनी गई सता महिला विधायकों में से तीन महिला विधायक इसी जिले से चुनी गई थी। हालांकि 2013 के विधानसभा चुनाव में जो छह महिला विधायक जीती थी उनमें से सिर्फ एक महिला विधायक भाजपा की शशिकला अन्नासाहेब ने लगातार दूसरी बार जीत हासिल की थी।
नहीं दी गई कोई अहम जिम्मेदारी
2018 के चुनाव में जीत कर आईं इन विधायकों को ना ही पिछली जेडीएस -कांग्रेस की सरकार और ना ही वर्तमान भाजपा सरकार में महिला विधायकों को दरकिनार रखा गया है। कर्नाटक में महिला विधायकों की संख्या सिंगल नंबर में हैं वहीं हिंदी भाषी राज्यों में 10 प्रतिशत से अधिक महिला विधायक है जो जनता का प्रतिनिधित्व कर रही हैं।
कर्नाटक कांग्रेस इकाई के शीर्ष पर नहीं है कोई महिला नेता
देश की राष्ट्रीय पार्टी कांग्रेस की बात करें तो इसकी कर्नाटक इकाई में कोई भी शीर्ष नेता महिला नहीं है। कर्नाटक कांग्रेस के सभी सात शीर्ष नेता कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस कमेटी (केपीसीसी) के प्रमुख डी.के. शिवकुमार, पूर्व मुख्यमंत्री और विपक्ष के वर्तमान नेता सिद्धारमैया, और राज्य के सभी पांच कार्यकारी अध्यक्ष पुरुष हीं हैं।
केपीसीसी की महासचिव लगा चुकी हैं ये आरोप
कुछ समय पहले केपीसीसी की महासचिव कविता रेड्डी ने विधान परिषद चुनावों में पार्टी उम्मीदवारों के चयन को लेकर बवाल भी किया था। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर कांग्रेस पर 'पितृसत्तामक' और 'अन्यायपूर्ण' रवैया अपनाने का आरोप लगाया था। हालांकि कांग्रेस ने जनवरी महीने में दावा किया था कि वो इस बार के चुनाव में अधिक संख्या में महिला उम्मीदवारों को उम्मीदवार बनाने का दावा किया गया था।












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