Kargil Vijay Diwas: पीएम मोदी कारगिल वॉर मेमोरियल पर शहीदों को पीएम ने दी श्रद्धांजलि
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज कारगिल विजय दिवस की 25वीं वर्षगांठ पर देश वीर जवानों को श्रद्धांजलि देने के लिए कारगिल पहुंचे हैं। , प्रधानमंत्री लदाख स्थित कारगिल वॉर मेमोरियल पहुंचें और यहां उन्होंने कारगिल युद्ध के दौरान शहीद हुए जवानों को पुष्प अर्पित किया।
प्रधानमंत्री के दौरे को देखते हुए यहां सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। द्रास में स्थित कारगिल वॉर मेमोरियल के पास सुरक्षा को काफी बढ़ा दिया गया है। इस दौरान पीएम मोदी शिंकुन ला सुरंग परियोजना के लिए पहले विस्फोट का भी वर्चुअली शुभारंभ करेंगे।

आज लद्दाख की यह महान धरती कारगिल विजय के 25 वर्ष पूरे होने की साक्षी बन रही है। कारगिल विजय दिवस हमें बताता है कि राष्ट्र के लिए दिए गए बलिदान अमर होते हैं। दिन, महीने, वर्ष, सदियां गुजरती हैं। मौसम भी बदलते हैं, लेकिन राष्ट्र की रक्षा के लिए अपनी जान की बाजी लगाने वालों के नाम अमिट रहते हैं।
शिंकुन ला सुरंग परियोजना में निमू-पदुम-दारचा रोड पर लगभग 15,800 फीट की ऊंचाई पर 4.1 किलोमीटर लंबी ट्विन-ट्यूब सुरंग का निर्माण शामिल है। इस सुरंग का उद्देश्य लेह को हर मौसम में कनेक्टिविटी प्रदान करना है। इ सुरंग के एक बार पूरा हो जाने पर यह दुनिया की सबसे ऊंची सुरंग होगी।
इससे पहले पीएम मोदी ने एक्स पर पोस्ट करके लिखा 26 जुलाई भारत के हर नागरिक के लिए खास दिन है। हम कारगिल विजय दिवस की 25वीं वर्षगांठ मना रहे हैं। यह दिन देश के जवानों को याद करने का है जिन्होंने देश की रक्षा में अपने प्राण न्योछावर कर दिए।
मैं कारगिल वॉर मेमोरियल जाऊंगा और वहां देश की वीर बहादुरों को श्रद्धांजलि अर्पित करूंगा। इसके साथ ही शिंकुन ला टनल प्रोजेक्ट की भी शुरुआत करूंगा। यह प्रोजेक्ट खराब मौसम में लेह में कनेक्टिविटी को बेहतर करने में अहम भूमिका निभाएगा।
बता दें कि कारगिल विजय दिवस 1999 में ऑपरेशन विजय की सफलता की याद में हर वर्ष 26 जुलाई को मनाया जाता है। भारतीय सेना ने कारगिल सेक्टर में रणनीतिक ठिकानों पर आज के दिन फिर से नियंत्रण हासिल करने में सफलता प्राप्त की थी। यहां पाकिस्तानी सैनिकों और आतंकवादियों ने घुसपैठ करके इसपर कब्जा किया था।












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