कितनी है बेगूसराय से चुनाव लड़ रहे कन्हैया कुमार की संपत्ति, क्या करते हैं काम ?
नई दिल्ली। जेएनयू छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष और सीपीआई के टिकट से बेगूसराय से लोकसभा चुनाव लड़ रहे कन्हैया कुमार ने मंगलवार को अपना नामाकंन पत्र दाखिल कर दिया। कन्हैया कुमार के नामाकन जुलूस में हर उम्र व वर्ग के लोग शामिल रहे। सबसे अधिक संख्या नौजवानों की रही। उनका उत्साह देखते ही बन रहा था। उनके नामांकन के जुलूस में फिल्म अभिनेत्री स्वरा भास्कर, सामाजिक कार्यकर्ता, तीस्ता शीतलवाड़, सीपीआई नेता अतुल अंजान, सीपीएम नेता हनान मुल्ला, जेएनयू छात्र संघ की पूर्व उपाध्यक्ष शेहला रशीद, पूर्व सचिव रामा नागा, छात्र नजीब की मांग फातिमा नसीम, गुजरात के विधायक जिग्नेश मेवानी, गुरमेहर कौर आदि मौजूद रहे। कन्हैया ने अपने नामाकंन पत्र में खुद को बेजरोजगार बताया है। वहीं उन्होंने अपनी कुल संपत्ति 8 लाख रुपए बताई है।

8.5 लाख रुपए बताई संपत्ति
नामांकन के लिए पेश किए गए हलफनामे में कन्हैया कुमार ने 2018-19 में अपनी कुल आय 2,28,290 रुपये बताई है। जबकि 2017-18 में उन्होंने अपनी कुल आमदनी 6,30,360 दिखाई है। इस हिसाब से उनके पास लगभग 8.5 लाख रुपए की संपत्ति है। कन्हैया ने अपने नामांकन पत्र में दो वित्त वर्ष की जानकारी दी है। हालांकि आमतौर पर नामाकंन के हलफनामें में प्रत्याशियों से पांच साल की वित्तीय ब्योरा मांगा जाता है। वहीं कन्हैया ने पेश वाले कॉलम में खुद को बेरोजगार और स्वतंत्र लेखक बताया है। उनके पास बेगूसराय के बीहट गांव में विरासत में मिली मात्र 1.5 डिसमिल गैर कृषि योग्य जमीन है।
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कन्हैया ने खुद को बताया बेरोजगार
चुनाव आधिकारी के समक्ष पेश किए गए अपने हलफनामे में कन्हैया कुमार ने बताया कि अभी उनके पास 24,000 रुपए नगद हैं, जबकि एक बैंक अकाउंट में 16,3647 और दूसरे में 50 रुपये जमा हैं। इसके आलावा कन्हैया ने अपनी आय को प्रमुख स्रोत किताबों और विभिन्न जगहों पर दिए गए व्याख्यानों की रॉयल्टी के तौर पर पेश किया है। वहीं अपराधिक रिकॉर्ड वाले कॉमल में कन्हैया ने अपने उपर पांच मुकदमों का जिक्र किया है। जो कि उनके जेएनयू के अध्यक्ष रहते हुए दर्ज किए गए थे। हलफनामे के मुताबिक कन्हैया पर धार्मिक सद्भाव बिगाड़ने, अनाधिकृत सभा करने, सरकारी काम में बाधा डालने, धारा 124 A के तहत नारेबाजी करने समेत कुल पांच आपराधिक मामले दर्ज हैं और सभी लंबित हैं।

खुली जीप में नामांकन करने पहुंचे थे कन्हैया
मंगलवार को खुली जीप में कन्हैया के साथ पूर्व सांसद शत्रुघ्न प्रसाद सिंह, पूर्व विधायक अवधेश राय, गुजरात बडगाम के विधायक जिग्नेश मेवानी, पूर्व विधान पार्षद उषा सहनी आदि जनता का अभिभावदन करते हुए चल रहे थे। रैली में बड़ी संख्या में अल्पसंख्यक भी शामिल हुए। हाथों में लाल झंडा लिए युवा जोरशोर से नारे लगा रहे थे। कन्हैया के इस रोड शो को अभूतपूर्व जनसमर्थन मिला। बेगूसराय-जीरोमाइल की दूरी गाड़ियों के काफिले व पैदल लोगों ने कम कर दिए। सुबह 10 बजे से शुरू हुआ काफिला दो बजे तक रहा। कन्हैया कुमार का गृहजिले बेगूसराय में उनका मुकाबला भाजपा नेता और केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह और राजद के तनवीर हसन से है।

कन्हैया पूरे देश में संघर्ष का प्रतीक बन चुके हैं
कन्हैया के नामांकन में शिरकत करने पहुंची फिल्म अभिनेत्री स्वरा भास्कर ने कहा कि कन्हैया पूरे देश में संघर्ष का प्रतीक बन चुके हैं। वे किसान, छात्र, शिक्षा व रोजगार के मुद्दे को लेकर बेखौफ आवाज बुलंद करते हैं। यही बात आकर्षित करती है। इसलिए मैं उनके समर्थन में मुंबई से बेगूसराय पहुंची हूं। जेएनयू से गायब हुए छात्र नजीब की मां फातिमा नसीम कहती हैं कि उनका बेटा ढाई साल पहले जेएनयू से अचानक गायब हो गया। उसकी तलाश में वह भटक रही हैं। कन्हैया ही वह शख्स है जिसने बिना जाति-धर्म का भेदभाव किए मेरे बेटे के लिए आवाज उठाई है।
यहां देखें कन्हैया कुमार का पूरा नामाकंन हलफनामा
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