कैराना में विपक्षी एकजुटता के आगे काम ना आई मोदी की बागपत रैली और मेगा रोड शो?
नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश के कैराना लोकसभा सीट और नूरपुर विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव में बीजेपी हार गई है। विपक्षी एकजुटता का असर इस उपचुनाव के नतीजों में साफ दिखाई दे रहा है। ये हालात तब हैं जबकि खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कैराना उपचुनाव से ठीक पहले यूपी के बागपत में रैली की थी। इतना ही नहीं उन्होंने दिल्ली में बाकायदा रोड-शो भी किया। बीजेपी की रणनीति पर गौर करें तो पीएम मोदी का पूरा कार्यक्रम इस ढंग से रखा गया जिससे इसका असर कैराना-नूरपुर उपचुनाव पर भी पड़े। हालांकि विपक्ष के एकजुट होने से बीजेपी का ये दांव कामयाब होता नजर नहीं आया। पढ़िए खास विश्लेषण...

विपक्षी एकजुटता के आगे मोदी फैक्टर फेल!
क्या 2019 के लोकसभा चुनाव में विपक्षी पार्टियों की एकजुटता के आगे भारतीय जनता पार्टी की मुश्किलें बढ़ने वाली हैं? यूपी के कैराना लोकसभा सीट और नूरपुर विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव के नतीजे देखने के बाद ये सवाल उठे हैं। इस उपचुनाव में विपक्षी पार्टियों के साथ आने का असर नतीजों में दिखाई दे रहा है। दोनों ही सीटों पर बीजेपी हारती दिख रही है। विपक्षी उम्मीदवार इस चुनाव में बड़ी जीत की ओर बढ़ रहा है। इस बार के उपचुनाव में सबसे खास बात ये देखने को मिली कि इसमें पीएम मोदी का भी असर देखने को नहीं मिला।

उपचुनाव से ठीक एक दिन पहले पीएम मोदी ने बागपत में की थी रैली
कैराना-नूरपुर सीटों पर उपचुनाव से ठीक एक दिन पहले यानी 27 मई को पीएम मोदी ने यूपी के बागपत में चुनावी रैली को संबोधित किया। इस रैली को लेकर विपक्ष की ओर से सवाल भी उठाए गए। विपक्ष का आरोप था कि अगर पीएम मोदी की रैली होती है तो इसका असर 28 मई को होने वाली वोटिंग पर पड़ेगा। विपक्ष के विरोध के बावजूद प्रधानमंत्री की बागपत में रैली हुई। इस दौरान उन्होंने अपनी सरकार के विकास कार्यों का जिक्र जनता के सामने किया। साथ ही पीएम मोदी ने प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार की भी जमकर तारीफ की। हालांकि बीजेपी का ये दांव उपचुनाव में कामयाब होता नहीं दिखा।

पीएम मोदी ने दिल्ली में रोड-शो भी किया
रैली ही नहीं पीएम मोदी ने उपचुनाव से ठीक पहले दिल्ली में रोड-शो भी किया। सरकार के चार साल पूरा होने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश को सबसे हाईटेक ईस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेस-वे की सौगात देशवासियों को दिया। इसके अलावा पीएम मोदी ने दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे के 9 किलोमीटर लंबे खंड का उद्घाटन भी प्रधानमंत्री ने किया। पीएम मोदी ने इस दौरान इस रोड पर उन्होंने रोड शो भी किया। जिस तरह से ये पूरा कार्यक्रम रखा गया, कहीं न कहीं पार्टी को उम्मीद थी कि इसका असर उपचुनाव में दिखेगा। हालांकि ऐसा नतीजों में नजर नहीं आया।

महागठबंधन से बढ़ी बीजेपी की मुश्किलें
फिलहाल कैराना और नूरपुर के नतीजों पर गौर करें तो साफ नजर आ रहा कि मोदी फैक्टर भी इस बार कामयाब होता नहीं दिखाई दिया। पीएम मोदी के अलावा खुद यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने भी कैराना में कई रैली की। उन्होंने सपा मुखिया अखिलेश यादव पर निशाना साधा। हालांकि जनता ने नतीजों में कहीं न कहीं विपक्षी एकजुटता पर ही मुहर लगाई। बता दें कि कैराना लोकसभा उपचुनाव में सपा समर्थित आरएलडी उम्मीदवार तबस्सुम हसन ने जीत दर्ज की है। उन्होंने बीजेपी उम्मीदवार मृगांका सिंह को करारी शिकस्त दी। मृंगाका सिंह, पूर्व सांसद हुकुम सिंह की बेटी हैं। बीजेपी सांसद हुकुम सिंह के निधन के बाद खाली हुई सीट पर पार्टी ने उनकी बेटी मृगांका सिंह को उम्मीदवार बनाया।












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