पाकिस्तान से नफरत नहीं करना चाहते कमल हासन,बापू से करते एकता की बात
मशहूर कलाकार कमल हासन ने एक मीडिया कांफ्रेंस में कहा पाकिस्तान से नफरत नहीं करना चाहते बल्कि भारत और पाकिस्तान के बीच बने बॉर्डर को मिटा देना चाहते हैं।
चेन्नई। मशहूर एक्टर कमल हासन ने कहा है कि वह पाकिस्तान से नफरत नहीं करना चाहते हैं। कमल हासन ने तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई में एक प्रेस काफ्रेंस के दौरान यह बात कही। कमल इस प्रेस कांफ्रेंस में तमिलनाडु में जारी विवाद जल्लीकट्टू पर जारी बैन पर बोल रहे थे और यहीं पर उन्होंने यह बात कही।

सीमाओं को मिटाना चाहते हैं कमल
कमल हासन ने कहा कि वह पाकिस्तान से नफरत नहीं करना चाहते हैं बल्कि वह चाहते हैं कि भारत और पाकिस्तान की सीमाओं को मिटा सकें। कमल की मानें तो दोनों देशों के बीच बॉर्ड्स को हमने ही बनाया है। कमल ने कहा कि अगर उनका जन्म वर्ष 1924 में होता तो वह महात्मा गांधी से एक बस एक मांग करते। कमल के मुताबिक वह बापू से भारत और पाकिस्तान के बीच एकता की बात करते। कमल की इस बात पर कितना विवाद होगा यह तो आने वाला समय बताएगा लेकिन उनकी यह बात कुछ लोगों को अखर सकती है। कमल ने पहली बार भारत-पाकिस्तान को लेकर इस तरह का बयान नहीं दिया है। फरवरी 2016 में वह हार्वर्ड यूनिवर्सिटी में छात्रों के बीच थे और यहां पर भी उन्होंने कुछ ऐसी ही बातें कहीं थीं।
वर्ष 2016 में क्या बोले थे कमल
पिछले वर्ष जब देश में सहिष्णुता और असहिष्णुता पर बहस चल रही थी तो कमल ने काफी अहम बातें कही थीं। कमल ने उस समय पाकिस्तान-बांग्लादेश को भारत के दो हाथ करार दिया था। कमल ने कहा था कि देश पहले ही अपने दो हाथ- बांग्लादेश और पाकिस्तान गंवा चुका है। ऐसे में अब सारी कोशिशें एकता और अखंडता को बनाए रखने के लिए ही की जानी चाहिए। कमल ने देशवासियों से अपील की थी कि वे मुस्लिमों या हिंदुओं को अपने सह नागरिकों की तरह स्वीकार करें। हार्वर्ड में उन्होंने कहा था कि भारतीय झंडे से हरे रंग को बाहर नहीं निकाल जा सकता है। भारत एक स्वेटर की तरह है जो पहले से ही हरे रंग के धागों से बुना हुआ है। आप इसे (हरे धागे को) हटा नहीं सकते हैं।












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