कादर ख़ान: बाबा रामदेव के यहाँ हुआ था इलाज
कनाडा के एक अस्पताल में भर्ती फ़िल्म अभिनेता और संवाद लेखक कादर खान की मौत हो गई है. उनके बेटे सरफ़राज़ ने बताया कि "हमारे अब्बा दुनिया छोड़ गए हैं."
कादर खान करीब दो साल पहले स्वामी रामदेव के हरिद्वार स्थित पतंजलि केंद्र में भी अपने उपचार के लिए दाखिल रहे थे. पतंजलि आयुर्वेद के प्रबंध निदेशक आचार्य बालकृष्ण ने बताया कि "तब उनकी तबीयत में काफ़ी सुधार हुआ था".
बालकृष्ण बताते हैं,"वह हमारे यहाँ इलाज़ के लिए आए थे. उनके सुपुत्र भी उनके साथ थे. हम लोगों ने उनकी खूब सेवा की. तब वह काफी प्रसन्न थे. सुनने में आया तब उनकी आवाज़ चली गयी थी. साथ ही यह भी कि वह चल भी नहीं पाते थे."
दिग्गज अभिनेता कादर ख़ान का निधन
वे कहते हैं, "आवाज़ का यह था कि जब वह आए तब मुश्किल से बहुत ही कम और धीमे से बोल पाते थे लेकिन हमारे इलाज से उनको काफी लाभ हो रहा था, और वह ठीक से बोलने लग गए थे. यह ठीक है कि पहले वह खड़े भी नहीं हो पाते थे लेकिन इलाज के बाद वह चलने लग गए थे".
आचार्य बालकृष्ण बताते हैं कि "उनकी मूल बीमारी अलज़ाइमर थी. दुनिया में अलज़ाइमर को जड़ से ख़त्म करने का कोई इलाज़ नहीं है. पर उनको हमारे यहाँ इलाज से काफी लाभ हो रहा था."
बालकृष्ण याद करते हैं, "वे हमारे यहां शायद 10 या 15 दिन तो रुके ही होंगे हालांकि मैं उनको पहले से नहीं जानता था लेकिन उनका व्यवहार बड़ा अच्छा था. मस्त-मौला किस्म के आदमी थे. खूब इधर-उधर की बहुत-सी बातें, किस्से-कहानी सुनाते थे.".
निधन की अफ़वाहें
कादर खान को प्रोग्रेसिव सुपरन्यूक्लियर पाल्सी डिसऑर्डर नाम की बीमारी थी, टोरंटो. जिसमें संतुलन बिगड़ने की वजह से चलना मुश्किल हो जाता है, इसीलिए वह पिछले कुछ बरसों से व्हीलचेयर पर थे.
पिछले पांच सालों में कादर ख़ान के निधन के बारे में कई बार अफ़वाहें फैली थी. 30 दिसंबर की रात को भी ऑल इंडिया रेडियो के हवाले से अफ़वाह फैल गई थी कि उनकी मौत हो गई है, जिसके बाद उनके बेटे ने बताया था कि कादर ख़ान जीवित हैं.
इसके 24 घंटे के भीतर उनकी मृत्यु हो गई.
कादर ख़ान के निधन की अफ़वाह पहली बार फरवरी 2013 में आई थी. उसके बाद मार्च अप्रैल 2016 में फिर ऐसी खबर आई. फिर 2017 में भी एक दो बार ऐसा हुआ. अप्रैल 2018 में भी यह अफ़वाह फैली कि कादर खान नहीं रहे.
कादर खान और उनका परिवार इन अफवाहों से इतना परेशान हो उठा था कि कुछ समय पहले कादर खान ने खुद कहा था-'मैं जिंदा हूँ. मेरे बारे में मेरी मौत की अफवाहें न फैलाए, इससे मेरे परिवार को काफी तकलीफ पहुँचती है. एक दिन तो सभी को जाना है, मौत से किसी को छुटकारा नहीं मिलता. मैं भी आप सभी की दुआओं को लेकर जाऊँगा."
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