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'कड़कनाथ' कालीमासी मुर्गे के दाम सुनकर दंग रह जाएंगे, मार्केट में है भारी डिमांड

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    Kadaknath Chicken is in high Demand, here's Why । वनइंडिया हिंदी

    नई दिल्ली। छत्तीसगढ़ में इन दिनों मुर्गे की एक प्रजाति ने धूम मचा रखा है। नक्सली प्रभावित क्षेत्र दंतेवाड़ा में 'कड़कनाथ' मुर्गे जिसे स्थानीय लोग 'कालीमासी' भी कहते हैं, काफी पसंद किए जा रहे हैं। ये मुर्गे काले रंग के होते हैं और इनका मीट आम रेट से काफी ज्यादा होता है। कालीमासी मुर्गा की बोली 500-600 रुपये किलो के हिसाब से लगती है।

    Kadaknath Chicken

    दंतेवाड़ा क्षेत्र में कालीमासी मुर्गे का व्यवसाय भी तेजी से बढ़ रहा है। इन मुर्गों को पालने वाले एक व्यवसायी का कहना है कि उन्हें इन मुर्गों से 6 महीने में 2-2.5 लाख कमाई की उम्मीद है। जहां कालीमासी मुर्गों का दाम 500-600 रुपये किलो है, वहीं आम चिकन 180-200 रुपये किलो बिक रहे हैं। कालीमासी मुर्गे भले ही दंतेवाड़ा में धूम मचाए हुए हों लेकिन ये मध्य प्रदेश के झाबुआ जिले के कहे जाते हैं।

    कालीमासी मुर्गों से अगर बंपर कमाई है तो इनके पालन में भी अच्छी-खासी रकम खर्च करनी पड़ती है। हजार कालीमासी मुर्गों के पालन में तकरीबन 5.23 लाख रुपये का खर्च आता है जिसपर सरकार 90 प्रतिशत सब्सिडी दे रही है।

    सरकार केवल पहले सीजन में ही सब्सिडी देती है। इन मुर्गों के पालन को बढ़ावा देने में दंतेवाड़ा के जिला प्रशासन की अहम भूमिका है। प्रशासन ने लक्ष्य निर्धारित किया है कि 2018 तक इन मुर्गों की संख्या 76,000 से 1.5 लाख पहुंचानी है। इसलिए सरकार इस पर पहले सीजन 90 प्रतिशत सब्सिडी और अगले सीजन 10 प्रतिशत सब्सिडी दे रही है।

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    English summary
    Kadaknath Chicken Is In Demand In Chhattisgarh, Kali Masi Rates Are Higher Than The Normal Breed
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