कमलनाथ बोले- राहुल गांधी सही कह रहे हैं, मैंने की थी इस्तीफे की पेशकश

भोपाल: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ ने गुरुवार को कहा कि हाल में संपंन्न लोकसभा चुनाव में पार्टी की हार के बाद उन्होने कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष पद से इस्तीफे की पेशकश की थी। कमलनाथ का बयान कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी की उस टिप्पणी के एक दिन बाद आया है जिसमें उन्होंने कहा था कि मुझे इस बात का दुख है कि मेरे इस्तीफे के बाद किसी मुख्यमंत्री, महासचिव या प्रदेश अध्यक्ष ने हार की जिम्मेदारी नहीं ली और ना ही इस्तीफा दिया।

कमलनाथ ने ली हार की जिम्मेदारी

कमलनाथ ने ली हार की जिम्मेदारी

कमलनाथ ने कहा कि वो मध्यप्रदेश में लोकसभा चुनाव में हार की जिम्मेदारी लेते हैं। मध्यप्रदेश की 29 लोकसभा सीटों में से कांग्रेस को मात्र एक सीट मिली थी। कमलनाथ के बेटे नकुल नाथ ने छिंदवाड़ा से जीत हासिल की। वही बीजेपी ने विधानसभा चुनाव के प्रदर्शन को पीछे छोड़ते हुए 27 सीटें जीती। कमलनाथ ने कहा कि मैंने मध्यप्रदेश में लोकसभा चुनाव में कांग्रेस की हार की जिम्मेदारी ली है। मैं नहीं जानता कि इसके लिए कौन जिम्मेदार है, लेकिन मैंने पहले इस्तीफे की पेशकश की थी। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी सही कह रहे हैं। बाकी नेताओं के बारे में नहीं पता, लेकिन मैं हार की जिम्मेदारी लेता हूं।

राहुल पार्टी नेताओं के इस्तीफे ना देने से दुखी

राहुल पार्टी नेताओं के इस्तीफे ना देने से दुखी

राहुल गांधी से बुधवार को यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने एकबार फिर गुजारिश की कि वे इस्तीफे का अपना फैसला बदल लें। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक उन्हीं में से एक कांग्रेस नेता ने राहुल से कहा कि सर, जब ये सामूहिक हार है और यह सबकी जिम्मेदारी बनती है, तो सिर्फ आप ही इस्तीफा क्यों देंगे? इस पर कांग्रेस अध्यक्ष ने बेहद भावुक होकर उस नेता से कहा कि उन्हें इस बात का बहुत दुख है कि उनके इस्तीफे के बाद भी किसी मुख्यमंत्री, पार्टी महासचिव या प्रदेश अध्यक्षों ने हार की जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा नहीं दिया।

राहुल इस्तीफे पर अड़े

राहुल इस्तीफे पर अड़े

गौरतलब है कि राहुल गांधी अभी भी अपने इस्तीफे की पेशकश पर अड़े हुए हैं। उन्होंने कांग्रेस नेताओं के अनुरोध को ठुकरा दिया है। इसके बाद से पार्टी में अनिश्चिता का माहौल है। हालांकि राहुल ने कहा कि वो पार्टी में सक्रिय रहेंगे। उन्होंने कांग्रेस नेताओं से गांधी परिवार से बाहर नया अध्यक्ष खोजने के लिए कहा है। लेकिन एक महीने बीत जाने के बाद भी पार्टी नया अध्यक्ष पद नहीं खोज पाई है और नेता राहुल को मनाने में जुटे हैं। मध्यप्रदेश की बात की जाए तो साल 2018 में प्रदेश अध्यक्ष पद की कमान संभालने के बाद कमलनाथ ने 15 साल के वनवास को खत्म करते हुए राज्य में कांग्रेस की सत्ता वापसी कराई। पिछले साल नवंबर में मध्यप्रदेश में हुए विधानसभा चुनाव के बाद मुख्यमंत्री बनने के बाद भी उन्होंने अध्यक्ष पद से इस्तीफे की पेशकश की थी।

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