कमलनाथ ने बताया उनके कौन-कौन से अच्छे काम भाजपा को रास नहीं आए
नई दिल्ली- मध्य प्रदेश में कई दिनों के सियासी ड्रामे के बाद आज मुख्यमंत्री कमलनाथ ने अपने पद से इस्तीफे का ऐलान कर दिया है। इस दौरान उन्होंने अपनी सरकार को अस्थिर करने का सारा दोष भाजपा पर लगा दिया। उन्होंने आरोप लगाए कि भाजपा को 15 महीने में उनके जन हितैषी कार्य रास नहीं आए, इसीलिए भय और बौखलाहट में भाजपा वाले उनके खिलाफ निरंतर साजिश करते रहे।.
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उन्होंने कहा कि शुरू में कहते थे 15 दिन सरकार नहीं चलेगी, ये महीने दिन की सरकार है। पहले दिन से ही षड़यंत्र रचना शुरू किया था। फिर भी हमने अपना कार्य शुरू किया। लेकिन उन्होंने हमारे 22 विधयाकों को प्रलोभन देकर बंधक बनाकर रखने का काम किया। कमलनाथ ने कहा कि जनता सच्चाई जानती है। करोड़ों रुपये खर्च करके प्रलोभन का खेल खेला गया, जिसका पूरा प्रदेश गवाह है। मुख्यमंत्री ने कहा है कि एक महाराज और उनके 22 लोगों के साथ मिलकर भाजपा ने लोकतांत्रिक मूल्यों की हत्या की है, जिसकी सच्चाई सामने आएगी। उनका आरोप है कि जनता से धोखा करने वालों को मध्य प्रदेश की जनता कभी माफ नहीं करेगी।
कमलनाथ ने कहा कि मेरी इच्छा जनता को शक्तिशाली बनाने की थी। 15 महीनो में हमने कई बार बहुमत साबित किया। लेकिन, मेरी सरकार को अस्थिर किया। मध्य प्रदेश की 7.5 करोड़ जनता के साथ विश्वासघात किया गया है। उनका दावा है कि उनकी सरकार नई दिशा में चल रही थी, विकास की दिशा में चल रही थी, इसलिए भाजपा वाले चिंतित हो गए थे।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में कमलनाथ ने कहा कि हमने अपने 15 महीने के कार्यकाल में माफियाओं को खत्म करने का काम किया, जबकि भाजपा को यहां सरकार चलाने के लिए 15 साल मिले थे।
कमलनाथ ने अपनी सरकार की उपलब्धियों को भी गिनवाया और कहा कि हमने आम लोगों के लिए काम किया, लेकिन ये भाजपा को रास नहीं आया। हमारी सरकार पर किसी तरह का आरोप नहीं लगा। भाजपा ने राज्य के किसानों के साथ भी धोखा किया और हमें उनके लिए काम नहीं करने दिया।












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